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UP: सोनभद्र, मीरजापुर और चंदौली बनेंगे पंप स्टोरेज प्लांट्स का हब, 4,730 मेगावाट बिजली उत्पादन का लक्ष्य

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सभी प्लांट्स को अगस्त के बीच में जरूरी अनुमति दे दी गई है और अब इनकी स्थापना, निर्माण व विकास कार्यों को तेजी से पूरा करने की प्रक्रिया जल्द प्रारंभ होने वाली है।

Last Updated- September 16, 2024 | 7:48 PM IST
UP: Sonbhadra, Mirzapur and Chandauli will become hubs of pumped storage plants, target of producing 4,730 MW electricity सोनभद्र, मीरजापुर और चंदौली बनेंगे पंप स्टोरेज प्लांट्स का हब, 4,730 मेगावाट बिजली उत्पादन का लक्ष्य

उत्तर प्रदेश के विंध्य क्षेत्र के जिले सोनभद्र, चंदौली और मीरजापुर ऊर्जा उत्पादन के लिए पंप स्टोरेज प्लांट्स का हब बनेंगे। प्रदेश सरकार इन तीनों जिलों में 4,730 मेगावाट बिजली उत्पादन की क्षमता वाले छह पंप स्टोरेज प्लांट्स लगाने जा रही है। इन पंप प्लांट्स का प्रदेश में सबसे बड़ा हब मीरजापुर बनने जा रहा है जहां विभिन्न क्षमताओं वाले 4 प्लांट्स की स्थापना की जाएगी। वहीं सोनभद्र में लगने वाला पंप स्टोरेज प्लांट सबसे ज्यादा ऊर्जा उत्पन्न करने वाला होगा। चंदौली में भी पंप स्टोरेज प्लांट की स्थापना की जाएगी।

योगी सरकार का लक्ष्य इन सभी 6 प्लांट्स के जरिए प्रदेश में कुल मिलाकर 4,730 मेगावॉट ऊर्जा उत्पादन का है। सभी प्लांट्स को अगस्त के बीच में जरूरी अनुमति दे दी गई है और अब इनकी स्थापना, निर्माण व विकास कार्यों को तेजी से पूरा करने की प्रक्रिया जल्द प्रारंभ होने वाली है। गौरतलब है कि इन 6 प्लांट्स के अतिरिक्त सोनभद्र, चंदौली और मीरजापुर में अन्य पंप स्टोरेज प्लांट्स को लेकर भी एक्मे, अवाडा व ईस्ट इंडिया पेट्रोलियम के पास ‘इन प्रिंसिपल अप्रूवल’ है और इन सभी परियोजनाओं पर तेजी से कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए योगी सरकार द्वारा निर्देश दिए जा चुके हैं।

अधिकारियों का कहना है कि सबसे पहले इसी साल 30 मई को सोनभद्र के गर्हावा में 1,250 मेगावॉट क्षमता का हाइड्रो पंप स्टोरेज प्लांट लगाने की स्वीकृति मिली थी। इसे एक्वा ग्रीन इंजीनियरिंग मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड द्वारा विकसित किया जा रहा है और यह ऑफ स्ट्रीम लूप पंप प्रोजेक्ट होगा। यहां दो जलाशयों में सोन नदी का पानी पंप करके स्टोरेज कैपेसिटी बढ़ाई जाएगी जिसके बाद जलाशय से 4.6 किलोमीटर दूर पंप इनटेक वेल की स्थापना की जाएगी। कुल 6100.62 करोड़ रुपए की धनराशि के जरिए सभी निर्माण व विकास कार्यों को परियोजना के अंतर्गत पूरा किया जाएगा।

वहीं, चंदौली के मुबारकपुर में इसी वर्ष 8 अगस्त को 600 मेगावॉट क्षमता के हाइड्रो पंप स्टोरेज प्लांट के निर्माण को स्वीकृति मिली थी। इसका निर्माण एक्मे ऊर्जा टू प्राइवेट लिमिटेड द्वारा किया जा रहा है और यह क्लोज्ड लूप स्टोरेज हाइड्रो परियोजना होगी। यहां भी उपरी जलाशय व निचले जलाशय की तकनीकी से ऊर्जा उत्पादन किया जाएगा और परियोजना के अंतर्गत विभिन्न प्रकार के निर्माण व विकास कार्यों को 3,544.81 करोड़ की लागत से पूरा किया जाएगा।

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मीरजापुर में पंप स्टोरेज प्लांट्स की परियोजनाओं के जरिए योगी सरकार की योजना 3,480 मेगावॉट बिजली उत्पादन की है। परियोजना के तहत इसी साल 26 जून से 29 अगस्त के बीच कुल चार पंप स्टोरेज प्रोजेक्ट्स की स्थापना को हरी झंडी मिली है। इनमें अवाडा ग्रुप द्वारा कटरा में 4,410 करोड़ रुपए की लागत से 630 मेगावॉट ऊर्जा उत्पादन करने में सक्षम पंप स्टोरेज प्लांट का निर्माण व विकास कार्य किया जाएगा।

जबकि, रेन्यू द्वारा गांव कालू पट्टी में 3,350 करोड़ रुपए की लागत से 600 मेगावॉट व बबूरा में 4,100 करोड़ रुपए की लागत से 800 मेगावॉट क्षमता वाले प्लांट्स का निर्माण, विकास व संचालन किया जाएगा। इसी प्रकार, मीरजापुर के ही बबूरा रघुनाथ सिंह गांव में ईस्ट इंडिया पेट्रोलियम द्वारा 3,946.12 करोड़ रुपए की लागत से 850 मेगावॉट विद्युत ऊर्जा का उत्पादन में सक्षम पंप स्टोरेज प्लांट के स्थापना, निर्माण व विकास कार्यों को आगे बढ़ाया जा रहा है।

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First Published - September 16, 2024 | 7:48 PM IST

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