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FASTag: टोल टैक्स और फास्टैग का नया नियम कल से होगा लागू, हाइवे पर चलाते हैं गाड़ी तो आपके लिए जरूरी

सरकार के इन नए नियमों का उद्देश्य टोल भुगतान प्रणाली को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाना है, जिससे यूजर्स को परेशानी से बचाया जा सके और टोल विवादों को कम किया जा सके।

Last Updated- February 16, 2025 | 7:41 PM IST
FASTag
प्रतीकात्मक तस्वीर | फोटो क्रेडिट: PTI

नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया और सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने FASTag से जुड़े दो बड़े बदलावों की घोषणा पहले ही कर दी है। सरकार अब टोल भुगतान प्रक्रिया को अधिक आसान बनाने और विवादों को कम करने के लिए कुछ नए दिशानिर्देश लागू कर रही है। 17 फरवरी 2025 से ये नए नियम लागू होंगे। जिनके FASTag अकाउंट में बैलेंस नहीं होगा या जिनका टैग ब्लैकलिस्ट हो चुका है, उनके लिए नियमों में बदलाव किया गया है। इसके अलावा, चार्जबैक प्रक्रिया, कूलिंग पीरियड और लेनदेन जुड़े नियमों में भी बदलाव किए गए हैं।

अब लगेगा अतिरिक्त शुल्क

अगर वाहन के टोल प्लाजा से गुजरने के 15 मिनट के भीतर भुगतान नहीं होता है, तो FASTag यूजर्स को अतिरिक्त पैसा देना पड़ सकता है। नेशनल इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन के नए दिशानिर्देशों के अनुसार, अगर ट्रांजेक्शन में देरी होती है और यूजर के अकाउंट में बैलेंस नहीं होता, तो इसकी जिम्मेदारी टोल ऑपरेटर की होगी। लेकिन अगर पैसा कट जाता है, तो यूजर इस कटौती को चैलेंज कर सकता, लेकिन इसके लिए उन्हें 15 दिनों का अनिवार्य कूलिंग पीरियड पूरा करना होगा।

नए दिशानिर्देशों के तहत, अगर किसी यूजर के FASTag से गलत तरीके से पैसा कटता है और वह टैग ब्लैकलिस्ट या लो बैलेंस की वजह से प्रभावित होता है, तो बैंक केवल 15 दिनों के कूलिंग पीरियड के बाद ही चार्जबैक दर्ज कर सकते हैं। अगर कोई चार्जबैक अनुरोध 15 दिन से पहले किया जाता है, तो सिस्टम उसे स्वतः अस्वीकार कर देगा और “5290 – कूलिंग पीरियड पूरा नहीं हुआ” का मैसेज मिलेगा।

NETC प्रणाली में इन बदलावों की लागू होने की तारीख बाद में घोषित की जाएगी, लेकिन यह स्पष्ट किया गया है कि टोल भुगतान में देरी से कटे गए शुल्क को चुनौती देने के लिए यूजर्स को 15 दिनों तक इंतजार करना होगा।

इन FASTag से लेनदेन नहीं होगा

नए नियमों के तहत, अगर कोई FASTag ब्लैकलिस्ट, कम बैलेंस में है या लंबे समय से सक्रिय नहीं है, तो इससे किया गया भुगतान अस्वीकार कर दिया जाएगा। अगर किसी वाहन का FASTag, टोल प्लाज़ा पार करने से 60 मिनट पहले निष्क्रिय था और टोल पार करने के 10 मिनट बाद तक भी सक्रिय नहीं हुआ, तो इस ट्रांजेक्शन को सिस्टम स्वतः अस्वीकार कर देगा। ऐसी अस्वीकृत लेनदेन को “Error Code 176” के तहत दर्ज किया जाएगा। इस नियम को 17 फरवरी 2025 से लागू किया जाएगा।

इससे FASTag यूजर्स कैसे बचें?

FASTag यूजर्स कुछ उपाय अपनाकर इन नए नियमों से बच सकते हैं। यात्रा से पहले अपने FASTag वॉलेट में पर्याप्त बैलेंस बनाए रखें। लेनदेन के समय पर नजर रखें ताकि भुगतान में देरी से कटने वाले अतिरिक्त शुल्क से बचा जा सके। गलत कटौती की स्थिति में चार्जबैक के लिए 15-दिन का कूलिंग पीरियड पूरा होने तक इंतजार करें। FASTag की स्थिति समय-समय पर जांचें ताकि निष्क्रियता की वजह से भुगतान अस्वीकार न हो।

इन बातों का रखें ध्यान

अगर कोई लेनदेन 15 मिनट के बाद प्रोसेस होता है, तो अतिरिक्त शुल्क लग सकता है। चार्जबैक केवल 15-दिन के कूलिंग पीरियड के बाद ही उठाया जा सकता है। अगर FASTag टोल पार करने से पहले 60 मिनट तक निष्क्रिय रहता है, तो भुगतान अस्वीकार कर दिया जाएगा। ये सभी बदलाव 17 फरवरी 2025 से लागू होंगे।

सरकार के इन नए नियमों का उद्देश्य टोल भुगतान प्रणाली को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाना है, जिससे यूजर्स को परेशानी से बचाया जा सके और टोल विवादों को कम किया जा सके।

First Published - February 16, 2025 | 7:41 PM IST

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