वित्त मंत्री पी. चिदम्बरम ने जब 29 फरवरी को अपना बजट भाषण पूरा किया, ज्यादातर करदाता बेहद खुश थे, क्योंकि आयकर के स्लैब को बढ़ा दिया गया था और इस वजह से सभी करदाताओं पर कर का बोझ काफी कम हो चला था। लेकिन आज चार महीने बाद, मुद्रास्फीति दहाई के आंकड़े में पहुंच चुकी […]
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पिछले छह महीनों का समय घरेलू कंपनियों के लिए काफी परेशानी वाला रहा है। कंपनियों के शेयर की कीमत में तेजी से कमी आई है। इसकी वजह लगातार बढ़ती महंगाई, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें, लागत का बढ़ते जाना, वैश्विक अर्थव्यवस्था में चल रही अनिश्चितता और रुपए की कीमत में लगातार होती गिरावट रही है। […]
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डाइची सांक्यो द्वारा रैनबेक्सी का 4.6 अरब डॉलर में अधिग्रहण किए जाने के बाद अवंतीज सनोफी 2 अरब डॉलर में चेक कंपनी जेनटिवा पर नियंत्रण करने की तैयारी कर रही है। इस समय वैश्विक फार्मा बाजार में दवा बनाने वाली फार्मा और बड़ी जेनेरिक कंपनियां अपनी प्रतिद्वंद्वी छोटी जेनेरिक कंपनियों पर कब्जा जमाने की होड़ […]
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इसमें दो राय नहीं है कि पैसा बनाने के लिए इक्विटी से बढिया कोई जरिया नहीं है। लेकिन इसके साथ जोखिम भी जुड़ा होता है। लेकिन अगर आप लंबी अवधि के लिए इक्विटी में निवेश करना चाहते हैं तो एसआईपी (सिस्टेमेटिक इनवेस्टमेंट प्लान) आप के लिए निवेश का बेहतर माध्यम हो सकता है। एसआईपी के […]
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सिंटेक्स इंडस्ट्रीजसिफारिश : 294 रुपयेमौजूदा मूल्य: 291 रुपयेलक्ष्य: 503 रुपयेबढ़त: 72.5 प्रतिशतब्रोकरेज: रेलीगेयर सिंटेक्स इंडस्ट्रीज का प्रदर्शन वित्त पहली तिमाही में निराशाजनक रहा। इसका कारण बेस ट्रांसफ्यूजन शेल्टर बिजनेस में अपेक्षाकृम कम वॉल्यूम होना और वस्त्र उद्योग से आने वाले राजस्व का अनुमान से कम होना रहा।बीटी शेल्टर में कम मुनाफे का कारण टेलीकॉम सेक्टर […]
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पिछले सप्ताह बाजार में काफी बड़े दायरे में कारोबार हुआ है। अपने इस सफर में उसने जहां 2008 में अपने सबसे निचले स्तर को छुआ, फिर तेजी से रिकवरी भी की। सप्ताह के अंतिम करोबारी दिवस में निफ्टी पिछले दिन की तुलना में 1.07 फीसदी ऊपर चढ़कर 4092.25 अंकों केस्तर तक पहुंचा। उसने 3790 अंकों […]
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बैंकों के कुल कर्जों में अनसिक्योर्ड लोन का अनुपात बढ़ने से बैंक अब ज्यादा जोखिम भरी हालत में दिख रहे हैं। पिछले पांच सालों में भारतीय बैंकों के अनसिक्योर्ड यानी असुरक्षित लोन का पोर्टफोलियो पांच गुना हो गया है। अब इस लोन की रकम कुल 5,07,266 करोड़ की हो गई है। जबकि कुल कर्ज में […]
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ऊंची ब्याज दरों का प्रभाव एक्सपोर्ट इंपोर्ट बैंक ऑफ इंडिया द्वारा जारी किए जाने वाले टर्म लोन पर भी पड़ा है और यह अब खासे महंगे होते जा रहे हैं। पिछले साल की तुलना में एक निर्यातक के द्वारा पांच साल के लिए टर्म लोन की ब्याज दरों में दो से तीन फीसदी का इजाफा […]
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वित्तीय वर्ष 2007-08 में भारत का विदेशों में किया जाने वाला प्रत्यक्ष निवेश (आउटवर्ड एफडीआई) 29.6 फीसदी बढ़कर 17.4 अरब डॉलर हो गया है। भारतीय कॉर्पोरेट जगत द्वारा बड़ी संख्या में किए गए अधिग्रहण, उनमें बढ़ी विदेशों में कारोबार फैलाने की लालसा और एनर्जी एसेट की तलाश में किए गए निवेश ने इस वृध्दि में […]
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आर्थिक मंदी के संकेतों के बावजूद बैंकों के क्रेडिट में मजबूती बनी हुई है। इस वर्ष 4 जुलाई तक सूचीबध्द बैंकों के एडवांस में साल-दर-साल के हिसाब से 24.9 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। बैंक का कुल आउटस्टैंडिंग क्रेडिट 24,90,327 करोड़ रुपये रहा । रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के अनुसार बैंक क्रेडिट 15,731 करोड़ […]
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