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सोने-चांदी में जारी रहेगी उठापटक, क्या अमेरिकी GDP और महंगाई के आंकड़े बिगाड़ेंगे बाजार का खेल?

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एक्सपर्ट्स का मानना है कि फेड की नीतिगत दिशा और दुनिया की आर्थिक गति साफ होने तक सोना-चांदी दायरे में ही घूमेंगे

Last Updated- February 15, 2026 | 7:59 PM IST
Gold and Silver Price today
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

सोने और चांदी जैसे कीमती धातुओं के दाम अगले हफ्ते और स्थिर रहने की उम्मीद है, लेकिन इसमें उतार-चढ़ाव भी बना रहेगा। निवेशक अमेरिका के अहम आर्थिक आंकड़ों पर नजर रखे हुए हैं, जिसमें महंगाई के आंकड़े, GDP की रिपोर्ट और फेडरल रिजर्व की नीतिगत संकेत आदि शामिल हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि ये सब मिलकर बाजार को दिशा देंगे। 

ट्रेडर अमेरिकी नौकरियों के आंकड़ों के साथ-साथ फेडरल ओपन मार्केट कमिटी की बैठक के मिनट्स और फेड अधिकारियों के बयानों पर भी ध्यान देंगे। इनसे ब्याज दरों में कटौती का समय और गति साफ हो सकती है।

जेएम फाइनेंशियल सर्विसेज में कमोडिटी और करेंसी रिसर्च के वाइस प्रेसिडेंट प्रणव मेर कहते हैं कि सोना और चांदी के दामों में अभी और स्थिरता दिखेगी, लेकिन अमेरिकी GDP, पर्सनल कंजम्प्शन एक्सपेंडिचर यानी PCE महंगाई के आंकड़ों और फेड अधिकारियों के विचारों से उथल-पुथल मची रहेगी। बाजार में ट्रेडरों को साफ दिशा नहीं मिल रही, इसलिए हर नई खबर पर हलचल हो रही है।

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घरेलू बाजार में मिली-जुली रंग

देश के बाजार में पिछले हफ्ते चांदी के फ्यूचर्स मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर 5,532 रुपये यानी 2.2 फीसदी लुढ़क गए। वहीं सोना 444 रुपये या 0.3 फीसदी चढ़ा। फरवरी 2026 में सोने के दाम गिरावट के दौर से गुजरे हैं। 10 ग्राम का भाव 1,80,000 रुपये के ऊंचे स्तर से नीचे आकर 13 फरवरी को 1,53,800 रुपये के आसपास पहुंच गया। एंजेल वन में नॉन-एग्री कमोडिटी और करेंसी रिसर्च के डिप्टी वाइस प्रेसिडेंट प्रथमेश मल्ल्या बताते हैं कि अमेरिका के रोजगार के आंकड़े उम्मीद से मजबूत आने से ब्याज दर कटौती की आस कम हुई, जिसका असर सोने पर पड़ा।

फिर भी, सोने की सुरक्षित निवेश की चमक बरकरार है। भू-राजनीतिक तनावों के बीच ये सुरक्षित ठिकाना बना हुआ है। ऊपर से चाइनीज न्यू ईयर से पहले की जमाखोरी ने भी सहारा दिया। मल्ल्या कहते हैं कि बाजार में भालू और सांडों के बीच खींचतान चल रही है, इसलिए अगले हफ्ते भी उछाल-गिरावट बनी रहेगी।

दुनिया भर के बाजारों में कॉमेक्स गोल्ड फ्यूचर्स 84 डॉलर यानी 1.7 फीसदी ऊपर बंद हुए। चांदी थोड़ी-सी बढ़त के साथ 77.27 डॉलर प्रति औंस पर आ गई। सोना ज्यादातर समय लाभ-हानि के बीच डोलता रहा, लेकिन हफ्ते का अंत सकारात्मक रहा। विदेशी बाजार में ये अब 5,000 डॉलर प्रति औंस के ऊपर टिका है। प्रणव मेर की मानें तो कीमती धातुएं अभी स्थिरता के दौर से गुजर रही हैं। ट्रेडरों में दिशा को लेकर भ्रम है, इसलिए नई आर्थिक खबरों का इंतजार है।

केंद्रीय बैंकों की खरीदारी ने धातुओं को बल दिया। टेक और AI शेयरों की वैश्विक गिरावट से सुरक्षित निवेश की ओर रुझान बढ़ा। डॉलर इंडेक्स के नरम पड़ने ने भी मदद की। लेकिन भारत और चीन से मिश्रित शारीरिक मांग, ETF निवेशकों की मुनाफावसूली और अमेरिका के मजबूत आर्थिक आंकड़ों ने ऊपर जाने की राह रोकी।

चांदी के दामों में भी हफ्ते भर उछाल-गिरावट देखी गई। ऊंचे स्तरों पर मुनाफा कमाने की कोशिश हुई, लेकिन तकनीकी रुकावटें पार न हो सकीं। औद्योगिक धातुओं में सुधार ने दबाव डाला। वैश्विक शेयर बाजारों में टेक सेक्टर की बिकवाली से जोखिम भरा माहौल बना, जिसका असर चांदी पर भी पड़ा। एक्सपर्ट्स का मानना है कि फेड की नीतिगत दिशा और दुनिया की आर्थिक गति साफ होने तक सोना-चांदी दायरे में ही घूमेंगे।

(PTI के इनपुट के साथ)

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First Published - February 15, 2026 | 7:03 PM IST

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