facebookmetapixel
India-EU trade deal: सीमित समझौते से नहीं मिल सकता पूरा लाभनागर विमानन मंत्री नायडू बोले: भारत अब उभरती नहीं, वैश्विक आर्थिक शक्ति हैजल्द लागू होगा DPDP ऐक्ट, बड़ी कंपनियों के लिए समय-सीमा घटाने की तैयारीनिर्यातकों की बजट में शुल्क ढांचे को ठीक करने की मांगबजट में सीमा शुल्क एसवीबी खत्म करने की मांगऑटो, ग्रीन एनर्जी से लॉजिस्टिक्स तक, दावोस में CM मोहन यादव ने बताया एमपी का पूरा प्लानमध्य भारत को समुद्र से जोड़ने वाला बड़ा प्लान सामने आयाट्रंप की शांति पहल से भारत की दूरी, कूटनीतिक संकेत क्या हैं?जयशंकर की चेतावनी: अस्थिर होती दुनिया को अब मजबूत साझेदारियां ही संभालेंगीIndia-EU FTA: दो अरब लोगों का बाजार, भारत के लिए कितना फायदेमंद?

वैश्विक मंदी के बीच भारत और जापान बने निवेशकों की उम्मीद

2025 की पहली तिमाही में दुनियाभर के सौदों में गिरावट, लेकिन भारत में 14.2% और जापान में 26.9% की बढ़त

Last Updated- April 10, 2025 | 9:57 PM IST
India flag

साल 2025 की पहली तिमाही में भले ही वैश्विक सौदों में 6 फीसदी की गिरावट देखने को मिली है, लेकिन भारत और जापान आकर्षक बाजार के तौर पर उभरे हैं, जो उठापटक भरे बाजारों में निवेशकों को उम्मीद प्रदान करते हैं। ग्लोबल डेटा रिपोर्ट से यह खुलासा हुआ है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि दुनिया भर में विलय एवं अधिग्रहण, निजी इक्विटी और वेंचर फाइनैंसिंग सौदों में एक साल पहले के मुकाबले गिरावट दर्ज की गई है। इसका प्रमुख कारण आर्थिक अनिश्चितता और पूंजी प्रवाह में कमी है। साल 2025 की पहली तिमाही के दौरान विलय-अधिग्रहण सौदों की मात्रा में 5 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है।

इसी अवधि के दौरान निजी इक्विटी सौदों में 2 फीसदी और वेंचर फाइनैंसिंग में 8 फीसदी की गिरावट आई है। इस नरमी के बीच भारत और जापान अलग खड़े दिखे। भारत में सौदों की मात्रा में 14.2 फीसदी और सौदों के मूल्य में 10.58 फीसदी की वृद्धि हुई है। वहीं, जापान ने दमदार प्रदर्शन किया है। वहां सौदों की मात्रा में 26.9 फीसदी और मूल्य में 54.5 फीसदी की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।

First Published - April 10, 2025 | 9:57 PM IST

संबंधित पोस्ट