facebookmetapixel
Advertisement
PM मोदी की नीदरलैंड यात्रा में हुए 17 ऐतिहासिक समझौते, सेमीकंडक्टर और ग्रीन एनर्जी पर हुआ सौदाहोर्मुज संकट पर संयुक्त राष्ट्र में भारत ने रखा अपना पक्ष, कहा: जहाजों पर हमला पूरी तरह अस्वीकार्यइबोला के दुर्लभ वायरस ने बढ़ाई पूरी दुनिया की चिंता, WHO ने घोषित किया वैश्विक स्वास्थ्य आपातकालSukhoi Su 57 बन सकता है वायु सेना का ब्रह्मास्त्र! स्क्वाड्रन की भारी कमी के बीच IAF के पास एकमात्र विकल्पवीडियोकॉन समूह को लेकर NCLAT का बड़ा फैसला: दोनों कंपनियों की दिवाला प्रक्रिया अब चलेगी अलग-अलगअंबुजा सीमेंट के विस्तार में देरी पर करण अदाणी ने माना: समूह की उम्मीदों पर खरी नहीं उतरीं परियोजनाएंम्यूचुअल फंड में फिर लौटा निवेशकों का भरोसा, कमोडिटी ETF को पछाड़ आगे निकले ऐक्टिव इक्विटी फंडडिजिटल लेनदेन पर अब मिलेगा ‘रिस्क स्कोर’, साइबर ठगी और ‘म्यूल अकाउंट’ पर नकेल कसने की तैयारीरुपये पर दबाव जरूर मगर अभी 100 पार नहीं! जानकारों का दावा: अभी इसकी संभावना न के बराबरप्रूडेंशियल PLC खरीदेगी भारती लाइफ में 75% हिस्सेदारी, 3500 करोड़ रुपये में हुआ बड़ा सौदा

RBI ने जेएम फाइनैंशियल प्रोडक्ट्स पर लगाई पाबंदियां

Advertisement

शेयरों और डिबेंचरों के एवज में किसी तरह का ऋण देने पर लगाई रोक, IPO के लिए ऋण मंजूरी एवं वितरण की भी मनाही

Last Updated- March 05, 2024 | 10:49 PM IST
RBI

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने जेएम फाइनैं​शियल प्रोडक्ट्स पर आज कई तरह की पाबंदियां लगा दी। केंद्रीय बैंक ने जेएम फाइनैं​शियल को शेयर और डिबेंचर के एवज में कर्ज देने पर तत्काल रोक लगा दी। साथ ही आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) और डिबेंचर पर कर्ज की स्वीकृति और वितरण से भी मना कर दिया है।

रिजर्व बैंक ने कहा कि जेएम फाइनैंशियल का विशेष ऑडिट किया जाएगा और इस ऑडिट के परिणाम के बाद ही प्रतिबंधों की समीक्षा की जाएगी। हालांकि जेएम फाइनैंशियल सामान्य संग्रह और वसूली प्रक्रिया के जरिये अपने मौजूदा ऋण खातों से जुड़ी गतिविधियां चालू रख सकती है।

नियामक ने कहा कि आईपीओ फाइनैंस करने के साथ गैर-परिवर्तनीय डिबेंचर (एनसीडी) की खरीद के लिए कंपनी द्वारा स्वीकृत ऋणों में कुछ गंभीर खामियां देखे जाने के बाद यह कदम उठाना जरूरी हो गया था। जेएम फाइनैं​शियल आईपीओ के लिए ऋण देने वाली बड़ी कंपनी है मगर दो साल पहले आरबीआई द्वारा इस तरह के फाइनैंस की सीमा 1 करोड़ रुपये तय करने के बाद से यह बाजार लड़खड़ा गया है।

आरबीआई ने भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड द्वारा साझा की गई जानकारी के आधार पर कंपनी के बहीखातों की सीमित समीक्षा की थी। इसमें पाया गया कि कंपनी ने उधार लिए गए पैसों का उपयोग करके अपने ग्राहकों के एक समूह को वि​भिन्न आईपीओ और एनसीडी के लिए बोली लगाने में मदद की है।

Advertisement
First Published - March 5, 2024 | 10:49 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement