facebookmetapixel
Advertisement
पेपर लीक के खिलाफ कानून में संशोधन को केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी, सोमवार को संसद में पेश होगा विधेयकभारी बारिश और बाढ़ का कहर: गुजरात में सेना ने संभाला मोर्चा, असम-महाराष्ट्र में भी हालात गंभीरचार साल के निचले स्तर पर पहुंची निजी कारोबारी गतिविधियां, महंगाई और पश्चिम एशिया तनाव से सुस्त पड़ी रफ्तारफ्रंट-रनिंग मामले में ऐक्सिस MF के पूर्व डीलर वीरेश जोशी पर 7 साल का प्रतिबंध, 3 करोड़ का जुर्माना भीरसायन क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए सरकार का बड़ा कदम, 3,030 करोड़ रुपये की ‘भव्य-रसायन’ योजना मंजूरCBDT को वित्त मंत्री की सख्त हिदायत, कहा: अभी भी 5.4 लाख अपीलें लंबित, मुकदमेबाजी रणनीति की करें समीक्षाUS Tariff on India: अमेरिका ने भारतीय वस्तुओं पर लगाया 10% टैरिफ, धारा 301 के तहत हुई कार्रवाईUpcoming IPO: देश का सबसे बड़ा हेल्थकेयर IPO ला रही मणिपाल हेल्थ, 29 जुलाई से खुलेगा इश्यूHindustan Zinc Q1 Results: दोगुने से ज्यादा बढ़ा मुनाफा, 5,469 करोड़ रुपये पर पहुंचा आंकड़ाबिना इंटरनेट चलने वाले Bitchat ऐप पर सरकार का शिकंजा, GitHub से कोड हटाने का दिया निर्देश

जर्मन चांसलर शोल्ज पहुंचे पहली बार भारत, द्विपक्षीय संबंधों पर करेंगे चर्चा

Advertisement
Last Updated- February 25, 2023 | 12:43 PM IST
PTI

जर्मनी के चांसलर Olaf Scholz दो दिवसीय यात्रा पर शनिवार को भारत पहुंचे जहां वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय संबंधों के सम्पूर्ण आयामों तथा महत्वपूर्ण क्षेत्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा करेंगे।

दोनों नेताओं के बीच बैठक में यूक्रेन संघर्ष, हिन्द प्रशांत क्षेत्र की स्थिति, स्वच्छ ऊर्जा, कारोबार एवं नयी प्रौद्योगिकी सहित द्विपक्षीय संबंधों को गति प्रदान करने के कदमों पर चर्चा की जायेगी।

भारत पहुंचने पर जर्मनी के चांसलर शोल्ज ने राष्ट्रपति भवन में सलामी गारद का निरक्षण किया। यहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनका स्वागत किया।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने अपने ट्वीट में कहा कि चांसलर शोल्ज की यात्रा बहु आयामी भारत-जर्मन सामरिक गठजोड़ को और गहरा बनाने का अवसर प्रदान करेगा। इससे पहले, भारत पहुंचने पर वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने जर्मनी के चांसलर शोल्ज की हवाई अड्डे पर अगवनी की।

इस शीर्ष पद पर एंजेला मर्केल के 16 साल के ऐतिहासिक कार्यकाल के बाद दिसंबर, 2021 में जर्मनी का चांसलर बनने के बाद शोल्ज की यह पहली भारत यात्रा है।

भारत में जर्मनी के राजदूत फिलिप एकरमैन ने बुधवार को संवाददाताओं से कहा था, ‘‘जर्मन चांसलर शोल्ज और प्रधानमंत्री मोदी के बीच मुलाकात में हम रूस-यूक्रेन युद्ध को एजेंडे में बहुत ऊपर देखते हैं। यह एजेंडे का एक महत्वपूर्ण हिस्सा होगा।’’

मौजूदा अंतरराष्ट्रीय स्थिति को ‘बहुत मुश्किल’ बताते हुए एकरमैन ने कहा था कि जर्मनी इन मुद्दों पर विचार करने में भारत को ‘बहुत प्रभावशाली और मूल्यवान भागीदार’ मानता है। मोदी-शोल्ज वार्ता के एजेंडे के बारे में जानकार सूत्रों ने बताया कि संघर्ष के प्रभाव, खास तौर पर खाद्य एवं ऊर्जा सुरक्षा इस बातचीत में प्रमुखता से उठने की संभावना है। इसके अलावा कारोबार, रक्षा, स्वच्छ ऊर्जा और नयी प्रौद्योगिकी सहित अन्य क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर भी चर्चा हो सकती है। दोनों नेताओं के बीच हिन्द प्रशांत क्षेत्र में सम्पूर्ण स्थिति के बारे में भी चर्चा हो सकती है जहां पिछले कुछ वर्षो में चीनी आक्रामकता देखी गई है।

ज्ञात हो कि इससे पहले, प्रधानमंत्री मोदी और चांसलर शोल्ज के बीच 16 नवंबर को जी20 शिखर सम्मेलन से इतर इंडोनेशिया के बाली में द्विपक्षीय वार्ता हुई थी। दोपहर में शोल्ज राजघाट जाकर महात्मा गांधी की समाधि पर पुष्पांजलि अर्पित करेंगे।

चांसलर शोल्ज का राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से भेंट करने का भी कार्यक्रम है। रविवार की सुबह चांसलर शोल्ज बेंगलुरु के लिए रवाना होंगे।

विदेश मंत्रालय ने जर्मन चांसलर की यात्रा की घोषणा करते हुए सोमवार को कहा था कि शोल्ज के साथ वरिष्ठ अधिकारी और उच्चाधिकार प्राप्त उद्यमी शिष्टमंडल भी होगा। मोदी और शोल्ज दोनों देशों के उद्योपगतियों के साथ भी संवाद करेंगे।

Advertisement
First Published - February 25, 2023 | 12:42 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement