facebookmetapixel
Artemis 2 Mission: 1972 के बाद पहली बार फरवरी में अंतरिक्ष यात्री चंद्रमा के चारों ओर चक्कर लगाएंगेBMC Election 2026: जीत के बाद भाजपा के सामने शहर का नए सिरे से विकास और निवेश की चुनौती‘स्वामित्व योजना’ के तहत 3 लाख से अधिक गांवों का ड्रोन से हुआ सर्वे, 1.5 लाख गांवों में कार्ड भी वितरितनिजी इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने में केरल देश में अव्वल, चारपहिया सेगमेंट में भी बढ़तBudget 2026 से पहले नॉमिनल GDP ग्रोथ को रफ्तार, 10.5 फीसदी तक रहने का अनुमानअब एक ही मासिक स्टेटमेंट में दिखेगा फाइनेंस का पूरा हिसाब-किताब, SEBI-RBI करने जा रही बड़ी पहलJIO की लिस्टिंग और रिटेल कारोबार की तेज रफ्तार से रिलायंस की ग्रोथ को मिलेगा नया बूस्टस्मॉलकैप फंडों ने माइक्रोकैप शेयरों से बनाई दूरी, निवेश 2 फीसदी पर सिमटा; वेंचुरा की स्टडी में खुलासाCII सर्वे: उद्योगों का भरोसा पांच तिमाही के उच्च स्तर पर, मांग और निवेश को मिला बलविश्व आर्थिक मंच की 56वीं वार्षिक बैठक में चमकेगी भारत की विकास गाथा, दुनिया देखेगी ग्रोथ इंजन का दम

Mahakumbh stampede: महाकुंभ भगदड़ की जांच शुरू, आयोग ने घटनास्थल और घायलों से जुटाई जानकारी

प्रयागराज में संगम नोज पर आयोग ने घटना की समीक्षा की। अस्पताल में घायलों से बातचीत, एक महीने के भीतर जांच पूरी करने का लक्ष्य।

Last Updated- January 31, 2025 | 10:18 PM IST
Maha Kumbh Mela 2025

महाकुंभ भगदड़ की जांच के लिए उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित तीन सदस्यीय न्यायिक आयोग शुक्रवार को प्रयागराज में संगम नोज स्थित घटनास्थल पर पहुंचा और अधिकारियों से जानकारी ली। इसके बाद आयोग के सदस्यों ने एसआरएन अस्पताल में भर्ती घायलों से पूछताछ की। इलाहाबाद उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश न्यायमूर्ति हर्ष कुमार की अध्यक्षता वाले इस आयोग में पूर्व पुलिस महानिदेशक वी के गुप्ता और सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी डी के सिंह शामिल हैं।

एक अधिकारी ने बताया कि आयोग दोपहर में संगम नोज पर पहुंचा जहां मंगलवार देर रात भगदड़ मची थी। आयोग के साथ मौजूद मेलाधिकारी विजय किरन आनंद, डीआईजी वैभव कृष्ण, एसएसपी राजेश द्विवेदी सहित अन्य अधिकारियों ने आयोग के सदस्यों को जानकारी दी। आयोग ने भारी सुरक्षा के बीच उस क्षेत्र का भ्रमण किया।

आयोग संगम से शहर स्थित स्वरूपरानी नेहरू अस्पताल पहुंचा जहां आयोग के सदस्यों ने भगदड़ में घायल लोगों और उनके तीमारदारों से बातचीत करके स्थिति के बारे में जानकारी जुटाई। पत्रकारों द्वारा पूछे जाने पर आयोग के एक सदस्य ने कहा, ‘मैं फिलहाल टिप्पणी नहीं करना चाहता। आज हमने घटनास्थल का दौरा किया और स्थिति की समीक्षा की।’

आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति हर्ष कुमार ने कहा कि आयोग को जांच करने के लिए एक महीने का समय मिला है, लेकिन यह तेजी से जांच करेगा। पुलिस के मुताबिक, यह घटना इसलिए हुई क्योंकि भीड़ बैरिकेड को तोड़कर दूसरी तरफ घाट पर बैठे लोगों को कुचलते हुए आगे बढ़ गई। इस घटना में 30 लोगों की मृत्यु हो गई, जबकि 60 लोग घायल हो गए थे।

First Published - January 31, 2025 | 10:18 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट