facebookmetapixel
Artemis 2 Mission: 1972 के बाद पहली बार फरवरी में अंतरिक्ष यात्री चंद्रमा के चारों ओर चक्कर लगाएंगेBMC Election 2026: जीत के बाद भाजपा के सामने शहर का नए सिरे से विकास और निवेश की चुनौती‘स्वामित्व योजना’ के तहत 3 लाख से अधिक गांवों का ड्रोन से हुआ सर्वे, 1.5 लाख गांवों में कार्ड भी वितरितनिजी इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने में केरल देश में अव्वल, चारपहिया सेगमेंट में भी बढ़तBudget 2026 से पहले नॉमिनल GDP ग्रोथ को रफ्तार, 10.5 फीसदी तक रहने का अनुमानअब एक ही मासिक स्टेटमेंट में दिखेगा फाइनेंस का पूरा हिसाब-किताब, SEBI-RBI करने जा रही बड़ी पहलJIO की लिस्टिंग और रिटेल कारोबार की तेज रफ्तार से रिलायंस की ग्रोथ को मिलेगा नया बूस्टस्मॉलकैप फंडों ने माइक्रोकैप शेयरों से बनाई दूरी, निवेश 2 फीसदी पर सिमटा; वेंचुरा की स्टडी में खुलासाCII सर्वे: उद्योगों का भरोसा पांच तिमाही के उच्च स्तर पर, मांग और निवेश को मिला बलविश्व आर्थिक मंच की 56वीं वार्षिक बैठक में चमकेगी भारत की विकास गाथा, दुनिया देखेगी ग्रोथ इंजन का दम

भारत-अमेरिका व्यापार समझौता जल्द होगा final, ट्रंप जल्द कर सकते हैं ऐलान: White House

अगर 9 जुलाई तक समझौता नहीं हुआ, तो अमेरिका भारत पर 26% का रेसिप्रोकल टैरिफ (प्रतिशोधी शुल्क) लगा सकता है।

Last Updated- July 01, 2025 | 7:08 PM IST
India US
प्रतीकात्मक तस्वीर

भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौता (Trade Deal) जल्द ही फाइनल हो सकता है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप खुद इस समझौते का ऐलान करेंगे। यह जानकारी व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलाइन लेविट ने दी है।

व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलाइन लेविट ने कहा, “हां, राष्ट्रपति ने पहले भी इस बारे में कहा था और यह अब भी सच है। मैंने खुद वाणिज्य सचिव से बात की है। वे राष्ट्रपति के साथ ओवल ऑफिस में थे और दोनों देश इस समझौते को अंतिम रूप दे रहे हैं। आपको जल्द ही राष्ट्रपति और उनकी व्यापार टीम की तरफ से घोषणा सुनने को मिलेगी।”

कैरोलाइन लेविट ने कहा कि अमेरिका के लिए भारत एक बहुत अहम रणनीतिक साझेदार है, खासकर एशिया-प्रशांत क्षेत्र में। उन्होंने कहा कि ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच अच्छे संबंध हैं और ये रिश्ते आगे भी मजबूत रहेंगे।

इस बीच, भारत ने व्यापार समझौते को लेकर कृषि क्षेत्र से जुड़े मुद्दों पर अपना रुख सख्त कर लिया है। यह जानकारी सोमवार को एक सरकारी अधिकारी ने दी। भारत का मानना है कि अगर अमेरिका को जेनेटिकली मोडिफाइड (GM) फसलों, डेयरी प्रोडक्ट्स, मेडिकल डिवाइस पर नरम नियम, और डेटा लोकलाइजेशन में ज़्यादा छूट दी गई, तो इससे देश की खाद्य सुरक्षा और किसानों के हितों पर असर पड़ सकता है।

भारतीय किसान संघ (BKS) और स्वदेशी जागरण मंच (SJM) जैसे संगठनों ने भी इस पर आपत्ति जताई है और कहा है कि अमेरिका की ज़िद अगर जारी रही, तो समझौता मुश्किल हो सकता है। 

भारत के मुख्य वार्ताकार राजेश अग्रवाल के नेतृत्व में एक व्यापार प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार से वॉशिंगटन में है। अब तक बातचीत जारी है और टीम ने अपना दौरा बढ़ा दिया है ताकि विवादित मुद्दों को सुलझाया जा सके। दोनों देश एक शुरुआती व्यापार समझौते (Early Tranche) को अंतिम रूप देने की कोशिश कर रहे हैं, जिसकी घोषणा फरवरी में प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप ने की थी।

Also Read | सभी देशों को मिले बराबरी का मौका, क्रेडिट रेटिंग सिस्टम में हो सुधार: वित्तमंत्री

अगर 9 जुलाई तक समझौता नहीं हुआ, तो अमेरिका भारत पर 26% का रेसिप्रोकल टैरिफ (प्रतिशोधी शुल्क) लगा सकता है। अमेरिका ने 90 दिन का समय दिया था, जो अब समाप्त होने वाला है। भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते को लेकर बातचीत अंतिम दौर में पहुंच गई है। उम्मीद की जा रही है कि अगले कुछ दिनों में इसका ऐलान होगा। लेकिन अगर कृषि जैसे संवेदनशील मुद्दों पर सहमति नहीं बनी, तो यह समझौता टल भी सकता है। सभी की नजरें अब वॉशिंगटन में चल रही बैठकों पर टिकी हैं।

First Published - July 1, 2025 | 7:01 PM IST

संबंधित पोस्ट