facebookmetapixel
सोना, शेयर, बिटकॉइन: 2025 में कौन बना हीरो, कौन हुआ फेल, जानें हर बातट्रंप ने JP Morgan पर किया 5 अरब डॉलर का मुकदमा, राजनीतिक वजह से खाते बंद करने का आरोपShadowfax Technologies IPO का अलॉटमेंट आज होगा फाइनल, फटाफट चेक करें स्टेटसGold and Silver Price Today: सोना-चांदी में टूटे सारे रिकॉर्ड, सोने के भाव ₹1.59 लाख के पारSilver के बाद अब Copper की बारी? कमोडिटी मार्केट की अगली बड़ी कहानीAI विश्व शिखर सम्मेलन में शामिल होंगे स्पेन के 80 विश्वविद्यालयों के रेक्टरभारत–कनाडा सहयोग को नई रफ्तार, शिक्षा और व्यापार पर बढ़ा फोकसIndia-EU trade deal: सीमित समझौते से नहीं मिल सकता पूरा लाभनागर विमानन मंत्री नायडू बोले: भारत अब उभरती नहीं, वैश्विक आर्थिक शक्ति हैजल्द लागू होगा DPDP ऐक्ट, बड़ी कंपनियों के लिए समय-सीमा घटाने की तैयारी

BS Samriddhi 2025: राजस्थान बना निवेश का सबसे बड़ा गढ़

वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही के दौरान नए पूंजीगत खर्च के मामले में राजस्थान ने आम तौर पर शीर्ष पर रहने वाले महाराष्ट्र और गुजरात को भी पीछे छोड़ दिया।

Last Updated- August 20, 2025 | 11:19 PM IST
Business Standard’s Rajasthan Samriddhi 2025

वित्त वर्ष 2026 की पहली तिमाही में नई परियोजनाओं में निवेश आकर्षित करने के मामले में राजस्थान शीर्ष राज्य के रूप में उभरा और इसने महाराष्ट्र तथा गुजरात जैसे अधिक संपन्न राज्यों को भी पीछे छोड़ दिया।

सौर और पवन ऊर्जा के क्षेत्र में नए निवेश की लहर ने राजस्थान को निवेश आकर्षित करने वाले राज्यों की सूची में सबसे ऊपर पहुंचा दिया है। वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही के दौरान नए पूंजीगत खर्च के मामले में राजस्थान ने आम तौर पर शीर्ष पर रहने वाले महाराष्ट्र और गुजरात को भी पीछे छोड़ दिया।

भारत में नई और मौजूदा परियोजनाओं पर नजर रखने वाली फर्म प्रोजेक्ट्स टुडे के नवीनतम त्रैमासिक सर्वेक्षण के अनुसार राजस्थान ने 419 नई परियोजनाओं के साथ लगभग 2,69,391.46 करोड़ रुपये का कुल निवेश हासिल कर ताजा निवेश तालिका में शीर्ष स्थान हासिल किया है।

Also Read: कारोबारी सुगमता पर ध्यान दे रहा राजस्थान: राज्यवर्धन राठौड़

यह महाराष्ट्र के कुल नए निवेश से थोड़ा ज्यादा है। महाराष्ट्र में पहली तिमाही के दौरान 684 परियोजनाओं में 2.66 लाख करोड़ रुपये से थोड़ा अधिक निवेश हुआ है और गुजरात की 459 नई परियोजनाओं में अप्रैल से जून के बीच 2.1 लाख करोड़ रुपये के निवेश की घोषणा की गई थी।

देश भर में कुल निवेश योजनाएं वित्त वर्ष 2025 की अंतिम तिमाही के 15.39 लाख करोड़ रुपये से 13.1 फीसदी बढ़कर वित्त वर्ष 2026 की पहली तिमाही में लगभग 17.41 लाख करोड़ रुपये हो गई। इस बीच निवेश घोषणाओं में राजस्थान की हिस्सेदारी दोगुनी होकर 8.3 फीसदी से 15.5 फीसदी पहुंच गई। वित्त वर्ष 2025 की चौथी तिमाही में निवेश के मामले में राजस्थान चौथे स्थान पर था और उस दौरान राज्य में 1.27 लाख करोड़ रुपये से थोड़ा अधिक नया निवेश हुआ था। उस समय कर्नाटक (1.58 लाख करोड़ रुपये), गुजरात (1.89 लाख करोड़ रुपये) और महाराष्ट्र (2.24 लाख करोड़ रुपये) जैसे राज्य राजस्थान से आगे थे।

ऐसा नहीं है कि चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में राजस्थान में निवेश अचानक से बढ़ गया बल्कि यह लगातार वृद्धि का नतीजा है। प्रोजेक्ट्स टुडे के आंकड़ों से पता चलता है कि पूरे वित्त वर्ष 2025 में राजस्थान ने नए निवेश आकर्षित करने में तीसरा स्थान हासिल कर महाराष्ट्र और गुजरात को टक्कर दी थी। वित्त वर्ष 2025 में राजस्थान में कुल 873 नई परियोजनाओं में 4.65 लाख करोड़ रुपये के निवेश की घोषणा की गई थी जो दक्षिण के राज्यों कर्नाटक (3.92 लाख करोड़ रुपये) और आंध्र प्रदेश (3.06 लाख करोड़ रुपये से अधिक) से काफी अधिक था।

