विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल | फाइल फोटो
भारत ने बुधवार को अपने नागरिकों को ईरान की यात्रा से बचने की सलाह दी, जहां सरकार विरोधी व्यापक प्रदर्शनों और प्रदर्शनकारियों पर की जा रही कार्रवाई के मद्देनजर सुरक्षा स्थिति बिगड़ गई है। ईरानी मुद्रा रियाल के रिकॉर्ड निचले स्तर पर गिरने के बाद पिछले महीने तेहरान में प्रदर्शन शुरू हुए। तब से ये प्रदर्शन सभी 31 प्रांतों में फैल चुके हैं, और आर्थिक संकट के खिलाफ आंदोलन से शुरू होकर राजनीतिक परिवर्तन की मांग में तब्दील हो गए हैं।
विदेश मंत्रालय ने एक नए परामर्श में कहा, ‘‘ईरान में मौजूदा घटनाक्रम को देखते हुए भारतीय नागरिकों को फिर से सलाह दी जाती है कि वे अगली सूचना तक इस्लामिक गणराज्य ईरान की यात्रा करने से बचें।’’
विदेश मंत्रालय ने पांच जनवरी को जारी पिछले परामर्श में अपने नागरिकों से ईरान की गैर-जरूरी यात्रा से बचने का आग्रह किया था। साथ ही, ईरान में रहने वाले भारतीय नागरिकों और भारतीय मूल के लोगों (पीआईओ) से सावधानी बरतने और प्रदर्शन वाले क्षेत्रों में जाने से बचने को कहा था।
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अमेरिका स्थित ह्यूमन राइट एक्टिविस्ट न्यूज एजेंसी (एचआरएएनए) के अनुसार, ईरान में पिछले कुछ दिनों में देशव्यापी प्रदर्शनों में मरने वालों की संख्या बढ़कर 2,500 से ज्यादा हो गई है। ईरान में हो रहे प्रदर्शनों से पश्चिम एशिया में भी व्यापक तनाव पैदा हो गया है और अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने प्रदर्शनकारियों पर क्रूर कार्रवाई के खिलाफ तेहरान को चेतावनी दी है। प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए ट्रंप ने मंगलवार को कहा कि ‘‘मदद पहुंचने वाली है।’’
(PTI इनपुट के साथ)