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Delhi-Meerut RRTS: अब ‘नमो भारत’ के नाम से जानी जाएगी रैपिड रेल, पीएम मोदी आज दिखाएंगे हरी झंडी

Namo Bharat Train: दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ आरआरटीएस कॉरिडोर का 17 किलोमीटर लंबा प्राथमिकता वाला खंड इसके उद्घाटन के एक दिन बाद 21 अक्टूबर को यात्रियों के लिए खोला जाएगा।

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बीएस वेब टीम   
Last Updated- October 20, 2023 | 11:28 AM IST

Namo Bharat Train: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज यानी 20 अक्टूबर (शुक्रवार) को गाजियाबाद से देश की पहली रैपिड रेल ‘नमो भारत’ (NaMo Bharat) को हरी झंडी दिखाएंगे। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) की ट्रेनों को अब ‘नमो भारत’ के नाम से जाना जाएगा। दिल्ली से मेरठ के बीच 82 किलोमीटर लम्बे कॉरिडोर के पहले चरण में यह ट्रेन साहिबाबाद से दुहाई के बीच 17 किलोमीटर की दूरी तय करेगी। यह ट्रेन साल 2025 तक दिल्ली से मेरठ के बीच रफ्तार भरती हुई नजर आएगी।

21 अक्टूबर से यात्रियों के लिए खोली जाएगी Namo Bharat Train

दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ आरआरटीएस कॉरिडोर का 17 किलोमीटर लंबा प्राथमिकता वाला खंड इसके उद्घाटन के एक दिन बाद 21 अक्टूबर को यात्रियों के लिए खोला जाएगा। साहिबाबाद और दुहाई डिपो के बीच इस खंड में -साहिबाबाद, गाजियाबाद, गुलधर, दुहाई और दुहाई डिपो पांच स्टेशन हैं।

दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ कॉरिडोर की आधारशिला 8 मार्च, 2019 को प्रधानमंत्री मोदी द्वारा रखी गई थी। प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने बुधवार को एक बयान में कहा था कि नए विश्व स्तरीय परिवहन बुनियादी ढांचे के निर्माण के माध्यम से देश में क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को बदलने के उनके दृष्टिकोण के अनुरूप, RRTS परियोजना विकसित की जा रही है।

RRTS एक नया रेल-आधारित, सेमी-हाई-स्पीड, हाई-फ़्रीक्वेंसी कम्यूटर ट्रांज़िट सिस्टम है। नमो भारत ट्रेन की गति 180 किमी प्रति घंटा है।

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राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में विकसित होंगे कुल आठ RRTS कॉरिडोर

PMO ने कहा था कि यह एक “परिवर्तनकारी” क्षेत्रीय विकास पहल है, जिसे हर 15 मिनट में इंटरसिटी आवागमन के लिए हाई-स्पीड ट्रेनें प्रदान करने के लिए डिजाइन किया गया है, जो आवश्यकता के अनुसार हर पांच मिनट की फ़्रीक्वेंसी तक जा सकती है।

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में विकास के लिए कुल आठ RRTS कॉरिडोर की पहचान की गई है, जिनमें से तीन कॉरिडोर को चरण- I में लागू करने के लिए प्राथमिकता दी गई है। ये तीन कॉरिडोर दिल्ली-गाजियाबाद- मेरठ, दिल्ली-गुरुग्राम-एसएनबी-अलवर और दिल्ली- पानीपत है।

PMO ने कहा था कि दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ कॉरिडोर 30,000 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से विकसित किया जा रहा है और यह गाजियाबाद, मुरादनगर और मोदीनगर के शहरी केंद्रों के माध्यम से एक घंटे से भी कम समय में दिल्ली को मेरठ से जोड़ेगा।

First Published : October 20, 2023 | 11:15 AM IST