facebookmetapixel
Advertisement
FIIs अब किन सेक्टर्स में लगा रहे पैसा? जनवरी में ₹33,336 करोड़ की बिकवाली, डिफेंस शेयरों से दूरीIMPS vs NEFT vs RTGS: कौन सा है सबसे तेज और सस्ता तरीका? जानिए सब कुछ₹21,028 करोड़ मुनाफे के बाद SBI ने TCS को पीछे छोड़ा, बनी देश की चौथी सबसे बड़ी कंपनीरेखा झुनझुनवाला के पोर्टफोलियो वाला स्टॉक, मोतीलाल ओसवाल ने दिया 47% अपसाइड का टारगेटITR Refund Status: रिफंड का इंतजार? 24 लाख से ज्यादा रिटर्न अब भी पेंडिंग; जानें क्या करेंBank Strike on 12 Feb: बैंक ग्राहकों के लिए बड़ा अलर्ट! SBI समेत देशभर के बैंक कल रहेंगे बंद; ये सेवाएं रहेंगी प्रभावितजॉब जॉइनिंग में अब नहीं होगी देरी! Aadhaar App से मिनटों में बैकग्राउंड वेरिफिकेशन, जानें डीटेल्सऑफिस का किराया आसमान पर! REITs के लिए खुला कमाई का सुपर साइकिलभारत से ट्रेड डील की फैक्ट शीट में US ने किया संसोधन; दालें हटाई गईं, $500 अरब खरीद क्लॉज भी बदलामौजूदा स्तर से 33% चढ़ेगा हॉस्पिटल कंपनी का शेयर! ब्रोकरेज ने कहा- वैल्यूएशन है अच्छा; न चूकें मौका

अभी सिर्फ देश के 481 जिलों में 5जी इन्फ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध

Advertisement
Last Updated- March 29, 2023 | 8:32 PM IST
5G in India

दूरसंचार विभाग (DoT) ने संसद में एक आ​धिकारिक जवाब में कहा कि 5जी सेवा को शुरू हुए करीब 6 महीने हो गए हैं और देशव्यापी तौर पर यह ढांचा 481 जिलों में स्थापित हो चुका है। भारत में अभी 23.8 लाख कुल बेस ट्रांससीवर स्टेशन (बीटीएस) का सिर्फ 37 प्रतिशत या 8.84 लाख हिस्सा ही फाइबरयुक्त किया गया है।

बीटीएस किसी मोबाइल नेटवर्क में फिक्स्ड रेडियो ट्रांससीवर होता है। यह मुख्य तौर पर टावर के स्वरूप में होता है। हालांकि नए 5जी रेडियो मौजूदा टावर इन्फ्रास्ट्रक्चर पर फिट किए जा रहे हैं। इनका इस्तेमाल ग्राहक डिवाइस और दूरसंचार ऑपरेटर नेटवर्कों के बीच संचार प्रक्रिया सुगम बनाने में किया जाता है।

अ​धिकारियों का कहना है कि 5जी का भौगोलिक दायरा तेजी से बढ़ रहा है, क्योंकि एक महीने पहले तक 5जी के दायरे में आने वाले जिलों की संख्या 387 थी।

हालांकि दूरसंचार टावरों में फाइबर बैकहॉल का अभाव इस क्षेत्र के लिए मुख्य समस्या है। भारत में मौजूदा समय में 5जी की पेशकश कर रहीं दो दूरसंचार सेवा प्रदाता – रिलायंस जियो और भारती एयरटेल ने कहा है कि जब ऑप्टीकल फाइबर लाइन पूरी तरह बिछ जाएगी तो नेटवर्क स्पीड और क्षमता भी बढ़ जाएगी।

सेल्युलर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सीओएआई) का कहना है कि संभावित 5जी सेवाओं के लिए कम से कम 70 प्रतिशत टावरों तक फाइबर कने​क्टिविटी होनी चाहिए।

Advertisement
First Published - March 29, 2023 | 8:32 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement