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अमेरिका को डाक नहीं भेजने का पड़ सकता है बड़ा असर

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भारत का बड़ा कदम- अब अमेरिका को पत्र और पार्सल भेजने पर असर; डी-मिनिमिस छूट खत्म होने से छोटे शिपमेंट्स पर भी टैक्स लगेगा।

Last Updated- September 04, 2025 | 9:31 AM IST
India Post

दूसरे देशों के राष्ट्रीय डाक ऑपरेटरों की तरह इंडिया पोस्ट ने भी हाल ही में अमेरिका को अपनी सभी डाक सेवाओं को निलंबित कर दिया है। यह कदम अमेरिका द्वारा हाल ही में सामान के लिए शुल्क मुक्त डी-मिनिमिस छूट वापस लेने के बाद उठाया गया है। डी-मिनिमिस छूट का मतलब है कि कुछ निश्चित मूल्य से कम के सामान शुल्क या कर चुकाए बिना किसी देश में प्रवेश कर सकते हैं। अमेरिका में 800 डॉलर तक के सामान पर कोई शुल्क और कर नहीं लगता था, लेकिन यह प्रावधान खत्म कर दिया गया है।

भारत के इस फैसले का विदेश जाने वाली डाक पर व्यापक असर पड़ सकता है। इंडिया पोस्ट ने 2023 में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 1.30 करोड़ पत्र और पोस्ट भेजे थे, जो 2018 में भेजे गए पत्रों का सिर्फ 20 प्रतिशत ही है। इस बीच, इंडिया पोस्ट ने 2023 में 5.3 लाख पार्सल भेजे, जो हाल के वर्षों में सबसे अधिक है।

डी-मिनिमिस आयात की मात्रा पिछले कुछ वर्षों से लगातार बढ़ रही है। अमेरिका में कोविड महामारी के दौरान 2020 में डी-मिनिमिस आयात बढ़कर 67 अरब डॉलर हो गया था। वित्त वर्ष 2025 के शुरुआती नौ महीनों में यह लगभग 50 अरब डॉलर तक पहुंच गया। चीन ने 2018 में अमेरिका को डी-मिनिमिस शिपमेंट का तीन-चौथाई हिस्सा आपूर्ति किया, लेकिन अब कनाडा और ब्रिटेन की हिस्सेदारी बढ़ रही है और चीन की घटकर 2021 में 57.9 प्रतिशत पर आ गई।

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First Published - September 4, 2025 | 9:31 AM IST

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