केंद्र सरकार ने सभी ग्राम पंचायतों को निर्देश दिया है कि वे 26 दिसंबर से पहले विशेष ग्राम सभाओं का आयोजन करें। इन सभाओं में, नए लागू किए गए विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) (VB-G RAM G) बिल की प्रमुख धाराओं को समझाया जा सके। यह बिल 20 साल पुराने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MGNREGA) की जगह लेता है।
कुछ दिन पहले जारी एक आधिकारिक पत्र के अनुसार, ग्राम सभाओं को ग्रामीणों, श्रमिकों, महिलाओं, अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति परिवारों और अन्य कमजोर समूहों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करनी चाहिए।
ग्राम सभाओं की कार्यवाही को दस्तावेज के रूप में दर्ज किया जाना चाहिए और जीओटैग सहित रियल-टाइम में ऑफिशियल पोर्टल पर अपलोड किया जाना अनिवार्य है।
पत्र में यह भी चेतावनी दी गई है कि ग्रामीण विकास मंत्रालय इन विशेष ग्राम सभाओं की प्रगति पर कड़ाई से नजर रखेगा, ताकि VB-G RAM G के बारे में जागरूकता बढ़ाई जा सके।
वहीं, इसी संदर्भ में ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को कहा कि VB-G RAM G के तहत किए जाने वाले कार्यों में एक तिहाई काम महिलाओं को दिया जाएगा।
‘लखपति दीदियों’ के साथ बातचीत में चौहान ने कहा कि दीदियों को योजना के तहत इंफ्रास्ट्रक्चर विकास के लाभ मिलेंगे, जबकि पंचायतों को उनकी आवश्यकताओं के आधार पर और ज्यादा काम दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि नई योजना में अगर मजदूरों को काम देने में देरी होती है तो बेरोजगारी भत्ता देने का साफ प्रावधान है। साथ ही, VB-G RAM G के तहत काम दिल्ली से तय नहीं होगा, बल्कि गांवों से ही निर्धारित किया जाएगा।