facebookmetapixel
Advertisement
Gold, Silver Price Today: एमसीएक्स पर सोना ₹2,065 की गिरावट के साथ खुला, चांदी भी फिसली₹929 का शेयर उड़ेगा ₹1,880 तक? इस IT Stock पर ब्रोकरेज ने लगाया बड़ा दांवकार से लेकर बाइक तक बंपर बिक्री, जानें मोतीलाल ओसवाल ने किस Auto Stock पर दी BUY की सलाहFractal Analytics vs Aye Finance IPO: किसमें कमाई का मौका, किसमें छुपा है बड़ा खतरा?Stocks to Watch Today: Titan, BSE, Aurobindo समेत ये शेयर रहेंगे फोकस मेंStock Market Today: ओपन होते ही बाजार में रफ्तार, सेंसेक्स 144 अंक बढ़त के साथ खुला, निफ्टी 25,900 के पारलोक सभा अध्यक्ष के खिलाफ प्रस्ताव लाने की तैयारी में विपक्ष, राहुल गांधी की मांग पर अड़ी विपक्षी पार्टियां16वें वित्त आयोग की नई अंतरण व्यवस्था: राज्यों के लिए फायदे-नुकसान और उठते सवालAI Impact Summit 2026: पंजीयन के नाम पर वसूली से बचें, इंडिया AI मिशन ने जारी किया अलर्टहिंद महासागर में भारत का बड़ा कदम: सेशेल्स के लिए 17.5 करोड़ डॉलर के आर्थिक पैकेज का ऐलान

Mumbai Monsoon: मानसून आने से पहले प्रशासन ने कसी कमर, खतरनाक इमारतों का होगा स्ट्रक्चरल ऑडिट

Advertisement
Last Updated- May 30, 2023 | 7:43 PM IST
Shutter Stock

मुंबई और इसके आसपास के इलाकों में हर साल भारी बारिश के दौरान इमारतें गिरने से कई लोगों की मौत हो जाती है। इसकी प्रमुख वजह पुरानी और जर्जर इमारतों के बारे में गलत जानकारी देने को माना जाता है।

इसलिए राज्य सरकार ने मानसून पूर्व बैठक में राज्य की सभी महानगर पालिकाओं को निर्देश दिया है कि वे हाउसिंग सोसाइटीयों के ऑडिट रिपोर्ट पर भरोसा करने के बजाय अच्छे इंजीनियरिंग संस्थानों से खतरनाक इमारतों का थर्ड पार्टी स्ट्रक्चरल ऑडिट कराएं।

आपदा पर काबू पाने के लिए सभी एजेंसियों के अधिकारियों को आपस में बेहतर संवाद और समन्वय बनाने को कहा गया है। राज्य में सभी तरह की व्यवस्था की मानसून पूर्व तैयारी के संदर्भ में सर्वव्यापी समीक्षा की गयी।

समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि सक्रिय कार्रवाई से जानमाल के नुकसान को रोका जा सकता है। बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) ने सूचित किया कि मुंबई की 226 खतरनाक इमारतों में से 27 इमारतों के निवासियों का सुरक्षित ट्रांसफर कर लिया गया है।

राज्य की सभी महानगर पालिकाएं खतरनाक इमारतों का स्ट्रक्चरल ऑडिट अच्छे थर्ड पार्टी इंजीनियरिंग संस्थानों से कराएं। हाउसिंग सोसाइटीयों की रिपोर्ट पर भरोसा न रखें। ऐसा करने से भविष्य में होने वाली जीव हानि को रोका जा सकेगा। विस्थापित परिवारों के आवास का भी ध्यान रखा जाए ताकि वे खतरनाक इमारतों को खाली करने के लिए तैयार हों।

मुख्यमंत्री ने कहा कि एक बार संपत्ति का नुकसान झेला जा सकता है, लेकिन जीवन का नुकसान नहीं। इसलिए आने वाले मानसून के मौसम में आपदाओं के कारण जनहानि न हो, इसके लिए सतर्क रहना होगा। खोज और बचाव कार्यों के लिए आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जाना जरूरी है। इस दौरान सभी अधिकारी फोन पर 24 घंटे उपलब्ध रहें।

अधिकारियों को फोन पर 24 घंटे उपलब्ध रहने का निर्देश

आपदा से उबरने के लिए जिला-संभाग से लेकर राज्य स्तर तक सभी व्यवस्थाओं के अधिकारी आपस में बेहतर संवाद और समन्वय बनाये रखें। बाढ की स्थिति से बचने के लिए मुंबई सहित अन्य जगहों पर भी नालों की सफाई पर उचित ध्यान दिया जाए तो निचले इलाकों में पानी जमा होने से होने वाले नुकसान से बचा जा सकता है।

मुंबई में रेलवे और महानगर पालिका को नालों की सफाई के लिए संयुक्त अभियान चलाना चाहिए। रेल पटरियों पर जल जमाव न हो इसके लिए नालों की सफाई उचित तरीके से किये जाने पर जोर दिया जाए। यदि कोई विषम परिस्थिति उत्पन्न होती है, तो महानगर पालिका को बसों, स्कूलों और आश्रय स्थलों, पीने के पानी और भोजन की उपलब्धता के संबंध में योजना बनाए। विभिन्न एजेंसियों द्वारा चल रहे निर्माण कार्यों में आ रही बाधाओं को समय रहते दूर किया जाए।

मुंबई के उपनगरों में भूस्खलन के संभावित स्थानों पर किये जाने वाले उपायों के संबंध में भी प्रस्ताव देने के निर्देश दिये। मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा की स्थिति में एनडीआरएफ की कंपनियां प्रदेश में प्रत्येक स्थान पर समय पर नहीं पहुंच सकती हैं, इसलिए राज्य के सभी सातों विभागों में राज्य आपदा प्रतिसाद दल नियुक्त करने की कार्यवाही की जाए।

वर्तमान में एनडीआरएफ की दो टुकड़ियां धुले और नागपुर में तैनात हैं। इसके अलावा राज्य में ये बल होंगे। ठाणे मनपा ने एक टीम बनाई है जो आपदा के समय पर दौड़कर पहुंचती हैं। विशेष रूप से दुर्घटनाओं के समय इस दल ने अच्छा काम किया है। जहां ऊंची इमारतें हैं और जहां आपदाओं की संभावना अधिक हैं। ऐसे स्थानों पर पालिका को आपदा बचाव दल बनाना चाहिए।

ठाणे में एनडीआरएफ के लिए जगह उपलब्ध करा दी गयी है। इसी प्रकार पुणे और कोल्हापुर में जगह उपलब्ध कराई जाए।  मानसून से पहले इस बल के स्थानों पर वहां प्रभावी ढंग से काम हो सकें।

Advertisement
First Published - May 30, 2023 | 7:43 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement