facebookmetapixel
Advertisement
उत्तर प्रदेश में बिजली लाइन लॉस घटा, बकाया वसूली में भी तेजी; अभियान से ₹654 करोड़ जुटाएपर्पल स्टाइल लाएगी ₹660 करोड़ का IPO, शाहरुख-सचिन और माधुरी दीक्षित समेत इन सेलिब्रिटीज के लगे हैं पैसेएयरटेल के प्रीपेड प्लान में बदलाव, ARPU में 4 से 12 रुपये तक की वृद्धि संभवसोने-चांदी में तेजी के संकेत, अगले हफ्ते कहां तक जाएंगे भाव?Explainer: म्युचुअल फंड में ₹3,811 करोड़ अनक्लेम्ड, कहीं आपका पैसा तो नहीं? ऐसे करें चेक और क्लेमइस हफ्ते खुलेंगे 8 नए IPOs, ₹5,499 करोड़ से ज्यादा जुटाएंगी कंपनियांशेयर बाजार की इस हफ्ते कैसी रहेगी चाल? अमेरिका-ईरान तनाव, कच्चे तेल और फेड के फैसले पर टिकी नजरेंभारतीय शेयर बाजार में फिर बढ़ा विदेशी निवेशकों का भरोसा, अगस्त में अब तक लगाए 16,621 करोड़ रुपयेशेयर बाजार में मंदी की मार, टॉप-5 कंपनियों के ₹1 लाख करोड़ स्वाहा; TCS को लगा सबसे बड़ा झटकापश्चिम एशिया संकट से सरकार ने लिया सबक, LPG उत्पादन के लिए 21 रिफाइनरियों को दिए नए टारगेट

अमेरिका को डाक नहीं भेजने का पड़ सकता है बड़ा असर

Advertisement

भारत का बड़ा कदम- अब अमेरिका को पत्र और पार्सल भेजने पर असर; डी-मिनिमिस छूट खत्म होने से छोटे शिपमेंट्स पर भी टैक्स लगेगा।

Last Updated- September 04, 2025 | 9:31 AM IST
India Post

दूसरे देशों के राष्ट्रीय डाक ऑपरेटरों की तरह इंडिया पोस्ट ने भी हाल ही में अमेरिका को अपनी सभी डाक सेवाओं को निलंबित कर दिया है। यह कदम अमेरिका द्वारा हाल ही में सामान के लिए शुल्क मुक्त डी-मिनिमिस छूट वापस लेने के बाद उठाया गया है। डी-मिनिमिस छूट का मतलब है कि कुछ निश्चित मूल्य से कम के सामान शुल्क या कर चुकाए बिना किसी देश में प्रवेश कर सकते हैं। अमेरिका में 800 डॉलर तक के सामान पर कोई शुल्क और कर नहीं लगता था, लेकिन यह प्रावधान खत्म कर दिया गया है।

भारत के इस फैसले का विदेश जाने वाली डाक पर व्यापक असर पड़ सकता है। इंडिया पोस्ट ने 2023 में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 1.30 करोड़ पत्र और पोस्ट भेजे थे, जो 2018 में भेजे गए पत्रों का सिर्फ 20 प्रतिशत ही है। इस बीच, इंडिया पोस्ट ने 2023 में 5.3 लाख पार्सल भेजे, जो हाल के वर्षों में सबसे अधिक है।

डी-मिनिमिस आयात की मात्रा पिछले कुछ वर्षों से लगातार बढ़ रही है। अमेरिका में कोविड महामारी के दौरान 2020 में डी-मिनिमिस आयात बढ़कर 67 अरब डॉलर हो गया था। वित्त वर्ष 2025 के शुरुआती नौ महीनों में यह लगभग 50 अरब डॉलर तक पहुंच गया। चीन ने 2018 में अमेरिका को डी-मिनिमिस शिपमेंट का तीन-चौथाई हिस्सा आपूर्ति किया, लेकिन अब कनाडा और ब्रिटेन की हिस्सेदारी बढ़ रही है और चीन की घटकर 2021 में 57.9 प्रतिशत पर आ गई।

Advertisement
First Published - September 4, 2025 | 9:31 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement