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इस साल कैंपस से कम भर्तियां करेगा IT उद्योग

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पिछले साल से 40 फीसदी कम कैंपस भर्ती के आसार

Last Updated- July 30, 2023 | 10:49 PM IST
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वृहद आर्थिक अनिश्चितता ने भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) सेवा उद्योग को ही प्रभावित नहीं किया है, कैंपस प्लेसमेंट पर भी इसका असर पड़ा है। कई संस्थानों का कहना है कि कंपनियां कॉलेज कैंपस में आ तो रही हैं मगर नियुक्त के वादे करने से कतरा रही हैं।

बिज़नेस स्टैंडर्ड ने जिन कई संस्थानों से बात की है उनमें से अ​धिकतर ने कहा कि देश की दूसरी सबसे बड़ी आईटी सेवा कंपनी इन्फोसिस और विप्रो ने प्लेसमेंट के लिए अब तक उनसे संपर्क नहीं किया है। ये दोनों कंपनियां लगातार दूसरे साल प्लेसमेंट सीजन से दूर रहेंगी।

टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) इकलौती शीर्ष कंपनी है, जिसने इस साल नियुक्ति के लिए कॉलेजों का दौरा करने की हामी भरी है। कंपनी ने कहा है कि वित्त वर्ष 2024 के लिए उसका लक्ष्य 40,000 लोगों को नियु​क्ति करने का है।

एक प्रमुख इंजीनियरिंग संस्थान के डीन ने कहा, ‘इन्फोसिस पिछले साल कैंपस में नहीं आई, इसीलिए हमें उम्मीद है कि वह इस साल जरूर आएगी। मगर उसने अब तक इसकी पु​ष्टि नहीं की है।’ इन्फोसिस ने इस बारे में जानकारी के लिए भेजे गए ईमेल का कोई जवाब नहीं दिया।

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विप्रो के प्रवक्ता ने एक ईमेल के जवाब में कहा, ‘कंपनी छोड़ने वाले कर्मचारियों की दर घटी है। ऐसे में पहले से मौजूद प्रतिभाओं को जरूरत के मुताबित नियुक्त करने की गुंजाइश बनी है। नौकरी छोड़ने की दर घटने और आर्थिक अनिश्चितता के कारण बड़ी तादाद में नियुक्ति की होड़ अब खत्म हो रही है।’

कई संस्थानों का मानना है कि इस साल का प्लेसमेंट सीजन कमजोर रहेगा। द​​क्षिण भारत के एक प्रति​ष्ठित इंजीनियरिंग कॉलेज के डीन (प्लेसमेंट) ने पहचान जाहिर न करने की शर्त पर कहा, ‘हमें लगता है कि इस साल नियु​क्तियों की कुल संख्या पिछले साल के मुकाबले करीब 40 फीसदी कम रहेगी।’ यह संस्थान करीब 800 छात्रों को इंटरर्न​शिप के लिए पहले ही भेज चुका है, मगर ये कंपनियां प्रौद्योगिकी क्षेत्र की नहीं हैं। अब तक एक भी आईटी कंपनी अंतिम प्लेसमेंट के लिए नहीं आई है।

आम तौर पर आईटी सेवा कंपनियां 18-18 महीने बाद वि​भिन्न परिसरों से फ्रेशरों की नियु​क्ति करती हैं। ये कंपनियां जुलाई/अगस्त से सितंबर तक कैंपसों में जाती हैं और अगले साल नियुक्ति के लिए छात्रों को ऑफर देती हैं। नियु​क्तियों की 70 से 80 फीसदी मांग कैंपस भर्ती के जरिये पूरी की जाती है और बाकी बाहर से नियुक्ति के जरिये। वै​श्विक अनि​श्चितता के बाद 2022 और 2023 में परिसरों से नियु​क्तियों में काफी कमी देखी गई थी।

एक अन्य प्लेसमेंट अ​धिकारी ने कहा, ‘कंपनियां कैंपसों का दौरा कर रही हैं और हमारे पास ऐसी कंपनियां हैं जिन्होंने प्लेसमेंट सीजन के लिए स्लॉट बुक कराए हैं। मगर उनकी संख्या काफी कम है और नियु​क्ति संख्या भी कम है।’

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पूर्वी भारत के एक इंजीनियरिंग संस्थान के वरिष्ठ प्लेसमेंट अ​धिकारी ने कहा कि कई कंपनियां आ रही हैं मगर किसी ने भी यह नहीं बताया है कि वे वास्तव में कितने लोगों को नियुक्त करना चाहती है।

इन्फोसिस ने वित्त वर्ष 2024 के लिए अपने नियु​क्ति लक्ष्य का खुलासा नहीं किया है। चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में कंपनी के कर्मचारियों की संख्या में शुद्ध गिरावट 6,940 रही। इस दौरान विप्रो के कर्मचारियों में 8,812 की कमी आई। एचसीएल टेक के कर्मचारियों की संख्या में 2,506 की शुद्ध गिरावट दर्ज की गई। पहली तिमाही में टीसीएस ने महज 523 कर्मियों को नियुक्त किया।

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First Published - July 30, 2023 | 10:49 PM IST

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