facebookmetapixel
Advertisement
क्या चावल निर्यात कर भारत बेच रहा है अपना पानी? BS ‘मंथन’ में एक्सपर्ट्स ने उठाए गंभीर सवालBS Manthan में बोले एक्सपर्ट्स: निर्यात प्रतिबंध-नीतिगत अनिश्चितता से कृषि को चोट, स्थिरता की जरूरतसुमंत सिन्हा का दावा: सिर्फ क्लाइमेट चेंज नहीं, अब ‘जियोपॉलिटिक्स’ बढ़ाएगी भारत में क्लीन एनर्जी की रफ्तारBS Manthan में बोले जोशी: अक्षय ऊर्जा क्षेत्र में 2030 तक $350 अरब के निवेश से रोशन होगा भारतइक्विटी SIP निवेश में गिरावट, अस्थिर बाजार के बीच निवेशकों का रुझान बदलाशेखर कपूर की भविष्यवाणी: अब निर्देशक नहीं, दर्शक और AI मिलकर लिखेंगे फिल्मों की कहानी‘EV सेक्टर में आएगा बड़ा उछाल’, BS ‘मंथन’ में एक्सपर्ट्स ने कहा: चुनौतियों के बावजूद रफ्तार है बरकरारBS Manthan 2026: R&D को प्रोत्साहन से एडवांस व महंगी वस्तुओं के विनिर्माण को मिलेगा बढ़ावा‘रणनीतिक स्वायत्तता के लिए सैन्य ताकत बढ़ाना जरूरी’, बिज़नेस स्टैंडर्ड ‘मंथन’ में एक्सपर्ट्स ने ऐसा क्यों कहा?AI संप्रभुता पर जोर: BS Manthan समिट में एक्सपर्ट्स ने स्वदेशी मॉडल और डेटा नियंत्रण को बताया जरूरी

ट्रंप का बड़ा प्रस्ताव: अब कंपनियां तिमाही की जगह छमाही रिजल्ट की घोषणा करें, इससे पैसा बचेगा

Advertisement

ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी कंपनियां तिमाही के बजाय छमाही रिपोर्ट दें, इससे पैसा बचेगा और मैनेजर बिजनेस चलाने पर ज्यादा ध्यान दे पाएंगे

Last Updated- September 15, 2025 | 6:50 PM IST
Donald Trump
अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप | फाइल फोटो

अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने कंपनियों के लिए फाइनेंशियल रिपोर्टिंग के नियमों में बड़ा बदलाव करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि अब कंपनियों को तिमाही (हर तीन महीने) की बजाय हर छह महीने में अपने फाइनेंशियल रिजल्ट पेश करने चाहिए।

सोमवार को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखते हुए ट्रंप ने कहा कि अगर सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन (SEC) इसकी मंजूरी देता है तो इससे कंपनियों का पैसा बचेगा और मैनेजर अपने बिजनेस को बेहतर ढंग से चलाने पर ध्यान दे पाएंगे।

ट्रंप ने अपने पोस्ट में कहा, “अगर SEC मंजूरी दे देता है तो कंपनियों को अब तिमाही आधार पर रिपोर्ट देने की मजबूरी नहीं रहेगी। इसके बजाय उन्हें 6 महीने में एक बार रिपोर्ट पेश करनी होगी। इससे पैसा बचेगा और कंपनियों के मैनेजर अपने काम पर ज्यादा फोकस कर पाएंगे। क्या आपने सुना है कि चीन 50 से 100 साल की नजरिये से कंपनियों को चलाता है, जबकि हम तिमाही सोच में फंसे रहते हैं? यह ठीक नहीं है!”

Advertisement
First Published - September 15, 2025 | 6:42 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement