भारत

केरल के वायनाड में पेपरलेस कोर्ट की शुरुआत, AI से चलने वाला डिजिटल न्यायालय सिस्टम लागू

भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने 6 जनवरी को वर्चुअल रूप से पेपरलेस कोर्ट का उद्घाटन किया। सीजेआई ने इसे बेहद महत्त्वपूर्ण पहल बताया

Published by
भाविनी मिश्रा   
Last Updated- January 07, 2026 | 10:46 PM IST

केरल में वायनाड के कल्पेट्टा न्यायिक जिले में पूरी तरह पेपर रहित जिला न्यायालय प्रणाली लागू हो गई है। इसके अधिकार क्षेत्र वाले सभी न्यायालयों में मुकदमा शुरू होने और प्री-ट्रायल कार्यवाही से लेकर साक्ष्य रिकॉर्डिंग, अंतरिम आवेदन और अंतिम निर्णय तक, सभी काम अब डिजिटल मोड में हो रहे हैं।

जिला न्यायालय प्रबंधन ढांचे में आर्टिफिशल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित न्यायिक सहायक टूल का इस्तेमाल हो रहा है, जो इलेक्ट्रॉनिक केस रिकॉर्ड से मुकदमे का एक क्षण में सारांश पेश कर देते हैं। इससे न्यायाधीशों को मामले से संबं​धित तथ्यात्मक मैट्रिक्स और प्रक्रियात्मक रिकॉर्ड को जल्दी से समझने में मदद मिलती हैं।

यही नहीं, इसमें प्रश्न-उत्तर सुविधा भी दी गई है, जिससे न्यायिक अधिकारी किसी केस के संबंध में जानकारी प्राप्त करने में आसानी होती है। वे प्रमुख बिंदुओं को दर्ज करने के साथ वैधानिक प्रावधानों को चिह्नित कर सकते हैं और डिजिटल फाइल पर अपनी टिप्पणी लिख सकते हैं। इसके अलावा गवाहों के बयान दर्ज करने और न्यायिक टिप्प​णियां लिखवाने के लिए (वॉयस-टू-टेक्स्ट) तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है।

न्यायालयों द्वारा जारी आदेशों और निर्णयों पर डिजिटल हस्ताक्षर की सुविधा है, जिससे उन्हें पूर्ण कानूनी वैधता मिलती है। खास यह कि ये डिजिटल प्रणाली केरल उच्च न्यायालय द्वारा स्वयं आंतरिक स्तर पर विकसित की गई है। भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने 6 जनवरी को वर्चुअल रूप से पेपरलेस कोर्ट का उद्घाटन किया। सीजेआई ने इसे बेहद महत्त्वपूर्ण पहल बताया। उन्होंने इसे ‘ग्रीन ज्यूरिसप्रूडेंस’ की अभिव्यक्ति और न्याय तक पहुंच को लोकतांत्रिक बनाने की दिशा में निर्णायक कदम बताया।

First Published : January 7, 2026 | 10:42 PM IST