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भारत ने श्रीलंका को 11 हजार टन चावल की खेप भेजी

Last Updated- December 11, 2022 | 7:57 PM IST

गंभीर आर्थिक संकट एवं आवश्यक वस्तुओं की कमी का सामना कर रहे श्रीलंका को उसके नववर्ष उत्सव से पहले भारत ने 11 हजार टन चावल की खेप भेजी है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने श्रीलंका स्थित भारतीय उच्चायोग का ट्वीट जारी कर यह जानकारी दी। पिछले सप्ताह भी बहुआयामी सहायता के तहत 16 हजार टन चावल की आपूर्ति की गई थी।

दवा की कमी से बढ़ा दबाव
श्रीलंका के सरकारी डॉक्टरों के संगठन ने एक आपात अपील करते हुए अस्पतालों में दवाओं की आपूर्ति का आग्रह किया। डॉक्टरों की ट्रेड यूनियन सरकारी मेडिकल अधिकारी संघ (जीएमओए) ने एक पोर्टल शुरू किया है जिसके जरिये दवाओं और खाद्य पदार्थों के दान का अनुरोध किया जा रहा है। अभूतपूर्व आर्थिक संकट से जूझ रहे श्रीलंका में दवाओं की किल्लत से फौरी राहत पाने के लिए यह अपील की जा रही है। जीएमओए की ओर से जहां दवाओं की कमी के चलते दान का अनुरोध किया जा रहा है वहीं, देश की सरकार के सूचना विभाग ने औषधि की किल्लत के दावों का खंडन किया है। एक बयान में कहा गया कि आवश्यक दवाओं और अन्य खाद्य पदार्थों की कमी की खबरें गलत हैं।    

‘कश्मीर का शांतिपूर्ण समाधान हो’
पाकिस्तान के नवनियुक्त प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने मंगलवार को भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उन्हें बधाई देने के लिए धन्यवाद दिया और कहा कि उनका देश भारत के साथ शांतिपूर्ण और सहयोगात्मक संबंध चाहता है। शरीफ ने हालांकि इस बात पर जोर दिया कि जम्मू-कश्मीर सहित लंबित विवादों का शांतिपूर्ण समाधान अपरिहार्य है।
मोदी के बधाई संदेश का जवाब देते हुए शरीफ ने ट्वीट किया, ‘पाकिस्तान भारत के साथ शांतिपूर्ण और सहयोगात्मक संबंध चाहता है। जम्मू-कश्मीर सहित लंबित विवादों का शांतिपूर्ण समाधान अपरिहार्य है। आतंकवाद से लडऩे में पाकिस्तान का बलिदान सबको पता है। आइए शांति सुनिश्चित करें और अपने लोगों के सामाजिक-आर्थिक विकास पर ध्यान दें।’ मोदी ने सोमवार को 70 वर्षीय शरीफ को पाकिस्तान का प्रधानमंत्री चुने जाने पर बधाई दी और कहा कि भारत क्षेत्र में शांति एवं स्थिरता चाहता है जो आतंकवाद से मुक्त हो जिससे हम अपनी विकास चुनौतियों पर ध्यान केंद्रित कर सकें और अपने लोगों की भलाई एवं समृद्धि सुनिश्चित कर सकें। शरीफ ने सोमवार को अपने पहले ही संबोधन में कश्मीर से अनुच्छेद 370 को निरस्त करने का मुद्दा उठाते हुए आरोप लगाया कि घाटी में लोगों का खून बह रहा है और पाकिस्तान उन्हें कूटनीतिक और नैतिक समर्थन देने के साथ-साथ हर अंतरराष्ट्रीय मंच पर यह मुद्दा उठाएगा। इमरान खान का स्थान लेने वाले शरीफ ने कहा कि वह भारत के साथ अच्छे रिश्ते चाहते हैं, लेकिन कश्मीर मुद्दे के समाधान के बिना इसे हासिल नहीं किया जा सकता है। शरीफ तीन बार पाकिस्तान के प्रधानमंत्री रह चुके नवाज शरीफ के छोटे भाई हैं। शहबाज ने सोमवार को पाकिस्तान के 23वें प्रधानमंत्री के तौर पर शपथ ली। भाषा

First Published - April 12, 2022 | 11:03 PM IST

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