facebookmetapixel
16वां वित्त आयोग: राज्यों की कर हिस्सेदारी 41% बरकरार, जीडीपी योगदान बना नया मानदंडBudget 2026: मजबूत आर्थिक बुनियाद पर विकास का रोडमैप, सुधारों के बावजूद बाजार को झटकाBudget 2026: TCS, TDS और LSR में बदलाव; धन प्रेषण, यात्रा पैकेज पर कर कटौती से नकदी प्रवाह आसानBudget 2026: खाद्य सब्सिडी में 12.1% का उछाल, 81 करोड़ लोगों को मिलता रहेगा मुफ्त राशनBudget 2026: पारंपरिक फसलों से आगे बढ़ेगी खेती, काजू, नारियल और चंदन जैसी नकदी फसलों पर जोरBudget 2026: मुश्किल दौर से गुजर रहे SEZ को बड़ी राहत, अब घरेलू बाजार में सामान बेच सकेंगी इकाइयांBudget 2026: व्यक्तिगत करदाताओं के लिए जुर्माने और अ​भियोजन में ढील, विदेश परिसंपत्तियों की एकबार घोषणा की सुविधाBudget 2026: बुनियादी ढांचे को रफ्तार देने के लिए ₹12.2 लाख करोड़ का आवंटन, कैपेक्स में भारी बढ़ोतरीBudget 2026: पहली बार ₹1 लाख करोड़ के पार पहुंचा हेल्थ बजट, ‘मिशन बायोफार्मा शक्ति’ का आगाजविनिवेश की नई रणनीति: वित्त वर्ष 2027 में 80,000 करोड़ जुटाएगी सरकार, जानें क्या है पूरा रोडमैप

दिल्ली NCR की तर्ज पर यूपी में बनेगा लखनऊ SCR, प्रदेश के ये 8 जिले होंगे शामिल

Last Updated- June 01, 2023 | 5:32 PM IST
Lucknow: Five historical buildings of Nawabs will be built as heritage hotels, weddings and other functions will be held

उत्तर प्रदेश दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) की तर्ज पर लखनऊ-राज्य राजधानी क्षेत्र (SCR) को विकसित करना चाहता है। लखनऊ-SCR – जिसमें लखनऊ और कानपुर में दो नोड शामिल हैं – इसमें लखनऊ, कानपुर, कानपुर देहात, उन्नाव, रायबरेली, बाराबंकी, सीतापुर और हरदोई समेत 8 जिले शामिल होंगे।

प्रस्तावित क्षेत्र लगभग 34,000 वर्ग किलोमीटर कवर करेगा और लगभग 2.9 करोड़ आबादी को शामिल करेगा। लखनऊ संभागीय आयुक्त रोशन जैकब के अनुसार, यह क्षेत्र लखनऊ और कानपुर को विश्व स्तरीय आधुनिक शहरों के रूप में विकसित करेगा और आर्थिक विकास को गति देगा। यह अगले चार से पांच सालों में ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनने के लिए राज्य के लक्ष्य का हिस्सा है।

उन्होंने कहा, “दोनों शहरों के आसपास बड़ी संख्या में औद्योगिक क्षेत्र विकसित किए जाएंगे, जो युवाओं के लिए रोजगार पैदा करेंगे।” इस बीच, राज्य ने प्रस्ताव के लिए परियोजना सलाहकार के चयन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। लखनऊ-SCR का विकास दिल्ली-NCR की तरह एक काउंटर मैग्नेट क्षेत्र के रूप में कार्य करेगा और निजी निवेश को आकर्षित करेगा।

एक सरकारी अधिकारी ने कहा, “SCR पास के जिलों में आकर्षक नौकरी और स्वरोजगार के अवसर प्रदान करके लखनऊ को भीड़भाड़ से मुक्त करेगा, जिससे बड़े शहरों में नौकरी के लिए युवाओं को जाने से रोका जा सकेगा।”

SCR जिलों को बेहतर परिवहन, लॉजिस्टिक और बुनियादी सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। यूपी में बड़ी संख्या में जिले पहले से ही एक्सप्रेसवे और हवाई मार्गों से जुड़े हुए हैं, जो स्थानीय कृषि और पारंपरिक उद्योगों का लाभ उठाने के काम आएंगे।

चूंकि लखनऊ और कानपुर को हाई स्पीड डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर से जोड़ा जाएगा। इस तरह से रोडमैप तैयार होने और लागू होने के बाद एससीआर के पास रफ्तार पकड़ने के लिए जमीनी कार्य पहले से ही तैयार होगा।

इसके अलावा, लखनऊ-एससीआर के मॉडल पर यूपी में 7 क्षेत्रीय विकास क्षेत्र भी स्थापित किए जाएंगे। ये सात जोन मेरठ, आगरा, वाराणसी, गोरखपुर, बरेली और झांसी हैं। जबकि यूपी के मुख्य सचिव के एससीआर के अध्यक्ष बनने की संभावना है। इस दौरान संबंधित संभागीय आयुक्त क्षेत्रीय विकास क्षेत्रों के प्रमुख होंगे।

First Published - June 1, 2023 | 5:23 PM IST

संबंधित पोस्ट