उम्र 26 साल, अविवाहित और घर-परिवार की तरफ बढ़ती जिम्मेदारियों के साथ मैंने फैसला लिया कि मैं खुद के लिए बीमा पॉलिसी ले लूं। मेरे वित्तीय योजनाकार को भी मेरा विचार पसंद आया और उन्होंने मुझे सलाह दी कि मैं टर्म प्लान लूं। कारण? यह बीमा कवर का सबसे सस्ता तरीका है और इससे भी […]
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सेवानिवृत्ति के पड़ाव पर खड़े अधिकतर लोगों के दिल में कई सवाल होते हैं कि आखिर सेवानिवृत्ति के बाद उन्हें खर्च के लिए कितने रुपयों की जरूरत पड़ेगी और क्या उनके पास पर्याप्त धन होगा, जो जिंदगीभर की उनकी जरूरतों को पूरा कर सके। चलिए इन सवालों का जवाब ढूंढ़ने के लिए कुछ संबंधित मामलों […]
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असलियत में नौकरी से स्व-रोजगार के बीच में क्या अंतर है? यहां, बहुत छोटी-छोटी चीजें हैं! सबसे पहले तो यहां नाम का निर्णय लेना पड़ता है- क्या मैं अपना कारोबार अपने नाम के साथ शुरू करना चाहता हूं या मैं किसी और नाम के बारे में सोचूं? क्या मुझे एक लोगो की जरूरत है या […]
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जनवरी और मार्च, 2008 के बीच भारतीय बाजार में तकरीबन 30 फीसदी की गिरावट देखी गई। इस गिरावट का कई शेयरों पर बेहद प्रतिकूल असर पड़ा है। आश्चर्यजनक तथ्य यह है कि बाजार में हालात सुधरने पर भी कई शेयरों को सही दिशा नहीं मिल पाई है। शेयरों की कीमत की पहचान के कई तरीके […]
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फार्मा कंपनी ऑर्किड के 14.7 फीसदी शेयर खरीदने के बाद हाल ही में रैनबैक्सी ने गैस्ट्रिक अम्ल को नियंत्रित करने वाली दवा नैक्जियम के लिए एस्ट्रा जेनेका के साथ भी मामला निपटा लिया है। इन सभी घटनाक्रमों के कारण पिछले एक महीने में रैनबैक्सी के शेयरों की कीमत में जबरदस्त उछाल आया है। हालांकि अभी […]
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गुजरात स्थित गोकुल रिफॉइल्स एंड सॉल्वेंट (जीआरएसएल) बीज परिशोधन, सॉल्वेंट एक्सट्रैशन से लेकर वनस्पति घी के निर्माण संबंधी कारोबार से जुड़ा हुआ है, और कारोबार में 125-140 करोड़ रुपये जुटाने के लिए इसने प्राथमिक बाजार में कदम रख दिया है। देश में बढ़ रही खपत और आपूर्ति संबंधी समस्याओं के मद्देनजर यह 175-195 रुपये प्रति […]
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शेंपेन इंडेज लिमिटेड ने घरेलू वाइन मार्केट में अपनी पैठ बना ली है। महाराष्ट्र के नारायण गांव में इसके तीन वाइनरीज हैं जबकि इसने हाल में ही हिमाचल प्रदेश में एक वाइनरी स्थापित किया है। इसकी सालाना घरेलू उत्पादन क्षमता लगभग 140 लाख लीटर प्रतिवर्ष है। वित्त वर्ष 2006 में इसकी क्षमता 24 लाख लीटर […]
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तेल के दाम 200 डॉलर तक पहुंचने के कोई खतरनाक संकेत नहीं हैं, जैसा कि ज्यादातर ओपेक देश मान रहे हैं। क्या ओपेक वास्तविकता से वाकिफ है? यह अवधारणा बन रही है कि 40 डॉलर पार करने के बाद तेल की कीमतों की चाल आर्थिक मंदी का प्रतिनिधित्व कर रही है और मंदी का दौर […]
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‘क्रांति हर युग की एक पहचान है, क्रांति एक अनिवार्य मांग है।’ इसमें कोई शक नहीं कि क्रांति हमेशा बदलाव लेकर आती है। यहां क्रांति का आशय किसी युध्द या महासंग्राम से नहीं बल्कि वैश्विक परिदृश्य में तेजी से बदलते उपकरणों से है। वर्तमान में जितनी तेजी से तकनीकी उपकरणों या सूचना प्रौद्योगिकी में बदलाव […]
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हाउसिंग फाइनैंस कंपनियां, जिसमें आईसीआईसीआई बैंक, एचडीएफसी बैंक और भारतीय स्टेट बैंक शामिल हैं, बढ़ती महंगाई और उधारी लागतों के कारण ऋण दरों में जल्दी ही कोई कटौती नहीं करने जा रही हैं। यद्यपि भारतीय रिजर्व बैंक ने 20 लाख रुपये से 30 लाख रुपये तक के होम लोन के लिए रिस्क वेट (जोखिम भार) […]
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