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पर्यटन उद्योग में दिखने लगा सुधार और बदलाव

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Last Updated- December 11, 2022 | 3:21 PM IST

कोविड महामारी की सबसे ज्यादा मार झेलने वाला पर्यटन उद्योग अब तेजी के साथ वापसी करने में लगा है। घरेलू और वैश्विक दोनों स्तरों पर पर्यटन उद्योग में सुधार और बदलाव देखने को मिल रहा है। घरेलू स्तर पर धार्मिक पर्यटन तेजी से बढ़ा है तो वैश्विक स्तर पर रूस  जैसे देश भारतीय पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करने की पहली बार कोशिश कर रहे हैं। वहीं विदेशी पर्यटकों की भारत में संख्या बढ़ाने का यह बेहतरीन मौका माना जा रहा है। 
देश में साल में एक बार अमूमन फरवरी महीने में होने वाली अंतरराष्ट्रीय पर्यटक प्रदर्शनी ओटीएम का इस साल दोबारा हाल ही में बूस्टर एडीशन का आयोजन मुंबई में किया गया। इसके पहले इसी साल मार्च में इस शो का आयोजन किया गया था। 

इस बार बड़ी संख्या में सउदी, रूस, कतर, कोरिया, मॉरिशस और इंडोनेशिया से प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। अर्जेन्टीना, मालद्वीप, श्रीलंका, क्यूबा, ऑस्ट्रिया, कतर, उजबेकिस्तान और वियतनाम आदि के राजदूत एवं उद्योग जगत के लोग शामिल हुए। सबसे बड़ा पैविलियन रूस का था, रूस से मॉस्को, सेंट पीटर्सबर्ग, कालिनिंग्रेड और मुरमांस्क के अलग पैविलियन थे। 
शो के आयोजक फेयरफेस्ट मीडिया लिमिडेट के चेयरमैन एवं सीईओ संजीव अग्रवाल ने कहा कि कुल मिलाकर 2022-23 में यात्रा एवं पर्यटन में अच्छा सुधार हो रहा है, लेकिन आने वाले वर्षों में यह बाजार कुछ अलग होगा, क्योंकि महामारी के बाद वीजा प्रोसेसिंग और अन्य कई पहलुओं में बदलाव महसूस किए जा रहे हैं।

संजीव अग्रवाल के मुताबिक जल्द ही पर्यटन उद्योग 2019 से बेहतर स्थिति में होगा। भारत में अपार संभावनाएं हैं और भारतीय सबसे बड़े खर्च करने वालों में से एक हैं। आज ब्रिटेन, अमेरिका और अन्य देशों के लिए 6 महीने या एक साल की प्रतीक्षा सूची है जो रूस और भारत के लिए भारत-सोवियत संबंधों को मजबूत करने का अवसर है। 
भारतीय पर्यटकों को रूस की जानकारी देने के लिए पहली बार 40 सदस्य वाला रूसी शिष्टमंडल इसमें शामिल हुआ। रूसी अधिकारी यह बताने की कोशिश कर रहे थे कि पर्यटन के लिहाज से रूस बेहतरीन देश है। जो यूक्रेन के साथ युद्ध चल रहा है, उसका असर सीमावर्ती इलाकों में हैं, रूस के बाकी शहर सुरक्षित हैं। 

यूक्रेन के साथ जारी जंग के बीच रूस ने हाल ही में अपने देश के नागरिकों के लिए एक दिशानिर्देश जारी करके कहा कि जंग के बीच यूरोपीय देशों में जाने से बचें। इसके साथ ही भारत और यूएई में यात्रा के लिए जाने को कहा है। टूरिस्ट पैकेज पहले से करीब 20 फीसदी सस्ता कर दिया गया है। इसके अलावा वीजा के नियमों को आसान बनाया गया है। भारत रूस के रिश्ते भरोसे के हैं। इसलिए भारतीय सैलानी रूस में बेखौफ होकर अपने सैर सपाटे का पूरा मजा ले सकते हैं।
पर्यटन उद्योग की तरफ से पेश की गई रिपोर्ट के मुताबिक तकरीबन 91 फीसदी भारतीय 2022 में अपनी पसंद के गंतव्य पर छुट्टी मनाने जाना चाहते हैं। अंतरराष्ट्रीय यात्रा के रूझान तेजी से बढ़ रहे हैं, सर्वेक्षण के मुताबिक ये पहले से भी अधिक है। 2022 में भारतीय लोग अंतरराष्ट्रीय यात्रा पर पहले की तुलना में अधिक खर्च करना चाहते हैं। 

रिपोर्ट्स के मुताबिक भारतीय आउटबाउंड पर्यटन का बाजार 2024 तक 42 अरब डॉलर तक तथा 2025 तक 45 अरब डॉलर तक पहुंच जाएगा। तेजी से विकसित होती अर्थव्यवस्था, युवा आबादी और मध्यम उम्र की बढ़ती आबादी को देखते हुए भारत आउटबाउंड यात्रा के लिए दुनिया का सबसे आकर्षक गंतव्य बन गया है। यह दुनिया का तेजी से विकसित होता बाजार है जहां 8 करोड़ पासपोर्ट यूजर्स, खासतौर पर मध्यम वर्ग में अच्छी खरीद क्षमता है।

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First Published - September 20, 2022 | 5:30 PM IST

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