facebookmetapixel
Explainer: ₹14 लाख की CTC वाला व्यक्ति न्यू टैक्स रिजीम में एक भी रुपया टैक्स देने से कैसे बच सकता है?SEBI का नया प्रस्ताव: बड़े विदेशी निवेशक अब केवल नेट वैल्यू से कर सकेंगे ट्रेड सेटलMarket This Week: तिमाही नतीजों से मिला सहारा, लेकिन यूएस ट्रेड डील चिंता से दबाव; सेंसेक्स-निफ्टी रहे सपाटIRFC 2.0: रेलवे से बाहर भी कर्ज देने की तैयारी, मेट्रो और रैपिड रेल में 1 लाख करोड़ का अवसरWipro Q3FY26 results: मुनाफा 7% घटकर ₹3,119 करोड़ पर आया, ₹6 के डिविडेंड का किया ऐलानBudget 2026 से क्रिप्टो इंडस्ट्री की बड़ी उम्मीदें! क्या इसको लेकर बदलेंगे रेगुलेशन और मिलेगी टैक्स में राहत?Value Funds: 2025 में रेंज-बाउंड बाजार में भी मजबूत प्रदर्शन, 2026 में बनेंगे रिटर्न किंग?Tiger Global tax case: सुप्रीम कोर्ट के फैसले से भारत की टैक्स ट्रीटी नीति में क्या बदला?Defence Stock: हाई से 46% नीचे कर रहा ट्रेड, ब्रोकरेज ने कहा- खरीदने का मौका; अब पकड़ेगा रफ़्तारDefence Stocks: ऑर्डर तो बहुत हैं, पर कमाई चुनिंदा कंपनियों की- नुवामा ने बताए पसंदीदा शेयर

ब्लिंकन ने शी चिनफिंग से मुलाकात की; मतभेदों को जिम्मेदारी से सुलझाने पर दिया जोर

दोनों पक्षों के बीच मतभेद बढ़ने के बावजूद हाल के महीनों में संवाद की प्रक्रिया भी तेज हुई है।

Last Updated- April 26, 2024 | 7:59 PM IST
US China

अमेरिका के विदेशमंत्री एंटनी ब्लिंकन ने शुक्रवार को चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग और अन्य वरिष्ठ चीनी अधिकारियों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने अमेरिका और चीन के बीच पैदा हुए मतभेदों को ‘‘जिम्मेदारी से सुलझाने पर जोर दिया। दोनों नेताओं की यह मुलाकात अमेरिका और चीन के बीच विभिन्न द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर विवादों को दूर करने की कोशिश के तहत हुई है।

दोनों पक्षों के बीच मतभेद बढ़ने के बावजूद हाल के महीनों में संवाद की प्रक्रिया भी तेज हुई है। ब्लिंकन ने कहा कि उन्होंने चिनफिंग के समक्ष चीन द्वारा रूस के यूक्रेन पर हमले को समर्थन देने के साथ-साथ ताइवान और दक्षिण चीन सागर, मानवाधिकार और ‘सिंथेटिक ओपिओइड प्रीकर्सर’ का उत्पादन और निर्यात सहित विभिन्न चिंताओं को उठाया।

ब्लिंकन ने सैन्य संवाद, मादक पदार्थ रोधी और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के मुद्दे पर दोनों देशों के बीच हुई प्रगति पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, ‘‘हम अपने एजेंडा पर आगे बढ़ने के लिए संवाद को कायम रखने और इसे मजबूत करने को लेकर प्रतिबद्ध हैं। हम अपने मतभेदों को जिम्मेदारी के साथ सुलझाएंगे ताकि किसी गलतफहमी, किसी गलत धारणा और गलत आकलन से बचा जा सके।’’

ब्लिंकन ने कहा कि उन्होंने चिनफिंग से चीन द्वारा रूस को की जा रही आपूर्ति को लेकर अपनी चिंताओं से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि चीन मशीन और माइक्रो इलेक्ट्रॉनिक की आपूर्ति कर रहा है जिसका इस्तेमाल रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन यूक्रेन के खिलाफ युद्ध में रूस की रक्षा पंक्ति को मजबूत करने में कर रहे हैं।

चिनफिंग से मुलाकात के बाद ब्लिंकन ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘ अगर चीन मदद न करे तो रूस यूक्रेन में लड़ाई जारी रखने में मुश्किल का सामना करेगा।’’ उन्होंने कहा, ‘‘रूस के रक्षा उद्योग को आपूर्ति करना न केवल यूक्रेन की सुरक्षा को खतरा पैदा करता है बल्कि यूरोप की सुरक्षा को भी खतरे में डालता है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘जैसा कि हम कुछ समय से चीन को बता रहे हैं कि अटलांटिक के पार की सुरक्षा सुनिश्चित करना अमेरिका का मुख्य हित है। आज हमारी बातचीत में मैंने स्पष्ट कर दिया कि चीन इस समस्या का समाधान नहीं कर रहा है।’’ ब्लिंकन ने यह भी कहा कि उन्होंने चीन से आग्रह किया कि वह अपने प्रभाव का उपयोग ‘ईरान और उसके छद्म सहयोगियों को पश्चिम एशिया में संघर्ष को बढ़ाने से हतोत्साहित करने के लिए’’ और उत्तर कोरिया को ‘‘अपने खतरनाक व्यवहार को बंद करने और बातचीत में शामिल होने के लिए’’करे।

ब्लिंकन ने चिनफिंग से विवादित दक्षिण चीन सागर में चीन के समुद्री युद्धाभ्यास पर भी चर्चा की और एशिया में अपने सबसे पुराने संधि सहयोगी फिलीपीन के प्रति ‘फौलादी’ अमेरिकी समर्थन दोहराया। चिनफिंग ने इस दौरान जोर दिया कि चीन और अमेरिका को ‘द्वेषपूर्ण प्रतिस्पर्धा में शामिल होने के बजाय’ साझा आधार तलाशना चाहिए।

उन्होंने कहा, ‘‘चीन एक आश्वस्त, खुले, समृद्ध और संपन्न अमेरिका को देखकर खुश है।’’ चिनफिंग ने कहा, ‘‘हमें उम्मीद है कि अमेरिका भी चीन के विकास को सकारात्मक नजरिए से देखेगा। यह एक बुनियादी मुद्दा है जिसका समाधान किया जाना चाहिए।”

इससे पहले ब्लिंकन ने चीन के विदेश मंत्री वांग यी और जन सुरक्षा मंत्री वांग शियाहोंग के साथ लंबी बाचतीत की। ब्लिंकन और वांग ने संवाद के रास्ते खुले रखने के महत्व को रेखांकित किया, लेकिन उन्होंने इस बात पर भी खेद जताया कि मतभेद अधिक गंभीर होते जा रहे हैं और वैश्विक सुरक्षा को खतरा पैदा कर रहे हैं।

First Published - April 26, 2024 | 7:59 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट