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Blood Moon Lunar Eclipse 2025: भारत में कब लगेगा चंद्र ग्रहण? जानें सूतक काल और अन्य महत्वपूर्ण जानकारी

Lunar Eclipse 2025: चंद्र ग्रहण तब होता है जब पृथ्वी अपनी कक्षा में चंद्रमा और सूर्य के बीच आ जाती है, जिससे चंद्रमा पर पृथ्वी की छाया पड़ती है।

Last Updated- August 30, 2025 | 4:24 PM IST
Lunar eclipse
Representative Image

Blood Moon Lunar Eclipse: सितंबर 2025 में साल का दूसरा और आखिरी चंद्र ग्रहण लगेगा, जो भारत में भी दिखाई देगा। यह एक पूर्ण चंद्र ग्रहण होगा । खगोलविद इसे ‘ब्लड मून’ (रक्त चंद्रमा) कहते हैं, क्योंकि इस दौरान चंद्रमा का रंग लाल दिखाई देता है। हालांकि, इस चंद्र ग्रहण की तारीख को लेकर लोग भ्रमित हैं, क्योंकि कुछ लोग इसे 7 सितंबर और कुछ 8 सितंबर को बता रहे हैं। आइए जानते हैं सही तारीख और समय के बारे में।

चंद्र ग्रहण 2025: समय और तारीख

  • तारीख: 7 सितंबर 2025 
  • समय: यह चंद्र ग्रहण रात 9:58 बजे से शुरू होगा और सुबह 1:26 बजे तक रहेगा। इसका कुल समय 3 घंटे 28 मिनट का होगा। 

सूतक काल का समय:

चंद्र ग्रहण का सूतक काल 9 घंटे पहले शुरू होता है, यानी यह 7 सितंबर को दोपहर 12:57 बजे से प्रारंभ होगा।

कब और कहां देखा जाएगा चंद्र ग्रहण:

यह चंद्र ग्रहण भारत के अलावा एशिया, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, अमेरिका, फिजी और अंटार्कटिका के कुछ हिस्सों में भी दिखाई देगा।

चंद्र ग्रहण और सूतक काल में क्या न करें:

  • धार्मिक कार्य: चंद्र ग्रहण और सूतक काल के दौरान मंदिरों के कपाट बंद कर दिए जाते हैं। पूजा और धार्मिक अनुष्ठान नहीं किए जाते। 
  • सावधानी: गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को घर से बाहर जाने से बचना चाहिए। गर्भवती महिलाओं को नुकीले औजारों का प्रयोग, सब्जी काटना, खाना पकाना, और तवे- कड़ाही पर छोंकने से बचना चाहिए। 

पितृपक्ष और चंद्र ग्रहण:

यह चंद्र ग्रहण भाद्रपद मास की पूर्णिमा को लगेगा, जो पितृपक्ष की शुरुआत का संकेत है। 7 सितंबर को ही पूर्णिमा तिथि का श्राद्ध किया जाएगा। ज्योतिषी सलाह देते हैं कि पितृपक्ष से जुड़े रिवाज और श्राद्ध कर्म सूतक काल शुरू होने से पहले ही कर लिए जाएं।

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चंद्र ग्रहण का वैज्ञानिक कारण:

जब पृथ्वी अपनी कक्षा में घूमते हुए सूर्य और चंद्रमा के बीच आ जाती है, तो सूर्य की रोशनी चंद्रमा तक नहीं पहुंच पाती, और चंद्रमा पर पृथ्वी की छाया पड़ जाती है, जिससे चंद्रमा लाल या काले रंग में दिखाई देता है। इसे चंद्र ग्रहण कहा जाता है।

First Published - August 30, 2025 | 4:24 PM IST

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