facebookmetapixel
27 जनवरी को देशभर में बैंक हड़ताल! 8 लाख बैंक कर्मी क्यों ठप रखेंगे कामकाज?PhonePe IPO: वॉलमार्ट, टाइगर ग्लोबल और माइक्रोसॉफ्ट बेचेंगे ₹10,000 करोड़ से ज्यादा की हिस्सेदारीनिफ्टी की रफ्तार पर ब्रेक! PL कैपिटल ने घटाया टारगेट, बैंक से डिफेंस तक इन सेक्टरों पर जताया भरोसाबजट से पहले बड़ा संकेत! डिफेंस और इंफ्रा बनेंगे गेमचेंजर, निफ्टी को भी मिल सकती है नई रफ्तारगिरा तो खरीदो! एक्सपर्ट बोले- सोने की चमक और तेज होगी, ₹2.3 लाख तक जा सकता है भावShadowfax IPO को अप्लाई करने का आखिरी मौका, दांव लगाए या नहीं? ग्रे मार्केट यह दे रहा इशारा52% चढ़ सकता है, Eternal के शेयर पर ब्रोकरेज का बड़ा अपडेट; Q3 में 73% उछल गया मुनाफाGold and Silver Price Today: सोने की कीमतों में नरमी, चांदी में बढ़त के साथ कारोबार की शुरुआतरूस से दूरी, पश्चिम एशिया से नजदीकी: भारतीय तेल आयात में बड़ा बदलावबैंकों का भरोसा बढ़ा, वाणिज्यिक क्षेत्र में रिकॉर्ड निवेश

Cyclone Biparjoy: गुजरात में चक्रवाती तूफान से किसी की जान नहीं गई- NDRF DG

चक्रवाती तूफान ‘बिपारजॉय’ के कारण तेज हवाएं चलने और भारी बारिश होने से कच्छ और सौराष्ट्र के इलाकों में भारी तबाही हुई है।

Last Updated- June 16, 2023 | 4:16 PM IST
Cyclone Biparjoy h

राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) के महानिदेशक अतुल करवाल ने शुक्रवार को कहा कि गुजरात में चक्रवाती तूफान बिपारजॉय के आने के बाद किसी की जान नहीं गई है। हालांकि 23 लोग विभिन्न घटनाओं में घायल हुए हैं और राज्य के कम से कम एक हजार गांवों में बिजली आपूर्ति बाधित हुई है।

चक्रवाती तूफान ‘बिपारजॉय’ के कारण तेज हवाएं चलने और भारी बारिश होने से कच्छ और सौराष्ट्र के इलाकों में भारी तबाही हुई है। एक अधिकारी ने बताया कि चक्रवाती तूफान के जखौ बंदरगाह के निकट पहुंचने की प्रक्रिया गुरुवार शाम करीब साढ़े छह बजे शुरू हुई और देर रात दो बजकर 30 मिनट तक चली। इस दौरान पूरे कच्छ जिले में भारी बारिश हुई। करवाल ने दिल्ली में संवाददाताओं से कहा कि दुर्भाग्य से तूफान के गुजरात पहुंचने के पहले दो लोगों की मौत हो गई लेकिन तूफान के पहुंचने के बाद कोई जनहानि नहीं हुई है।

उन्होंने कहा कि गुजरात प्रशासन तथा अन्य एजेंसियों ने जानमाल का कम से कम नुकसान सुनिश्चित करने के लिए मिल कर काम किया था और यह उसी का नतीजा है। एनडीआरएफ के महानिदेशक ने कहा कि तूफान से जुड़ी घटनाओं में कम से कम 23 लोग घायल हो गए। उन्होंने कहा कि राज्य के कम से कम एक हजार गांव बिजली संकट का सामना कर रहे हैं।

इनमें 40 प्रतिशत बिजली संकट अकेले कच्छ जिले में है। करवाल ने कहा,‘‘ 500 कच्ची अथवा फूस की झोपड़ियां क्षतिग्रस्त हो गई हैं, कुछ पक्के मकानों को भी नुकसान पहुंचा है और 800 पेड़ उखड़ गए हैं। हमारी और राज्य आपदा मोचन बल की टीम हालात को सामान्य बनाने और प्रभावितों की मदद के लिए काम कर रही हैं।’’

उन्होंने कहा कि राज्य में अधिकतर सड़क मार्ग साफ है और सेलफोन नेटवर्क ‘‘अब भी काम’’ कर रहे हैं। राजकोट के अलावा गुजरात में कहीं भारी बारिश नहीं हो रही है। गुजरात के तटीय इलाकों में पहुंचने के कुछ घंटों बाद चक्रवात की तीव्रता कम होकर ‘बेहद गंभीर’ से ‘गंभीर’ श्रेणी में आ गई।

चक्रवात उत्तर पूर्व की ओर बढ़ने के साथ कमजोर पड़ गया है। शाम तक यह दबाव के क्षेत्र में तब्दील हो जाएगा। चक्रवात अब दक्षिण राजस्थान की ओर बढ़ रहा है तथा एनडीआरएफ ने राज्य सरकार से विचार विमर्श करके एक टीम जलोर में पहले ही तैनात कर दी है क्योंकि भारी बारिश से बाढ़ आने और लोगों के फंसने का खतरा है। राहत तथा बचाव कार्य के लिए गुजरात में एनडीआरएफ की 18 टीम पेड़ काटने वाली मशीनों तथा नौकाओं के साथ तैनात हैं। उन्होंने कहा कि चक्रवात से पैदा किसी भी हालात से निपटने के लिए महाराष्ट्र में पांच तथा कर्नाटक में चार टीम तैनात हैं।

First Published - June 16, 2023 | 4:16 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट