facebookmetapixel
दूध के साथ फ्लेवर्ड दही फ्री! कहानी क्विक कॉमर्स की जो बना रहा नए ब्रांड्स को सुपरहिटWeather Update Today: उत्तर भारत में ठंड की लहर! IMD ने जारी किया कोहरा-बारिश का अलर्ट67% चढ़ सकता है सिर्फ ₹150 का शेयर, Motilal Oswal ने शुरू की कवरेज; BUY की दी सलाहअमेरिका का सख्त कदम, 13 देशों के लिए $15,000 तक का वीजा बॉन्ड जरूरीवेनेजुएला के तेल उद्योग पर अमेरिका की नजर: ट्रंप बोले- अमेरिकी कंपनियों को मिल सकती है सब्सिडीस्टॉक स्प्लिट का ऐलान: इस रियल्टी कंपनी के शेयर 15 जनवरी से होंगे स्प्लिट, जानें डिटेलStock Market Update: हैवीवेट शेयरों में बिकवाली से बाजार की कमजोर शुरुआत, सेंसेक्स 340 अंक गिरा; निफ्टी 26,200 के पासStocks To Watch Today: ONGC से Adani Power तक, आज बाजार में इन स्टॉक्स पर रहेगी नजरमजबूत फंडामेंटल के साथ शेयर बाजार में बढ़त की उम्मीद, BFSI क्षेत्र सबसे आगे: रमेश मंत्रीअमेरिकी प्रतिबंधों से वेनेजुएला की तेल अर्थव्यवस्था झुलसी, निर्यात पर गहरा असर; भारत का आयात भी घटा

Zakir Hussain death: सत्य नडेला और गौतम अदाणी ने जाकिर हुसैन के निधन पर शोक व्यक्त किया

सोशल मीडिया मंच 'लिंक्डन' पर एक पोस्ट में नडेला ने कहा, "एक सच्चे दिग्गज उस्ताद जाकिर हुसैन।"

Last Updated- December 16, 2024 | 3:04 PM IST
The beats of Ustad Zakir Hussain's tabla will continue to resonate, President and Prime Minister expressed condolences गूंजती रहेगी उस्ताद जाकिर हुसैन के तबले की थाप, राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने शोक जताया
Tabla player Ustad Zakir Hussain passes away

माइक्रोसॉफ्ट के चेयरमैन और मुख्य कार्यकारी अधिकारी सत्य नडेला और अरबपति गौतम अदाणी ने महान तबला वादकों में से एक जाकिर हुसैन के निधन पर शोक व्यक्त किया। हुसैन का अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को में एक अस्पताल में निधन हो गया।

हुसैन की मृत्यु फेफड़े संबंधी समस्या ‘इडियोपैथिक पल्मोनरी फाइब्रोसिस’ से उत्पन्न जटिलताओं के कारण हुई। वह 73 वर्ष के थे। सोशल मीडिया मंच ‘लिंक्डन’ पर एक पोस्ट में नडेला ने कहा, “एक सच्चे दिग्गज उस्ताद जाकिर हुसैन।”

उन्होंने आगे कहा, “आपका संगीत सीमाओं से परे है और हमेशा जिंदा रहेगा।” ‘पोर्ट्स-टू-एनर्जी अदाणी’ ग्रुप के संस्थापक चेयरमैन गौतम अदाणी ने सोशल मीडिया मचं ‘एक्स’ पर जाकिर हुसैन के निधन पर शोक व्यक्त किया।

उन्होंने लिखा,”दुनिया ने एक ऐसी लय खो दी है जिसकी कोई जगह नहीं ले सकता। उस्ताद जाकिर हुसैन हमारे महान गुरु जिनकी जिनके तबले की थाप हमेशा भारत के संगीत प्रेमियों में गूंजती रहेंगी, अपने पीछे वे कालातीत कला का एक अनूठा रूप छोड़ गए हैं। उनकी विरासत एक शाश्वत ताल है, जो आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी।”

सरकारी स्वामित्व वाली तेल एवं प्राकृतिक गैस निगम (ओएनजीसी) ने हुसैन को एक ऐसे उस्ताद के रूप में वर्णित किया, जिन्होंने अपने तबले के साथ सीमाओं और समय को पार कर लिया, तथा आत्मा तक पहुंचने वाला संगीत दिया।

सोशल मीडिया पर पोस्ट में कहा गया, “उस्ताद जाकिर हुसैन जी एक संगीतकार से कहीं अधिक थे, वे प्रकृति की शक्ति थे – परंपरा और नवीनता का संगम। ​​उनकी जादुई उंगलियां भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की कहानियां कहती थीं।”

ओएनजीसी ने कहा कि उनकी कला ने हमें याद दिलाया कि सबसे गहन ऊर्जा वह है जो मानवता को जोड़ती है। आप भले ही मंच से चले गए हों, लेकिन आपके तबले की थाप हमारे दिलों में हमेशा गूंजती रहेगी।

First Published - December 16, 2024 | 3:04 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट