facebookmetapixel
PSU Bank Stock: लंबी रेस का घोड़ा है ये सरकारी शेयर, ब्रोकरेज ने ₹150 तक के दिये टारगेटबैंकिंग सेक्टर में बदल रही हवा, मोतीलाल ओसवाल की लिस्ट में ICICI, HDFC और SBI क्यों आगे?Suzlon Energy: Wind 2.0 से ग्रोथ को लगेंगे पंख! मोतीलाल ओसवाल ने कहा- रिस्क रिवार्ड रेश्यो बेहतर; 55% रिटर्न का मौका₹12.80 से 21% फिसला वोडाफोन आइडिया का शेयर, खरीदें, होल्ड करें या बेचें?Q3 नतीजों के बाद Tata Capital पर मेहरबान ब्रोकरेज, टारगेट बढ़ाया, शेयर नई ऊंचाई परSuzlon 2.0: विंड एनर्जी से आगे विस्तार की तैयारी, EV और AI भी हो सकते हैं पूरी तरह ग्रीनटैक्स कट नहीं, लेकिन बड़ी राहत! बजट 2026 में आम आदमी को क्या मिलेगा? रिपोर्ट में 8 बड़ी बातेंRupee vs Dollar: रुपये में नहीं थम रही गिरावट, ₹91 के पार निकला; लगातार कमजोरी के पीछे क्या हैं वजहें?Metal stock: शानदार Q3 नतीजों के बाद 52 वीक हाई पर, ब्रोकरेज ने कहा- अभी और ऊपर जाएगा Gold, Silver price today: चांदी ₹3.13 लाख के पार नए ​शिखर पर, सोने ने भी बनाया रिकॉर्ड

पर खुद के आशियाने का रंग पड़ गया है फीका…

Last Updated- December 05, 2022 | 4:51 PM IST

अभी काफी समय नहीं बीता है जब बड़े अरमान से फेडरल रिजर्व के अध्यक्ष एस बर्नान्के ने चार शयनकक्षों वाला अपना आशियाना खरीदा था।


 2,600 वर्ग फुट में बने अपने घर को उन्होंने कोई छोटी मोटी रकम में नहीं बल्कि, 8,39,000 डॉलर में खरीदा था। वाशिंगटन के कैपिटल हिल में मई, 2004 में जब उन्होंने अपने इस घर को खरीदा था तब शायद उन्होंने भी यह नहीं सोचा होगा कि कुछ ही सालों बाद इस घर की कीमत इतनी गिर जाएगी जिसका अंदाजा लगाना भी मुश्किल है। पर अब हालात यह हैं कि लगता है कि हाउसिंग संकट खुद चलकर उनके दरवाजे पर दस्तक देने आ गया है।


अचल संपत्ति से जुड़े जानकार और स्थानीय एजेंटों का मानना है कि बर्नान्के के घर की कीमत अब कुछ खास नहीं रह गई है। कहना गलत नहीं होगा कि इस मामले में बर्नानके थोड़ा दुर्भाग्यशाली रहे हैं कि क्योंकि बर्नान्के ने जिस इलाके में घर खरीदा है उसके आसपास के इलाके में एक साल बाद घरों की कीमतों में खासा इजाफा हुआ था, पर उनकी संपत्ति का ही मोल अधिक नहीं हो पाया है।


 घर खरीदकर एक तरीके से उन्होंने जो निवेश किया था, उसमें उन्हें नुकसान पहुंचता ही दिख रहा है। ऐसा नहीं है कि देश की राजधानी में दूसरे इलाकों में घरों पर सबप्राइम संकट की मार नहीं पड़ी है, पर खासकर बर्नान्के के घर की कीमत काफी गिर गई है। मैसाच्युसेट्स इंस्टीटयूट ऑफ टेक्नोलाजी के अर्थशास्त्री विलियम वीएटन ने बताया, ”यह अलग बात है कि वह फेडरल के अध्यक्ष हैं, पर मार तो वाशिंगटन में रह रहे बाकी लोगों के घरों पर भी पड़ी है। उन्हें भी इस संकट से बराबर नुकसान उठाना पड़ा है।”


बर्नान्के के घर की कीमत एक समय बढ़कर 11 लाख डॉलर तक पहुंच गई थीं, पर चूंकि वाशिंगटन में पिछले दो वर्षों में घरों की कीमतों में काफी गिरावट देखने को मिली है इस वजी से कीमतें घटकर वापस से 8,40,000 डॉलर पर पहुंच गई हैं। यानी कि बर्नान्के ने जिस कीमत पर घर खरीदा था, चार साल बाद भी उसकी कीमत जस की तस बनी हुई हैं।


 52 वर्षीय बर्नान्के ने 2002 में वाशिंगटन में काम करना शुरू किया था जब वे फेडरल के बोर्ड ऑफ गवर्नर में शामिल हुए थे। उस समय फेडरल के अध्यक्ष एलन ग्रीनस्पैन हुआ करते थे।यहां काम शुरू करने के ठीक दो साल बाद ही उन्होंने कैपिटल हिल में अपना घर खरीदा। तब उन्होंने खुद को काफी भाग्यशाली समक्षा होगा क्योंकि उनके घर खरीदने के कुछ ही समय बाद इलाके में कीमतें अचानक से बढ़ गईं।


 पर उनके लिए यह खुशी लंबे समय तक नहीं रह पाई होगी क्योंकि हाउंसिग क्षेत्र में आर्थिक मंदी की वजह से उनके घर की कीमत अचानक से नीचे आ गई। अचल संपत्ति के आंकड़ों के मुताबिक बर्नानके के पड़ोसी ने अपने घर को जुलाई 2007 में बेचा था और तब उन्हें इसके एवज में 8,80,000 डॉलर मिले थे जो उस दर से 4.9 फीसदी अधिक है जिसपर बर्नान्के ने तीन साल पहले अपना यह घर खरीदा था।

First Published - March 21, 2008 | 10:01 PM IST

संबंधित पोस्ट