राजस्थान की अर्थव्यवस्था खेती, खनन और पर्यटन पर आधारित है और यह पिछले चार वर्षों में औसतन 8 फीसदी की दर से बढ़ रही है जो भारत की कुल वृद्धि दर से मामूली कम है। वित्त वर्ष 2020-21 के दौरान जब कोविड-19 महामारी ने आर्थिक गतिविधियों को प्रभावित किया था तब राजस्थान के सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) में महज 1.82 फीसदी की गिरावट आई थी जबकि देश की अर्थव्यवस्था में 5.8 फीसदी की भारी गिरावट आई थी।

यह राज्य देश के प्रमुख सीमेंट और कच्चा तेल उत्पादकों में से एक है और अब पहली तिमाही के आंकड़ों के मुताबिक यह अक्षय ऊर्जा जैसे अन्य क्षेत्रों में भी निवेशकों को आकर्षित कर रहा है।

प्रोजेक्ट्स टुडे के सर्वेक्षण में बताया गया है, ‘चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में राजस्थान में सौर और पवन ऊर्जा परियोजनाओं का दबदबा साफ दिखाई दे रहा था जहां राज्य को मिले कुल ताजा निवेश का 86.4 फीसदी हिस्सा इन्हीं दो क्षेत्रों में आया।’ पहली तिमाही में राज्य ने 130 नई सौर एवं पवन ऊर्जा परियोजनाओं ने 2.33 लाख करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित किया। वास्तव में इन क्षेत्रों में पूरे देश में निवेश में तेजी आई है।

प्रोजेक्ट्स टुडे के निदेशक और मुख्य कार्याधिकारी शशिकांत हेगड़े ने बिज़नेस स्टैंडर्ड को बताया, ‘सौर और पवन ऊर्जा क्षेत्र हाल की तिमाही में ताजा निवेश प्रतिबद्धता के मामले में तेजी से उभरे हैं। हालांकि यह क्षेत्र 2024 की शुरुआत से ही लगातार निजी निवेश आकर्षित कर रहा है। इन दोनों क्षेत्रों ने मिलकर विनिर्माण और बुनियादी ढांचे जैसे दो अन्य प्रमुख क्षेत्रों की तुलना में अधिक निवेश प्रतिबद्धताओं को आकर्षित किया है।’

उदाहरण के तौर पर महाराष्ट्र में पहली तिमाही में इन क्षेत्रों में 40 नई परियोजनाएं देखने को मिलीं। गुजरात में 459 नई परियोजनाओं में से सौर एवं पवन ऊर्जा में निवेश लगभग 1.79 लाख करोड़ रुपये तक बढ़ गया जो पहली तिमाही में कुल ताजा निवेश का लगभग 85 फीसदी था।

आंध्र प्रदेश वित्त वर्ष 2025 की चौथी तिमाही में नौवें स्थान से वित्त वर्ष 2026 की पहली तिमाही में पांचवें स्थान पर आ गया। यह 25 नई सौर एवं पवन ऊर्जा परियोजनाओं में 0.59 लाख करोड़ रुपये की परियोजनाओं के साथ-साथ आंध्र प्रदेश सिंचाई एवं कमान क्षेत्र विकास विभाग की महत्त्वाकांक्षी 0.82 लाख करोड़ रुपये की पोलावरम-बनाकचेरला लिंकिंग परियोजना के कारण हुआ। प्रोजेक्ट्स टुडे के अनुसार इन परियोजनाओं ने पहली तिमाही में राज्य में घोषित 1.85 लाख करोड़ रुपये के निवेश का लगभग 75 फीसदी हासिल किया।

कभी विकास के मोर्चे पर राष्ट्रीय औसत से पीछे रहने वाले बीमारू प्रदेश (बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान और उत्तर प्रदेश) के रूप में धीमी प्रगति करने वाला राज्य माना जाने वाला राजस्थान अब बाजी पलटता दिख रहा है। इसकी वजह पिछले साल पेश की गई कई नीतियां हैं। इनमें राजस्थान निवेश संवर्धन योजना (रिप्स), 2024 शामिल है, जो विभिन्न क्षेत्रों में घरेलू और अंतरराष्ट्रीय निवेश आकर्षित करने के लिए प्रोत्साहन देती है। इसके अलावा खनन, निर्यात, सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यमों को बढ़ावा देने के लिए भी नई नीतिया बनाई गई हैं।

बिहार को छोड़ दें बीमारू तमगे वाले राज्यों में राजस्थान के साथ ही अन्य दो राज्य भी निवेश रैंकिंग में आगे बढ़ रहे हैं। वित्त वर्ष 2026 की पहली तिमाही में भारत में कुल ताजा निवेश का एक-चौथाई हिस्सा पाने वाले राज्यों में कर्नाटक, असम, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और तेलंगाना थे। वित्त वर्ष 2025 में मध्य प्रदेश 7वें और उत्तर प्रदेश 8वें स्थान पर था। 

First Published - August 20, 2025 | 10:56 PM IST

संबंधित पोस्ट