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GST Reforms: ग्रीन एनर्जी प्रोजेक्ट लगाना होगा सस्ता, उपकरणों पर जीएसटी दरें घटीं

वित्त मंत्रालय द्वारा जारी अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्नों (F&Q) के अनुसार, ऐसे उत्पादों पर जीएसटी कम करने का उद्देश्य रिन्यूएबल एनर्जी प्रोडक्टस को बढ़ावा देना है।

Last Updated- September 04, 2025 | 7:55 PM IST
Green Energy

GST Reforms: ग्रीन एनर्जी प्रोजेक्ट लगाने का खर्च कम होने की उम्मीद है क्योंकि ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा देने के लिए रिन्यूएबल एनर्जी प्रोडक्टस और उपकरणों पर जीएसटी रेट 12 फीसदी से घटाकर 5 फीसदी कर दी गई है। जीएसटी काउंसिल ने बुधवार को अपनी 56वीं बैठक में ईंधन सेल प्रौद्योगिकी पर आधारित हाइड्रोजन व्हीकल सहित ईंधन सेल मोटर वाहन, सोल कुकर और सोलर वॉटर हीटर और सिस्टम्स पर भी टैक्स 12 फीसदी से घटाकर 5 फीसदी करने की सिफारिश की।

रिन्यूएबल एनर्जी प्रोडक्टस पर जीएसटी घटा

वित्त मंत्रालय द्वारा जारी अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्नों (F&Q) के अनुसार, ऐसे उत्पादों पर जीएसटी कम करने का उद्देश्य रिन्यूएबल एनर्जी प्रोडक्टस को बढ़ावा देना है। जीएसटी की नई दरें 22 सितंबर से लागू होगी। दरों को युक्तिसंगत बनाने की प्रक्रिया के तहत, केंद्र और राज्यों ने फोटो वोल्टिक सेल (चाहे मॉड्यूल में असेंबल किए गए हों या पैनल में बनाए गए हों), सौर ऊर्जा-आधारित उपकरण, सौर ऊर्जा जनरेटर, विंड मिल और विंड एनर्जी से चलने वाले बिजली जनरेटर (WOEG) पर जीएसटी को 12 फीसदी से घटाकर 5 फीसदी करने पर सहमति व्यक्त की।

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इन प्लांट पर भी घटेगा टैक्स

इसके अलावा, बायो-गैस प्लांट, अपशिष्ट से ऊर्जा बनाने का प्लांट/उपकरण, सोलर लालटेन/सोलर लैंप, समुद्री लहरों/ज्वारीय लहरों से ऊर्जा तैयार करने के उपकरणों/प्लांटों पर टैक्स कम कर दिया गया है। सरकार ने कहा कि ये वस्तुएं पहले से ही उलट शुल्क ढांचे यानी कच्चे माल पर अधिक और तैयार उत्पाद पर कम शुल्क की स्थिति का सामना कर रही थीं।

प्रोजेक्ट का खर्च कम होगा

जीएसटी दर को घटाकर 5 फीसदी करने से उलट शुल्क ढांचा और गहरा हो जाएगा, लेकिन उलटे शुल्क ढांचे से उत्पन्न होने वाले रिफंड के लिए व्यवस्था उपलब्ध है। इस बारे में टिप्पणी करते हुए, ओएमसी पावर के को-फाउंडर और सीईओ रोहित चंद्रा ने कहा, ‘‘यह सुधार समावेशी वृद्धि, ग्रामीण सशक्तीकरण और सतत ऊर्जा समाधानों का रास्ता साफ करता है जो भारत के आर्थिक और सामाजिक ताने-बाने को मजबूत करेगा।’’

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वारी एनर्जीज लिमिटेड के सीईओ अमित पैठणकर ने कहा, ‘‘रिन्यूएबल एनर्जी प्रोडक्टस और उपकरणों पर जीएसटी में कमी से परियोजना लागत कम होगी और भारत के ग्रीन एनर्जी लक्ष्यों को पूरा करने के लिए आवश्यक क्षमता वृद्धि में तेजी आएगी।’’

(PTI इनपुट के साथ)

First Published - September 4, 2025 | 6:38 PM IST

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