facebookmetapixel
सरकार जल्द मंजूर करेगी ECMS के और प्रस्ताव, ₹11,150 करोड़ निवेश की संभावनाUIDAI का बड़ा कदम: 2.5 करोड़ मृत लोगों के आधार नंबर बंद, धोखाधड़ी पर कसेगा शिकंजाDSP MF का नया Multi Asset Omni FoF लॉन्च, ₹100 से इक्विटी-डेट-गोल्ड में डायनैमिक निवेश का मौकाRBI से बैंकों की गुहार: लोन ग्रोथ तेज, जमा सुस्त, लिक्विडिटी नियमों में ढील की मांगSEBI ने मार्केट इंटरमीडिएटरीज के लिए ‘फिट एंड प्रॉपर पर्सन’ फ्रेमवर्क में व्यापक बदलावों का प्रस्ताव रखाAMC Stocks में तेजी की गुंजाइश, ब्रोकरेज ने दिए 18–28% अपसाइड के टारगेट₹1,000 का लेवल टच करेगा ये Hotel Stock! मोतीलाल ओसवाल ने शुरू की कवरेज, 30% अपसाइड का टारगेटONGC, Oil India और BPCL क्यों बन रहे हैं ब्रोकरेज के फेवरेट? रिपोर्ट में 10% अपसाइड का संकेतInterest Rates: MPC में सरप्राइज नहीं होगा? नुवामा ने बताया RBI का अगला बड़ा दांव क्या हैAnthropic के नए टूल ने IT सेक्टर में मचाई खलबली! इंफोसिस से लेकर टीसीएस के शेयर धड़ाम, क्या करता है ये टूल ?

CCS ने 20,000 करोड़ के मेक इन इंडिया प्रोजेक्ट को दी मंजूरी, Su-30 फाइटर जेट और 100 K-9 तोपें होंगी शामिल

12 Su-30MKI लड़ाकू विमानों का निर्माण हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) की नासिक यूनिट में लाइसेंस के तहत किया जाएगा।

Last Updated- December 12, 2024 | 9:17 PM IST
Jet,F35,,,Fighter,On,Aircraft,Carrier,In,Sea,,Ocean

कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) ने गुरुवार को डिफेंस सेक्टर में ‘मेक इन इंडिया’ पहल को मजबूती देने वाले दो बड़े प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी। इन प्रोजेक्ट्स की कुल लागत करीब 20,000 करोड़ रुपये है। इनमें भारतीय वायुसेना के लिए 12 Su-30MKI लड़ाकू विमान और भारतीय सेना के लिए 100 K-9 वज्र सेल्फ-प्रोपेल्ड होवित्जर तोप शामिल हैं।

Su-30MKI लड़ाकू विमान

12 Su-30MKI लड़ाकू विमानों का निर्माण हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) की नासिक यूनिट में लाइसेंस के तहत किया जाएगा।
इन विमानों की लागत लगभग 13,000 करोड़ रुपये होगी।
ये विमान वायुसेना के उन विमानों की जगह लेंगे, जो पिछले वर्षों में खो दिए गए।

K-9 वज्र होवित्जर

100 K-9 वज्र होवित्जर तोपों का निर्माण गुजरात के हजीरा में लार्सन एंड टुब्रो (L&T) द्वारा किया जाएगा।
यह सेना के लिए पहले से शामिल 100 K-9 होवित्जर का रिपीट ऑर्डर है।
L&T ने इन तोपों में स्वदेशी सामग्री की मात्रा बढ़ाई है।

छोटे और मझोले उद्योगों को फायदा

HAL और L&T के इन प्रोजेक्ट्स से उनके सप्लाई चेन में जुड़े छोटे और मझोले उद्योगों (SMEs) को भी मजबूती मिलेगी। यह कदम भारतीय डिफेंस सेक्टर में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने और स्वदेशी निर्माण को प्रोत्साहन देने की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि है। (ANI के इनपुट के साथ)

First Published - December 12, 2024 | 9:17 PM IST

संबंधित पोस्ट