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विपक्षी एकता को लगा धक्का, बसपा नहीं करेगी किसी भी तरह का चुनाव पूर्व गठबंधन- मायावती

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Last Updated- January 15, 2023 | 8:00 PM IST
BSP
Creative Commons license

अगले साल होने वाले लोकसभा चुनावों से पहले ही बहुजन समाज पार्टी (BSP) ने गठबंधन को लेकर अपनी स्थिति साफ कर दी है। बसपा सुप्रीमो मायावती ने किसी भी तरह के चुनाव पूर्व गठबंधन से साफ इंकार करते हुए कांग्रेस पर भ्रम फैलाने का आरोप लगाया है।

रविवार को अपने जन्मदिन के मौके पर बुलाई गई प्रेस कांफ्रेंस में मायावती ने कहा कि बसपा अब किसी भी चुनाव में किसी पार्टी से गठबंधन नहीं करेगी। लोकसभा हो या विधानसभा चुनाव बसपा ने किसी भी तरह के चुनाव पूर्व गठबंधन से इंकार किया है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी अभी से गठबंधन का गलत प्रचार करने लगी है। लिहाजा स्थिति को साफ करना जरूरी हो गया है। मायावती ने साफ कहा कि 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले कर्नाटक, राजस्थान और मध्यप्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनावों के लिए भी किसी पार्टी के साथ बसपा का गठबंधन नहीं होगा।

गौरतलब है कि पिछले लोकसभा चुनावों में मायावती ने उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन किया था और दस सीटें जीती थीं। हालांकि चुनाव के कुछ दिनों बाद गठबंधन टूट गया था और बीते साल उत्तर प्रदेश का विधानसभा चुनाव बसपा ने अकेले लड़ा था और महज एक सीट जीती थी।

मायावती के अब किसी तरह के चुनाव पूर्व गठबंधन से इंकार कर देने से विपक्षी एकता के प्रयासों को झटका लगा है। बसपा प्रमुख ने कहा कि गठबंधन होने से उनकी पार्टी को कोई फायदा नहीं मिलता है। उन्होंने कहा कि बसपा का वोट तो दूसरी पार्टियों को मिल जाता है पर उसे लाभ नहीं होता है।

रविवार को मायावती ने कहा कि चुनाव बैलेट पेपर से होने चाहिए। उन्होंने कहा कि बीते कुछ सालों से ईवीएम से होने वाले चुनावों को लेकर लोगों के मन में आशंकाएं है तो इन हालात में सभी तरह के चुनाव सीधे बैलेट से कराए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि जब जब बैलेट पेपर से चुनाव हुए हैं तो बसपा का जनाधार बढ़ा है और मतदान का प्रतिशत भी अधिक रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा की जीत ईवीएम का कमाल है।

यह भी पढ़ें: यूपी सरकार ने शुरू की कुसुम परियोजना, किसान अपने खेतों में लगा सकेंगे सौर ऊर्जा संयंत्र

रविवार को मायावती का जन्मदिन बसपा ने जनकल्याणकारी दिवस के तौर पर मनाया और इस मौके पर उनके जीवन पर लिखी हुई किताब भी जारी की गई। मायावती ने इस मौके पर भाजपा के साथ कांग्रेस को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि केंद्र में लंबे समय तक शासन के बाद भी कांग्रेस ने मंडल कमीशन की सिफारिशों को लागू नहीं होने दिया और अब भाजपा भी आरक्षण के हक को मार रही है। उन्होंने कहा कि इससे उत्तर प्रदेश में निकाय चुनाव प्रभावित हुए हैं। समाजवादी पार्टी ने भी अति पिछड़ों को अधिकार न देकर उनके साथ छल किया है।

योगी सरकार की ओर से आयोजित होने वाले वैश्विक निवेशक सम्मेलन को भी मायावती ने नाटकबाजी बताया और कहा कि इससे सामान्य लोगों को कोई फायदा नहीं मिलने वाला है।

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First Published - January 15, 2023 | 8:00 PM IST

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