facebookmetapixel
Advertisement
Business Standard Manthan – 2026 | Day 2- Hall 1Stock Market Today: GIFT Nifty बढ़त के साथ खुला; एशियाई बाजार हरे रंग में; BS Manthan का आज समापनWeather Update Today: IMD ने जारी किया नया मौसम अपडेट, जानिए कहां बरसेंगे बादल और कहां होगी बर्फबारी!Stocks To Watch Today: सरकारी बिक्री से लेकर बड़े ऑर्डर तक, 25 फरवरी को इन शेयरों में दिख सकता है तेज मूवमेंटBS Manthan 2026: ITC प्रमुख संजीव पुरी ने कहा- आयकर और GST में कटौती से बढ़ी बाजार में खपतBS Manthan 2026: टेलीकॉम उपकरणों के लिए डिक्सन की नजर मध्य प्रदेश परVision 2047: प्रो. एस. महेंद्र देव ने ‘मंथन’ में बताया विकसित भारत का रास्ता; विकास, समावेश और स्थिरता पर जोरBS Manthan में सुमन बेरी ने कहा: उत्पादकता में चीन से काफी पीछे है भारत, पूंजी बढ़ाने की है सख्त जरूरतBS Manthan में बोले कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान: खाद सब्सिडी सीधे किसानों को देने पर चर्चा होBS Manthan 2026: AI के बढ़ते उपयोग के बीच एक्सपर्ट्स ने की ‘राष्ट्रीय ग्रीन डेटा सेंटर नीति’ की मांग

COP29: भारत ने 300 अरब अमेरिकी डॉलर के नए क्लाइमेट फाइनेंस डील को खारिज किया

Advertisement

अजरबैजान में हुई संयुक्त राष्ट्र जलवायु वार्ता में राष्ट्रों ने जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए ‘ग्लोबल साउथ’ के लिए 300 अरब अमेरिकी डॉलर के वित्त समझौते पर सहमति व्यक्त की।

Last Updated- November 24, 2024 | 10:48 AM IST
COP29 U.N. Climate Summit
COP29 U.N. Climate Summit

भारत ने यहां संयुक्त राष्ट्र जलवायु सम्मेलन में ‘ग्लोबल साउथ’ के लिए 300 अरब अमेरिकी डॉलर के नए जलवायु वित्त पैकेज को यह कहते हुए रविवार को खारिज कर दिया कि यह बहुत कम है और बहुत देर से दिया गया है।

‘ग्लोबल साउथ’ का संदर्भ दुनिया के कमजोर या विकासशील देशों के लिए दिया जाता है। अजरबैजान में हुई संयुक्त राष्ट्र जलवायु वार्ता में राष्ट्रों ने जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए ‘ग्लोबल साउथ’ के लिए 300 अरब अमेरिकी डॉलर के वित्त समझौते पर सहमति व्यक्त की।

आर्थिक मामलों के विभाग की सलाहकार चांदनी रैना ने भारत की ओर से बयान देते हुए कहा कि उन्हें समझौते को अपनाने से पहले अपनी बात रखने की अनुमति नहीं दी गई।

उन्होंने कहा, ‘‘300 अरब अमेरिकी डॉलर विकासशील देशों की जरूरतों और प्राथमिकताओं के अनुरूप नहीं है। यह सीबीडीआर (साझा लेकिन अलग-अलग जिम्मेदारी) और समानता के सिद्धांत के साथ अनुरूप नहीं है।’’

भारतीय वार्ताकार ने कहा, ‘‘हम इस प्रक्रिया से बहुत नाखुश और निराश हैं और इस एजेंडे को अपनाए जाने पर आपत्ति जताते हैं।’’

नाइजीरिया ने भारत का समर्थन करते हुए कहा कि 300 अरब अमेरिकी डॉलर का जलवायु वित्त पैकेज एक ‘‘मजाक’’ है। मलावी और बोलीविया ने भी भारत को समर्थन दिया।

Advertisement
First Published - November 24, 2024 | 10:48 AM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement