इस साल 20 फरवरी फ्रैंकलिन टेम्पलेटन म्युचुअल फंड में मेरा आखिरी दिन था और हो सकता है कि यह कॉर्पोरेट जगत में भी मेरा आखिरी दिन हो। यकीनन यह मेरा मेरे बॉस के लिए काम करने का भी आखिरी दिन था। मैं अपने लिए एक नया रास्ता खोज निकाला था- एक कर्मचारी से मैंने स्वरोजगार […]
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अगले एक महीने में, यूनिट ट्रस्ट ऑफ इंडिया के यूएस-64 बॉन्ड के परिपक्व हो जाने के साथ ही निवेशकों को एक बड़ी रकम बिन मौसम की बरसात की तरह हासिल होगी। जहां एक तरफ उन्हें अच्छी-खासी रकम मिलेगी, वहीं दूसरी तरफ इस पैसे को आगे कहां निवेश किया जाए, इस बात से सिर-दर्द होना भी […]
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1- हर्षद मेहता उर्फ एचएम को 1992 में बाजार में तेजी और उसके बाद भारतीय शेयर बाजार में गिरावट के पर्यायवाची के रूप में जाना जाता है। उस पर आरोप था कि उसने सिस्टम के साथ साठ-गांठ की।?अपने कामों में पैसे के लिए उसने मुख्य रूप में …… उपकरण का इस्तेमाल किया। क- बैंकर्स रिसीटख- […]
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चाहे कार्गो के परिचालन का सवाल हो या यात्रियों के परिवहन का सवाल, भारतीय रेलवे के बारे में सोचते ही भीड़भाड़ भरे स्टेशनों और ट्रेन के डिब्बों का ख्याल आता है। ये हालात यह भी दिखाते हैं कि भारतीय रेलवे का मौजूदा बुनियादी ढांचा न ही यात्रियों के लिये पर्याप्त है और न ही कार्गो […]
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पिछले एक साल के दौरान ऑटो पुर्जे बनाने वाली कम्पनियों के शेयरों के दाम काफी तेजी से गिरे हैं। फिलहाल इनका भाव 52 सप्ताह में सबसे निचले स्तर पर है। बढ़ती ब्याज दर और लागत दर में आए उछाल के चलते इन कंपनियों के लिए बेहतर नतीजे देना मुश्किल होता जा रहा है। लिहाजा कंपनियां […]
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सोना महज धातु ही नहीं बल्कि मंदी के बारे में सूचना देने का काम भी करता है। लेकिन कीमती धातुओं की कीमतों में आने वाले वक्त में कमी होने के आसार मंदी पर नजर रखने वालों के लिए खासे चौंकाने वाले हो सकते हैं। हम इस वक्त घोर अनिश्चतता के दौर से गुजर रहे हैं। […]
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भारतीय फिल्म उद्योग की सालाना चक्रीय वृध्दि दर वर्ष 2007 से 2012 के दौरान 13 फीसदी रहने के आसार हैं। इससे फिल्म उद्योग का कुल कारोबार 2012 तक 175.5 अरब तक पहुंच जायेगा। यह स्थिति भारत में सबसे ज्यादा थियेटर चेन संचालित करने वाली पिरामिड साइमिरा के लिये अच्छी होनी चाहिये। पिरामिड सायमिरा थियेटर लिमिटेड […]
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भारतीय इक्विटी मार्केट में पिछले कई सालों के दरम्यान बीमा कंपनियों की भूमिका में इजाफा दर्ज किया गया है। यह यूलिप (यूनिट लिंक्ड इंश्योरेंस प्लान)का असर है कि बीमा कंपनियों को इक्विटी बाजार में अपनी पैठ बनाने में सफलता हासिल हुई है। मसलन, वित्तीय वर्ष 2008 के दौरान भारतीय जीवन बीमा कंपनियों ने कुल 69,000 […]
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शेयर बाजार अव्यवस्थित हो सकता है लेकिन एक रियल एस्टेट फंड निवेशकों की खुशी को बनाए रखने में सफल रहा है, इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता है। रियल एस्टेट उद्योग कम से कम आशाजनक तो है। पिछले कुछ वर्षों में कई रियल एस्टेट कंपनियां सूचीबध्द हुई हैं और विदेशी पैसों का प्रवाह […]
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विकास और मुद्रास्फीति के बीच संतुलन बनाने के लिए आरबीआई औद्योगिक घरानों की कार्यशील पूंजी के लिए लिए जाने वाले कर्ज या ऋण के लिए मार्जिन या कोलैटरल संबंधी जरुरतों को सख्त बना सकती है। जबकि कृषि क्षेत्र में ऋण का प्रवाह बढ़ाने के लिए नरमी का रुख अख्तियार कर सकती है।सूत्रों ने बताया कि […]
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