facebookmetapixel
जिस तरह अमेरिका ने वेनेजुएला से मादुरो को उठा लिया, क्या उसी तरह चीन ताइवान के साथ कर सकता है?कहीं आपकी जेब में तो नहीं नकली नोट? RBI ने बताया पहचानने का आसान तरीकाकई बड़े शहरों में नहीं बिक रहे घर! मेट्रो सिटी में अनसोल्ड घरों का लगा अंबार, 2025 में आंकड़ा 5.7 लाख के पारMCap: शेयर बाजार की तेजी में टॉप 7 कंपनियों का मुनाफा, ₹1.23 लाख करोड़ बढ़ा मार्केट कैपसाल की शुरुआत में FPIs ने निकाले 7,608 करोड़, विदेशी निवेशक रहे सतर्कMarket Outlook: इस हफ्ते बाजार में रुझान तय करेंगे मैक्रो डेटा और FII ट्रेडिंगUS Venezuela Attack: कौन हैं Nicolás Maduro? जिनके पकड़े जाने का दावा अमेरिका ने कियाWeather Update Today: उत्तर भारत में ठंड और घने कोहरे का कहर, IMD ने जारी की चेतावनीUP: लखनऊ में बनेगी AI सिटी, उत्तर प्रदेश को मिलेगा ग्लोबल टेक पहचानHealth Insurance: हेल्थ इंश्योरेंस खरीदते समय अधिकतर लोग क्या गलती करते हैं?

आपदाओं से होने वाली क्षति रोकने में अधिक निवेश करें एशिया-प्रशांत देश: UN

किशोर ने मनीला में आयोजित तीन दिवसीय सम्मेलन में कहा, ‘‘आपदाएं अब रिकॉर्ड संख्या में लोगों को प्रभावित कर रही हैं तथा उनके जीवन एवं आजीविका को खतरे में डाल रही हैं।’’

Last Updated- October 16, 2024 | 9:26 AM IST
United Nations
Representative image

संयुक्त राष्ट्र के एक अधिकारी ने मंगलवार को कहा कि यदि सरकारें आपदा न्यूनीकरण एवं रोकथाम में अधिक निवेश नहीं करती हैं, तो भीषण तूफानों सहित अन्य आपदाएं एशिया प्रशांत क्षेत्र में आर्थिक प्रगति को पटरी से उतार सकती हैं।

संयुक्त राष्ट्र के सहायक महासचिव एवं इसके आपदा जोखिम न्यूनीकरण कार्यालय के प्रमुख कमल किशोर ने फिलीपीन द्वारा आपदा न्यूनीकरण पर आयोजित एक क्षेत्रीय सम्मेलन के आरंभ में अपने भाषण में यह टिप्पणी की। फिलीपीन आपदाओं से विश्व के सर्वाधिक प्रभावित देशों में से एक है।

किशोर ने मनीला में आयोजित तीन दिवसीय सम्मेलन में कहा, ‘‘आपदाएं अब रिकॉर्ड संख्या में लोगों को प्रभावित कर रही हैं तथा उनके जीवन एवं आजीविका को खतरे में डाल रही हैं।’’ इस सम्मेलन का नेतृत्व एशिया प्रशांत क्षेत्र के आपदा न्यूनीकरण एवं प्रतिक्रिया के प्रभारी मंत्रियों ने किया।

उन्होंने कहा, ‘‘आपदाओं के इन जोखिमों को यदि नियंत्रित नहीं किया गया तो ये एशिया प्रशांत क्षेत्र की विकास की आकांक्षाओं को पटरी से उतार सकते हैं तथा उस प्रगति को पीछे धकेल सकते हैं जिसे हासिल करने में दशकों लग गए।’’

किशोर ने कहा कि एशिया प्रशांत देशों को आपदा से जुड़े जोखिमों को कम करने के लिए अपने राष्ट्रीय बजट में नियमित रूप से धनराशि का प्रावधान करना चाहिए तथा विदेशी विकास सहायता का एक बड़ा हिस्सा ‘‘आपदा की स्थिति में न केवल राहत एवं बचाव कार्यों के लिए’’ बल्कि आपदा की रोकथाम के लिए भी आवंटित करना चाहिए।

First Published - October 16, 2024 | 9:26 AM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट