facebookmetapixel
Advertisement
RBI का बड़ा प्रस्ताव: अब एक ही जमा श्रेणी पर ग्राहकों को अलग-अलग ब्याज दे पाएंगे बैंकरुपये की गिरावट से बदले अमीरों के सुर! डॉलर पर फिदा हुए देश के धनाढ्य, विदेश में निवेश की मची होड़MSCI EM इंडेक्स के टॉप 10 शेयरों में एक भी भारतीय कंपनी नहीं, पिछले दो दशकों में पहली बार हुआ ऐसापेट्रोल-डीजल की महंगाई का असर: देश में इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री तेज, मई में रिकॉर्ड 11% हुई हिस्सेदारीतेल कंपनियों को मामूली राहत: ईंधन के दाम बढ़ने से OMC का घाटा हुआ कम, पर चुनौती अभी भी बरकरार12वीं के नतीजों पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, परीक्षा प्रबंधन और रुके हुए रिजल्ट को लेकर CBSE से मांगा जवाबभाजपा के खिलाफ ‘इंडिया’ गठबंधन का एकजुटता का संकल्प, ममता बोलीं: आपसी बयानबाजी से बचें विपक्षी दलमोदी सरकार के 12 साल पूरे होने पर देशव्यापी जश्न मनाएगा NDA, बुधवार को दिल्ली में जुटेंगे गठबंधन के सभी नेतापश्चिम एशिया में दोबारा भड़की युद्ध की आग: भारत ने जताई गहरी चिंता, भारतीयों को तुरंत ईरान छोड़ने की सलाहईरान-इजरायल तनाव से हिला फॉरेक्स मार्केट, एक ही दिन में 0.8% टूटकर 95.71 पर पहुंचा रुपया

भारत और फिलिपींस के बीच 9 समझौते

Advertisement

इसमें दोनों देशों की सेना, वायु सेना और नौसेना के बीच वार्ता के लिए संदर्भ की शर्तें और बाहरी अंतरिक्ष के शांतिपूर्ण उपयोग पर सहयोग जैसे महत्त्वपूर्ण मामले शामिल हैं।

Last Updated- August 05, 2025 | 10:51 PM IST

भारत और फिलिपींस ने मंगलवार को नौ समझौतों पर हस्ताक्षर किए। इनमें सामरिक साझेदारी की घोषणा और कार्यान्वयन, दोनों देशों की सेना, वायु सेना और नौसेना के बीच वार्ता के लिए संदर्भ की शर्तें और बाहरी अंतरिक्ष के शांतिपूर्ण उपयोग पर सहयोग जैसे महत्त्वपूर्ण मामले शामिल हैं। सामरिक साझेदारी की घोषणा प्रधानमंत्री मोदी और फिलिपींस के राष्ट्रपति फर्डिनेंड आर मार्कोस जूनियर के बीच नई दिल्ली में हुई बातचीत के बाद की गई। यह घोषणा भारत और फिलिपींस की नौसेनाओं द्वारा दक्षिण चीन सागर के स्कारबोरो शोल के पास दो दिवसीय संयुक्त अभ्यास संपन्न करने के एक दिन बाद हुई है। स्कारबोरो शोल एक एटोल है जो चीन और फिलिपींस के बीच समुद्री विवाद का केंद्र बिंदु है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मार्कोस की मौजूदगी में कहा, ‘भारत और फिलिपींस अपनी मर्जी से मित्र और नियति से साझेदार हैं। हिंद महासागर से लेकर प्रशांत महासागर तक हम साझा मूल्यों के तहत एकजुट हैं। हमारी दोस्ती केवल अतीत की साझेदारी नहीं है, यह भविष्य के लिए एक वादा है।’

मोदी ने कहा कि फिलिपींस भारत की ‘एक्ट ईस्ट नीति’ और ‘महासागर’ (क्षेत्रों में सुरक्षा और विकास के लिए पारस्परिक एवं समग्र उन्नति) दृष्टिकोण में एक अहम साझेदार है। उन्होंने कहा, ‘हम हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति, सुरक्षा, समृद्धि और नियम-आधारित व्यवस्था के लिए प्रतिबद्ध हैं। हम अंतरराष्ट्रीय कानूनों के अनुसार नौवहन की स्वतंत्रता का समर्थन करते हैं।’

बाद में दिन में संवाददाताओं से बातचीत में विदेश मंत्रालय के सचिव (पूर्व) पी. कुमारन ने कहा कि दक्षिण चीन सागर पर भारत का रुख स्पष्ट और सुसंगत है। इस क्षेत्र में शांति और स्थिरता में भारत की स्थायी रुचि है और भारत इसे वैश्विक कॉमन्स का हिस्सा मानता है। भारत ने यह भी कहा कि वह पनडुब्बी इन्फ्रा के विकास के लिए फिलिपींस के साथ बातचीत कर रहा है।

फिलिपींस के राष्ट्रपति मार्कोस के साथ संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि दोनों देशों के बीच व्यापार लगातार बढ़ रहा है और यह तीन अरब अमेरिकी डॉलर को पार कर गया है। उन्होंने कहा, ‘व्यापारिक संबंधों को और मजबूत करने के लिए, भारत-आसियान मुक्त व्यापार समझौते की जल्द से जल्द समीक्षा करना हमारी प्राथमिकता है। हमने एक द्विपक्षीय ‘प्रेफरेंशियल ट्रेड एग्रीमेंट’ की दिशा में काम करने का भी फैसला किया है।’ भारत ने एक वर्ष की अवधि के लिए फिलिपींस के नागरिकों को मुफ्त ई-टूरिस्ट वीजा की सुविधा भी दी है। 

मोदी ने कहा, ‘यह खुशी की बात है कि आज हमने अपने संबंधों को रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक बढ़ाने का फैसला लिया है। इस साझेदारी की संभावनाओं को नतीजों में बदलने के लिए व्यापक कार्य योजना भी तैयार की गई है।’ भारत और फिलिपींस दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना के 75 साल पूरे होने का जश्न मना रहे हैं। इस अवसर पर मोदी और मार्कोस ने एक डाक टिकट जारी किया। मोदी ने 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले की निंदा करने और आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भारत के साथ खड़े होने के लिए फिलिपींस  सरकार का आभार जताया।

मोदी ने कहा कि दोनों देशों के बीच बढ़ते रक्षा संबंध गहरे आपसी विश्वास का प्रतीक हैं। उन्होंने कहा, ‘समुद्र से घिरे देशों के रूप में भारत और फिलिपींस के बीच समुद्री सहयोग स्वाभाविक और आवश्यक दोनों है। हम मानवीय सहायता, आपदा राहत, खोज एवं बचाव के क्षेत्र में मिलकर काम कर रहे हैं।’ (साथ में एजेंसियां)

Advertisement
First Published - August 5, 2025 | 10:31 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement