Photo: X
Fire broke in Magh mela area at Sangam: प्रयागराज में चल रहे माघ मेले में मकर संक्रांति के पर्व स्नान के एक दिन पहले बुधवार को आग लग गयी। प्रयागराज में संगम तट पर माघ मेला क्षेत्र के सेक्टर 4 में स्वामी राम सेवक शिविर में बुधवार शाम आग भड़क उठी जिसने 20 से ज्यादा टेंटों को चपेट में ले लिया। इससे पहले मंगलवार को भी मेला क्षेत्र के नारायण शुक्ला धाम शिविर में आग लगी थी जिससे 15 टेंट और 20 दुकानें जली थीं। आग का कारण शाम के आरती के लिए जलाए गए दियों को बताया जा रहा है। इस आगजनी से किसी के घायल होने की जानकारी नहीं है।
बुधवार शाम को सेक्टर 4 में लगी आग को बुझाने 10 फायर ब्रिगेड और 10 एंबुलेंस लगायी गयी। मुख्य अग्निशमन अधिकारी अनिमेष सिंह ने बताया कि शिविर में रखे दियों से आग भड़क गयी जिसे समय रहते काबू पा लिया गया। जिस समय सेक्टर 4 में आग लगी तो हजारों की तादाद में स्नान करने श्रद्धालु संगम नोज की तरफ जा रहे थे जिन्हें दूसरे मार्ग की तरफ मोड़ा गया।
Also Read: ईरान की हालात चिंताजनक: भारत ने अपने नागरिकों को यात्रा नहीं करने की सलाह दी
मकर संक्रांति के एक दिन पहले से ही प्रयागराज के माघ मेले में श्रद्धालुओं के संगम तट पर स्नान करने का सिलसिला लगातार बना हुआ है। बुधवार को षटतिला एकादशी पर देर शाम तक लगभग 70 लाख श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई। गुरुवार को मकर संक्रांति के पर्व पर यह संख्या कई गुना होने की उम्मीद है। पर्व स्नानों पर भीड़ को व्यवस्थित रखने के लिए इस बार संगम तट पर 12,000 फीट लंबे घाट तैयार किए गए हैं। गुरुवार को मकर संक्रांति के मौके पर अयोध्या में भी पांच लाख से ज्यादा लोगों के सरयू स्नान के लिए पहुंचने का अनुमान है।
माघ मेले की व्यवस्था देख रहे अधिकारियों का कहना है कि पिछले साल कुंभ के प्रति लोगों के भारी आकर्षण के बाद इस बार माघ मेला भी पहले से कहीं ज्यादा भव्य और दिव्य हो गया है। देश भर से लोग इस बार माघ मेले के लिए भी उमड़ रहे हैं। संगम तट पर डेरा डालने वाले कल्पवासियों की संख्या भी बढ़ी है। वहीं माघ मेले में आने वाले श्रद्धालु बड़ी तादाद में काशी विश्वनाथ के दर्शन के लिए वाराणसी भी पहुंच रहे हैं। भीड़ को देखते हुए काशी विश्वनाथ में भी वीआईपी दर्शन की व्यवस्था पर रोक लगायी गयी है। बाहर की गाड़ियों का प्रवेश माघ मेले के दौरान बंद कर दिया गया है।