प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार से इजरायल का दो दिवसीय दौरा करेंगे, जिसका उद्देश्य अमेरिका और ईरान के बीच बिगड़ते संबंध सहित पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच द्विपक्षीय रक्षा और व्यापार सहयोग को बढ़ाना है। मोदी के कार्यक्रमों में इजरायल की संसद को संबोधित करना, प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ व्यापक वार्ता और राष्ट्रपति इसहाक हर्जोग से मुलाकात भी शामिल है।
दोनों प्रधानमंत्रियों के प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता के दौरान गुरुवार को समग्र रक्षा और सुरक्षा सहयोग को बढ़ावा देने पर भी प्रमुख रूप से चर्चा होगी। नेतन्याहू बुधवार रात मोदी के लिए निजी रात्रिभोज का आयोजन करेंगे। यह 9 वर्षों में मोदी की इजरायल की दूसरी यात्रा होगी। जुलाई 2017 में मोदी की इजरायल की पहली यात्रा के दौरान दोनों देशों के संबंध रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक पहुंच गए थे। नेतन्याहू ने जनवरी 2018 में भारत की यात्रा की थी।
भारत और इजरायल विज्ञान और प्रौद्योगिकी, नवाचार, रक्षा और सुरक्षा, व्यापार और निवेश, कृषि, जल और दोनों देशों के लोगों के बीच संबंधों के क्षेत्र में मजबूत सहयोग के साथ एक सुदृढ़ रणनीतिक साझेदारी साझा करते हैं।
दोनों प्रधानमंत्रियों द्वारा गाजा सहित पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति पर भी चर्चा किए जाने की संभावना है। पिछले साल जून में इजरायल-ईरान संघर्ष शुरू होने के बाद, नेतन्याहू और मोदी ने दो बार फोन पर बात की। 9 अक्टूबर को मोदी ने नेतन्याहू को फोन किया और राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप की गाजा शांति योजना के तहत हुई प्रगति पर उन्हें बधाई दी।
पिछले कुछ वर्षों में भारत-इजरायल संबंधों में रक्षा, वैज्ञानिक अनुसंधान, साइबर सुरक्षा और नवाचार सहित कई क्षेत्रों में सकारात्मक बदलाव आया है। रक्षा सहयोग दोनों पक्षों की साझेदारी का एक महत्त्वपूर्ण स्तंभ बनकर उभरा है, जिसमें इजरायल भारत को कई सैन्य प्लेटफॉर्म और हथियार प्रणालियां मुहैया करा रहा है।
पिछले साल नवंबर में, भारत के रक्षा सचिव की इजरायल यात्रा के दौरान, रक्षा सहयोग पर एक महत्त्वपूर्ण समझौते पर हस्ताक्षर किए गए थे। भारत स्वदेशी वायु रक्षा प्रणाली ‘सुदर्शन चक्र’ विकसित करने पर विचार कर रहा है। इस बीच, भारत इजरायल की ‘आयरन डोम’ नामक वायु रक्षा प्रणाली के कुछ तत्त्वों को शामिल करने की संभावना तलाश रहा है, जो मिसाइलों और तोप के गोलों को रोककर नष्ट कर सकती है।