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G20 summit: भारत को उम्मीद, घोषणापत्र पर होगी आम सहमति

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G-20 शेरपा अमिताभ कांत ने कहा कि घोषणापत्र विकासशील देशों की आवाज बनेगा

Last Updated- September 08, 2023 | 10:45 PM IST

शनिवार को शुरू हो रहे जी-20 नेताओं के ​दो दिवसीय शिखर सम्मेलन के लिए तैयारी पूरी हो गई है। आज का दिन एक तरह से फुल ड्रेस रिहर्सल की तरह था। दुनिया भर के प्रतिनि​धि भारत की अध्यक्षता में आयोजित जी-20 ​शिखर सम्मेलन में ​​शिरकत करने दिल्ली पहुंच गए हैं। अति​थि राष्ट्राध्यक्षों और उनके प्रतिनि​धिमंडल को आने-जाने में किसी तरह की कोई परेशानी न हो, इसके लिए राजधानी को लगभग बंद कर दिया गया था लेकिन ​शिखर सम्मेलन स्थल पर तैयारी की हलचल से नजरा थोड़ा अलग दिखा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन के बीच लोक कल्याण मार्ग पर प्रधानमंत्री आवास में देर शाम द्विपक्षीय वार्ता से पहले जी-20 के शेरपा अमिताभ कांत, विदेश सचिव विनय मोहन क्वात्रा, जी-20 के मुख्य समन्वयक हर्ष वर्धन श्रृंगला तथा आर्थिक मामलों के सचिव अजय सेठ ने खचाखच भरे सभागार में संवाददाता सम्मेलन किया। प्रगति मैदान के भारत मंडपम से कुछ दूर बने हिमालय हॉल में आयोजित इस संवाददाता सम्मेलन में 2,000 से ज्यादा मीडिया कर्मी शामिल हुए।

​​शिखर सम्मेलन के समापन पर कोई आ​धिकारिक बयान जारी होगा या नहीं, यह अभी स्पष्ट नहीं है लेकिन इस पर आम सहमति बनने की उम्मीद जताई जा रही है।

​शिखर सम्मेलन की सफलता का संकेत देते हुए कांत ने कहा कि भारत की अध्यक्षता में होने वाले जी-20 का घोषणापत्र लगभग तैयार है और इसे ग्लोबल साउथ तथा विकासशील देशों की आवाज के तौर पर देखा जा सकता है। सभी मीडिया प्लेटफॉर्म पर लाइव आयोजित इस संवाददाता सम्मेलन में क्वात्रा ने कहा, ‘भारत को उम्मीद है कि जी-20 के सभी सदस्य आम-सहमति की ओर बढ़ेंगे और हमें उम्मीद है कि आम-सहमति से संयुक्त घोषणापत्र तैयार किए जाएंगे।’ क्वात्रा ने यह जवाब नई दिल्ली घोषणा पत्र पर यूक्रेन मुद्दे के कारण समझौते में रुकावट संबंधी सवाल पर दिया।

पूरे दिन नई दिल्ली में आ​धिकारिक विज्ञ​प्ति की संभावनाओं का आकलन करने और जी-20 की मेजबानी की तैयारी की तुलना के दौरान पिछले साल बाली में आयोजित ​शिखर सम्मेलन का संदर्भ बार-बार आया।

कांत ने कहा कि यूक्रेन के साथ युद्ध के विषय पर भी विस्तार से चर्चा की गई और नेताओं द्वारा इस चर्चा को आगे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने कहा कि जी-20 एक आर्थिक मंच है जहां वृद्धि और विकास संबंधी विषयों पर चर्चा की जाती है। उन्होंने कहा, ‘आपसी संघर्ष और युद्ध का वृद्धि और विकास पर भी असर होगा।’ उन्होंने कहा कि भारत की जी-20 अध्यक्षता को समावेशी बनाने का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का दृष्टिकोण हासिल हुआ है।

श्रृंगला ने बताया कि वैश्विक नेताओं को लोकतंत्र के परिचय के साथ आर्टिफिशल इंटेलिजेंस आधारित शुभकामना पेश की जाएगी। उन्होंने संकेत किया कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की मेजबानी में होने वाले बहुप्रतीक्षित रात्रि भोज में भोजन और संगीत प्रस्तुतियों में भी भारतीयता निहित होगी।

जी-20 शेरपा ने बैठक की शीर्ष प्राथमिकताओं को सामने रखते हुए कहा कि मजबूत और समावेशी वृद्धि, टिकाऊ विकास लक्ष्यों को हासिल करने की दिशा में तेज पहल, बहुपक्षीय संस्थानों पर ध्यान तथा जलवायु परिवर्तन को लेकर पेशकदमी, डिजिटल अधोसंरचना विकास और महिलाओं के नेतृत्व वाले विकास को तरजीह दी जाएगी। उन्होंने कहा कि भारत इस दौरान अपनी बड़ी छाप छोड़ेगा।

सेठ ने बहुपक्षीय विकास बैंकों को मजबूत बनाने, स्थिरता का समर्थन करने, ऋण संबंधी कमजोरियों और वित्तीय समावेशन के काम में प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल करने जैसे विषयों पर आयोजित विचार-विमर्श का विवरण देते हुए कहा कि इन अनुशंसाओं को नेताओं के विचारार्थ प्रस्तुत किया गया है तथा वे अगले दो दिनों तक इस पर चर्चा करेंगे।

शिखर बैठक के पहले दिन तीन सत्र होंगे- एक पृथ्वी, एक परिवार और एक भविष्य। इसके अलावा राजघाट जाकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि देने, कुछ द्विपक्षीय वार्ताओं और नेताओं के जीवन साथियों के शहर भ्रमण जैसे कार्यक्रमों को भी इसमें शामिल किए जाने की उम्मीद है।

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First Published - September 8, 2023 | 10:45 PM IST

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