facebookmetapixel
Advertisement
$100 डॉलर के पार जाएगा कच्चा तेल? S&P की चेतावनी, इतिहास की सबसे बड़ी आपूर्ति बाधा का खतराBank Holiday 2026: 3 या 4 मार्च कब बंद रहेंगे बैंक? जानिए आपके शहर में कब है छुट्टीस्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद हुआ तो भारत की GDP को लगेगा 0.5% का झटका! जानिए पूरा मामलाIran-Israel War: मिडिल ईस्ट संकट गहराया, Nasscom ने आईटी कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम का दिया निर्देशयह सिर्फ युद्ध नहीं, रुपये और महंगाई की अग्नि परीक्षा हैउत्तर प्रदेश को 30 कंपनियों से 1400 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिलेइंडोनेशिया ने रद्द कर दिया 70,000 वाहनों का ऑर्डर? टाटा मोटर्स सीवी का आया बयान, अटकलों पर लगाया विरामChandra Grahan 2026: साल का पहला चंद्र ग्रहण आज, जानें सूतक काल और भारत में दिखने का समयUS–Iran टकराव बढ़ा तो क्या होगा सेंसेक्स-निफ्टी का हाल? इन सेक्टर्स को सबसे ज़्यादा जोखिममोटापा घटाने वाली दवाएं: फास्ट फूड और कोल्ड ड्रिंक कंपनियों के लिए खतरा या मौका?

भारत ने बचाव उपकरण, राहत सामग्री, मेडिकल दल के साथ चार विमान तुर्किये भेजे

Advertisement

भारत ने वायु सेना के एक विमान से जीवन रक्षक दवाओं और चिकित्सा सामान समेत छह टन राहत सामग्री सीरिया भी भेजी है

Last Updated- February 08, 2023 | 10:16 AM IST
Turkey Earthquake

भारत ने तुर्किये में आये विनाशकारी भूकंप के मद्देनजर इस देश की मदद करने के लिए मंगलवार को चार सी-17 ग्लोबमास्टर सैन्य परिवहन विमानों के जरिये राहत सामग्री, एक ‘चलित अस्पताल’ और तलाश एवं बचाव कार्य करने वाले विशेषज्ञ दल को भेजा।

तुर्किये के साथ-साथ सीरिया में भी भूकंप से जान-माल का भारी नुकसान हुआ है। दोनों देशों में भूकंप में 6,200 से अधिक लोगों की मौत हुई है।

भारत ने वायु सेना के एक विमान से जीवन रक्षक दवाओं और चिकित्सा सामान समेत छह टन राहत सामग्री सीरिया भी भेजी है।

उल्लेखनीय है कि सोमवार को आये दो शक्तिशाली भूकंप में तुर्किये और सीरिया के विभिन्न हिस्से बुरी तरह से प्रभावित हुए हैं। विश्व के कई देशों ने वहां राहत कार्यों के लिए मदद का हाथ बढ़ाया है।

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने एक ट्वीट में कहा, ‘‘भारत इस चुनौतीपूर्ण क्षण में अपनी एकजुटता व्यक्त करता है।’’

जयशंकर ने एक अन्य ट्वीट में कहा कि उन्होंने एकजुटता व्यक्त करने और भारत के सहयोग से अवगत कराने के लिए सीरिया के अपने समकक्ष फैसल मेकदाद से संपर्क किया।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एक ट्वीट में कहा, ‘‘वायुसेना का सी-17 ग्लोबमास्टर-3 एनडीआरएफ के दलों और उपकरणों के साथ भारत से तुर्किये के लिए रवाना हुआ। इस मुश्किल घड़ी में भारत, तुर्किये के लोगों के साथ एकजुटता के साथ खड़ा है।’’

तलाश एवं बचाव कर्मियों के एक समूह, विशेष रूप से प्रशिक्षित श्वान दस्ता, ड्रिल मशीन, राहत सामग्री, दवाइयों के साथ प्रथम सी-17 परिवहन विमान आज सुबह तुर्किये के अदन में उतरा।

भारतीय वायुसेना का दूसरा विमान इसी तरह की सामग्री और कर्मियों के साथ दोपहर के करीब तुर्किये के लिए भेजा गया।

जयशंकर ने कहा, ‘‘एनडीआरएफ (राष्ट्रीय आपदा मोचन बल) के 50 से अधिक तलाश एवं बचाव कर्मियों, विशेष रूप से प्रशिक्षित श्वान दस्ते, ड्रिल मशीन, राहत सामग्री, दवाइयां और अन्य आवश्यक उपकरणों के साथ प्रथम भारतीय सी-17 उड़ान अदन, तुर्किये पहुंच गया है।’’

प्रथम एवं दूसरे, दोनों विमानों से एनडीआरएफ के तलाश एवं बचाव कर्मी भेजे गये हैं।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने एक ट्वीट में कहा, ‘‘वायुसेना का दूसरा विमान सी-17, ‘श्वान दस्ते, तलाश एवं बचाव उपकरण, मलबा हटाने की मशीन’ सहित एनडीआरएफ के दलों के साथ तुर्किये के लिए रवाना हुआ है। तुर्किये के लोगों की जरूरत के समय भारत उनकी लगातार मदद कर रहा है।’’

विमान में थलसेना के आगरा स्थित फील्ड हॉस्पिटल के 45 सदस्यों का पहला दल भी है। वे तुर्किये में स्थापित किये जाने वाले 30 बिस्तरों वाले फील्ड अस्पताल में सेवा देने वाली टीम का हिस्सा हैं।

तुर्किये में 30 बिस्तरों वाला एक चिकित्सा केंद्र संचालित करने के लिए मेडिकल दलों को एक्स-रे मशीन, वेंटिलेटर, ऑक्सीजन उत्पादन संयंत्र, हृदय की निगरानी करने वाले उपकरणों से लैस किया गया है।

थल सेना के एक अधिकारी ने कहा, ‘‘सेना ने भूकंप प्रभावित तुर्किये की मदद के लिए 99 सदस्यीय एक मेडिकल टीम बनाई है।’’

सेना के एक अधिकारी ने कहा, ‘‘टीम में चिकित्सीय विशेषज्ञ और 30 बिस्तरों का चिकित्सीय केंद्र बनाने के लिए एक्स-रे मशीन, वेंटीलेटर, ऑक्सीजन उत्पादन संयंत्र तथा संबंधित चिकित्सीय उपकरण शामिल हैं।’’ भारतीय सेना के दल में महिलाएं भी शामिल हैं।

सेना के चिकित्सा दल को दो विमानों में भेजा गया है।

उल्लेखनीय है कि भारत ने एनडीआरएफ के तलाश एवं बचाव दलों, मेडिकल दलों और राहत सामग्री फौरन तुर्किये भेजने का सोमवार को फैसला किया था। तुर्किये को हर संभव मदद देने के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देशों के बाद यह कदम उठाया गया।

इस बीच, नयी दिल्ली में स्थित तुर्किये के दूतावास ने एक ट्वीट में कहा, ‘‘एनडीआरएफ के विशेष तलाश एवं बचाव दलों और प्रशिक्षित श्वान दस्तों के साथ भूकंप राहत सामग्री की पहली खेप तुर्किये पहुंच गई है। भारत के सहयोग और एकजुटता के लिए धन्यवाद।’’

वहीं, विदेश राज्य मंत्री वी मुरलीधरन ने सीरियाई दूतावास का दौरा किया और भूकंप से हुई तबाही को लेकर राजदूत बासम अल खातिब को संवदेना व्यक्त की।

तुर्किये के राजदूत फिरत सुनेल ने भारत की सहायता की सराहना की।

इस बीच, बेंगलुरु से प्राप्त एक खबर के मुताबिक, कर्नाटक सरकार ने तुर्किये में भूकंप से प्रभावित हुए राज्य के लोगों की सहायता के लिए मंगलवार को एक हेल्पलाइन स्थापित किया।

भारतीय वायु सेना का सी-130जे विमान मंगलवार देर रात को राहत सामग्री लेकर सीरिया रवाना हुआ।

इस बीच, इस्लामाबाद से प्राप्त एक रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान ने भी मंगलवार को तुर्किये को राहत सामग्री की पहली खेप भेजी।

पाकिस्तान की सूचना मंत्री मरियम औरंगजेब ने ट्वीट किया कि प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ तुर्किये के राष्ट्रपति रज्जब तैय्यब एर्दोआन से मुलाकात करने के लिए बुधवार को तुर्किये रवाना होंगे।

Advertisement
First Published - February 8, 2023 | 10:05 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement