facebookmetapixel
Advertisement
ऑटो कलपुर्जा शेयरों में लौटी रौनक: व्यापार समझौतों और दमदार नतीजों से निवेशकों की बढ़ी दिलचस्पीसरकारी कर्ज घटाने को राज्यों के फिजूलखर्च पर लगाम जरूरी, केंद्र के सामने बड़ी चुनौतीEditorial: AI इम्पैक्ट समिट के जरिए भविष्य की चुनौतियों और निवेश पर बड़ा दांवताकत, वक्त और लंबी तैयारी का खेल: भारत और यूरोप क्यों आ रहे हैं एक साथ?सोने-चांदी में जारी रहेगी उठापटक, क्या अमेरिकी GDP और महंगाई के आंकड़े बिगाड़ेंगे बाजार का खेल?अप्रैल से लागू होगा भारत-यूके के बीच हुआ CETA समझौता, व्हिस्की और कारें होंगी सस्ती: रिपोर्टशेयर बाजार में बरसेगा पैसा! इस हफ्ते HAL और Coal India समेत 63 कंपनियां देने जा रही हैं तगड़ा डिविडेंडInd vs Pak, T20 WC 2026: भारत-पाकिस्तान मुकाबले से पहले फिर गरमाया ‘हैंडशेक’ विवाद, क्या बदलेगा भारत का रुख?Lodha Developers का बड़ा दांव, पुणे की कंपनी में ₹294 करोड़ का निवेश₹10 से ₹2 होगी फेस वैल्यू! बायोलॉजिकल प्रोडक्ट से जुड़ी कंपनी करेगी स्टॉक स्प्लिट, रिकॉर्ड डेट इसी हफ्ते

Paytm सीईओ ने RBI अधिकारियों से की मुलाकात

Advertisement

सोमवार तक Paytm के कारोबार पर असर की चिंता के कारण Paytm के शेयरधारकों को 2.5 अरब डॉलर का नुकसान हो चुका था।

Last Updated- February 06, 2024 | 4:32 PM IST
paytm

Paytm के सीईओ विजय शेखर शर्मा ने नियामक चिंताओं को दूर करने के लिए सोमवार को भारतीय केंद्रीय बैंक के अधिकारियों से मुलाकात की। यह खबर सूत्रों के हवाले से आई है।

पिछले बुधवार को, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने Paytm पेमेंट्स बैंक को निर्देश दिया था कि वह मार्च से अपने खातों और डिजिटल वॉलेट में नई जमा स्वीकार करना बंद कर दे।

यह फैसला पर्यवेक्षी चिंताओं (supervisory concerns) और नियमों का अनुपालन न करने के कारण लिया गया, जिससे Paytm के शेयरों में गिरावट आई है।

एक सूत्र ने कहा कि आरबीआई से नियामक चिंताओं को दूर करने के लिए बातचीत चल रही है, और कंपनी ने 29 फरवरी की समय सीमा से आगे विस्तार के लिए कहा है।

सूत्र के मुताबिक, Paytm आरबीआई से अपने वॉलेट बिजनेस और डिजिटल हाईवे टोल भुगतान सेवा फास्टैग के लिए लाइसेंस ट्रांसफर करने पर भी स्पष्टता मांग रहा है। एक दूसरे सूत्र ने कहा, “आरबीआई ने Paytm की चिंताओं को सुना लेकिन कोई वादा नहीं किया।”

सोमवार तक Paytm के कारोबार पर असर की चिंता के कारण Paytm के शेयरधारकों को 2.5 अरब डॉलर का नुकसान हो चुका था।

रॉयटर्स की एक रिपोर्ट से पता चला कि भारत की संघीय एंटी-फ्रॉड एजेंसी इस बात की जांच कर रही है कि कंपनी द्वारा संचालित प्लेटफार्मों ने विदेशी मुद्रा नियमों का उल्लंघन किया है या नहीं, इसके बाद मंगलवार को स्टॉक एक नए निचले स्तर पर पहुंच गए।

Paytm के एक प्रवक्ता ने विदेशी मुद्रा कानूनों के संबंध में किसी भी गलत काम से इनकार किया, आरोपों को “निराधार और गलत” करार दिया।

इसके बाद, Paytm के शेयरों में शुरुआत में 8% की बढ़ोतरी हुई और बाद में 4.2% बढ़कर 457 रुपये पर पहुंच गए। बर्नस्टीन के विश्लेषकों ने कहा कि शेयर की कीमतों में पहले की गिरावट एक ओवररिएक्शन के कारण थी।

बर्नस्टीन के विश्लेषकों का मानना है कि नए नियम इस बात को प्रभावित करेंगे कि निवेशक कंपनी के जोखिम और प्रबंधन को कैसे देखते हैं।

विश्लेषकों का मानना है कि कंपनी चुनौतियों पर काबू पा सकती है। बर्नस्टीन ने स्टॉक का लक्ष्य मूल्य 950 रुपये से घटाकर 600 रुपये कर दिया है, लेकिन विश्लेषक अभी भी खरीदारी की सलाह दे रहे हैं।

Advertisement
First Published - February 6, 2024 | 4:32 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement