facebookmetapixel
सोना, शेयर, बिटकॉइन: 2025 में कौन बना हीरो, कौन हुआ फेल, जानें हर बातट्रंप ने JP Morgan पर किया 5 अरब डॉलर का मुकदमा, राजनीतिक वजह से खाते बंद करने का आरोपShadowfax Technologies IPO का अलॉटमेंट आज होगा फाइनल, फटाफट चेक करें स्टेटसGold and Silver Price Today: सोना-चांदी में टूटे सारे रिकॉर्ड, सोने के भाव ₹1.59 लाख के पारSilver के बाद अब Copper की बारी? कमोडिटी मार्केट की अगली बड़ी कहानीAI विश्व शिखर सम्मेलन में शामिल होंगे स्पेन के 80 विश्वविद्यालयों के रेक्टरभारत–कनाडा सहयोग को नई रफ्तार, शिक्षा और व्यापार पर बढ़ा फोकसIndia-EU trade deal: सीमित समझौते से नहीं मिल सकता पूरा लाभनागर विमानन मंत्री नायडू बोले: भारत अब उभरती नहीं, वैश्विक आर्थिक शक्ति हैजल्द लागू होगा DPDP ऐक्ट, बड़ी कंपनियों के लिए समय-सीमा घटाने की तैयारी

यूरोप में महंगाई दर घटकर 5.5 प्रतिशत पर आई, पर ब्याज वृद्धि पर अभी लगाम लगने की संभावना नहीं

मुख्य मंहगाई एक महीने पहले के 5.3 प्रतिशत से थोड़ा बढ़कर 5.4 प्रतिशत हो गई। इसमें उतार-चढ़ाव वाले खाद्य और ईंधन की कीमतों को शामिल नहीं किया जाता है।

Last Updated- June 30, 2023 | 5:27 PM IST
Inflation in Europe came down to 5.5 percent, but there is no possibility of curbing interest hike

यूरोप में महंगाई में एक बार फिर जून में गिरावट आई है। हालांकि यह गिरावट इतना पर्याप्त नहीं है जिससे खरीदारों को राहत देने या अधिक ब्याज दरों में बढ़ोतरी को रोका जा सके।

यूरोपीय संघ (EU) सांख्यिकी एजेंसी यूरोस्टेट ने शुक्रवार को कहा कि वार्षिक दर 20 देशों में मई के 6.1 प्रतिशत से घटकर जून में 5.5 प्रतिशत पर आ गई है। हालांकि यह अक्टूबर के 10.6 प्रतिशत की तुलना में काफी नीचे आ गई है, लेकिन अमेरिका, यूरोप और ब्रिटेन में लगातार ऊंची कीमतों ने दुनिया के कुछ शीर्ष केंद्रीय बैंकों को यह स्पष्ट करने के लिए प्रेरित किया है कि वे दरें बढ़ाना जारी रखेंगे और उन्हें तब तक वहीं छोड़ देंगे, जब तक महंगाई अपने दो प्रतिशत के लक्ष्य तक नहीं आ जाती।

महंगाई के इस स्तर को अर्थव्यवस्था के लिए अच्छा माना जाता है। उपभोक्ताओं को ऊर्जा कीमत के स्तर पर राहत मिली है, जिनमें पिछले साल के संकट के बाद 5.6 प्रतिशत की गिरावट आई है। वहीं खाद्य महंगाई घटकर 11.7 प्रतिशत पर रही जबकि मई में 12.5 प्रतिशत थी।

मुख्य मंहगाई एक महीने पहले के 5.3 प्रतिशत से थोड़ा बढ़कर 5.4 प्रतिशत हो गई। इसमें उतार-चढ़ाव वाले खाद्य और ईंधन की कीमतों को शामिल नहीं किया जाता है और यह दीर्घकालिक मूल्य दबावों की स्पष्ट तस्वीर पेश करती है।

First Published - June 30, 2023 | 5:00 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट