संसद के बजट सत्र के दूसरे दिन, मीडिया को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी | फोटो: PTI
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को कहा कि भारत दुनिया के लिए ‘आशा की किरण’ बनकर उभर रहा है। साथ ही उन्होंने यूरोपीय संघ (ईयू) के साथ हुए मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) का उल्लेख करते हुए कहा कि यह महत्त्वाकांक्षी भारत के लिए है और देश के विनिर्माताओं को इस अवसर का लाभ उठाकर अपनी क्षमताएं बढ़ानी चाहिए।
संसद के बजट सत्र के दूसरे दिन, मीडिया को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत ‘रिफॉर्म एक्सप्रेस’ पर तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने सुधारों के क्रियान्वयन में संसद सदस्यों के सकारात्मक योगदान के लिए उनका आभार व्यक्त किया। मोदी ने कहा कि उनके आलोचक भी सरकार की अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंचाने की प्रतिबद्धता को स्वीकार करते हैं और सुधारों की यह परंपरा अगली पीढ़ी के सुधारों के साथ भी जारी रहेगी।
उन्होंने कहा कि भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था और जनसांख्यिकी दुनिया के लिए बड़ी उम्मीद प्रदान करती है। प्रधानमंत्री ने कहा, ‘लोकतंत्र के इस मंदिर में भारत के पास शक्ति, लोकतंत्र के प्रति प्रतिबद्धता और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं से लिए गए फैसलों के लिए सम्मान का संदेश देने अवसर है। संदेशों को वैश्विक स्तर पर स्वीकार किया जा रहा है।’ उन्होंने कहा कि वर्तमान समय व्यवधान उत्पन्न करने का नहीं, बल्कि समाधान खोजने का है।
उन्होंने कहा कि यह बजट सत्र 21वीं सदी के पहले चतुर्थांश के समापन और अगले चतुर्थांश की शुरुआत का प्रतीक है। मोदी ने कहा, ‘वर्ष की शुरुआत बेहद सकारात्मक रही है और आत्मविश्वास से भरा भारत दुनिया के लिए आशा की किरण और आकर्षण का केंद्र बनकर उभरा है।’ प्रधानमंत्री ने कहा कि 21वीं सदी के नए चतुर्थांश की शुरुआत में भारत-यूरोपीय संघ के बीच हुआ मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) भारत के युवाओं के उज्ज्वल भविष्य और आगे की आशाजनक दिशा को दर्शाता है।
उन्होंने कहा, ‘यह समझौता महत्त्वाकांक्षी भारत, आकांक्षी युवाओं और आत्मनिर्भर भारत के लिए मुक्त व्यापार का प्रतीक है।’ उन्होंने विश्वास जताया कि भारतीय विनिर्माता इस अवसर का लाभ उठाकर अपनी उत्पादन क्षमताओं को बढ़ाएंगे।
प्रधानमंत्री ने कहा कि यूरोपीय संघ के साथ हुआ ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ करार एक विशाल बाजार खोलता है और इससे भारतीय उत्पाद कम लागत पर वहां पहुंच सकेंगे। मोदी ने उद्योग जगत और विनिर्माताओं से आत्मसंतोष से बचने और गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि 27 यूरोपीय देशों के इस खुले बाजार में उच्च गुणवत्ता वाले उत्पादों के साथ प्रवेश करने से न केवल मुनाफा होगा, बल्कि उपभोक्ताओं का विश्वास भी जीता जा सकेगा, जिसका दीर्घकालिक प्रभाव पड़ेगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि जब कंपनियों के ब्रांड देश के ब्रांड के साथ जुड़ते हैं, तो वे नई प्रतिष्ठा स्थापित करते हैं।
भारत और यूरोपीय संघ ने मंगलवार को एफटीए वार्ता के समापन की घोषणा की थी। करीब दो दशकों की बातचीत के बाद हुए इस समझौते से भारत और यूरोपीय संघ के बीच लगभग दो अरब लोगों का साझा बाजार बनेगा।