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कहते हैं विश्लेषक

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Last Updated- December 07, 2022 | 12:05 PM IST

सिंटेक्स इंडस्ट्रीज
सिफारिश : 294 रुपये
मौजूदा मूल्य: 291 रुपये
लक्ष्य: 503 रुपये
बढ़त: 72.5 प्रतिशत
ब्रोकरेज: रेलीगेयर


सिंटेक्स इंडस्ट्रीज का प्रदर्शन वित्त पहली तिमाही में निराशाजनक रहा। इसका कारण बेस ट्रांसफ्यूजन शेल्टर बिजनेस में अपेक्षाकृम कम वॉल्यूम होना और वस्त्र उद्योग से आने वाले राजस्व का अनुमान से कम होना रहा।

बीटी शेल्टर में कम मुनाफे का कारण टेलीकॉम सेक्टर के बड़े खिलाड़ियों ने टावर खड़े करने में देरी की। साल-दर-साल के हिसाब से  पहली तिमाही में कंपनी के राजस्व में मात्र दो से तीन प्रतिशत की बढ़ोतरी देखी गई और यह 160 करोड़ रुपये केआसपास रहा। हालांकि  बिक्री  108 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 714 करोड़ रुपये की रही।

लेकिन यह बढ़ोतरी कंपनी द्वारा विदेशों में किए जा रहे अधिग्रहण के कारण संभव हो सकी न कि कंपनी के कोर बिजनेस ऑपरेशन से। विदेशों में किए जा रहे अधिग्रहण के कारण इसके कर्मचारियों और अन्य दूसरे मद में किए जा रहे खर्च ने एडीबीआईटीडीए मार्जिन पर 5.9 प्रतिशत की बचत की और 11 प्रतिशत के आसपास रहा।

ब्याज दरों और डेप्रिसिएशन चार्ज में आए उछाल ने कंपनी के दूसरे स्रोतों जैसे प्रिफेब्रीकेटैड कंस्ट्रक्शन से आनेवाली आमदनी को फीका कर दिया और कंपनी का मुनाफा साल-दर-साल के हिसाब से अनुमान से बहुत ही कम यानी 68 प्रतिशत की रफ्तार से 56.7 करोड़ रुपये रहा। कच्चे तेल एवं कपास की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण ब्रॉकरेज ने शेयर के एक साल के लक्ष्य में फेर बदल कर इसे 587 रुपये से घटकर 503 रुपये रखा है।

मैरिको
सिफारिश : 50 रुपये
मौजूदा मूल्य: 52.50 रुपये
लक्ष्य: 77 रुपये
बढ़त: 46.7 प्रतिशत
ब्रोकरेज: शेयरखान


वित्त वर्ष 2008 में कारोबार में 13 प्रतिशत की बढ़ोतरी, कीमतों में 5 प्रतिशत की वृध्दि और इनऑर्गेनिक ग्रोथ में हुई 4.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी केकारण मेरिको की नेट सेल साल-दर-साल के हिसाब से 22.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 1,906.7 करोड़ रुपये रही।

कम डेप्रिसिएशन चार्ज और टैक्स इंसीडेन्स के कारण कंपनी का समायोजित शुध्द मुनाफा 57.3 प्रतिशत की लचर बढ़ोतरी केसाथ  160 करोड रुपये दर्ज किया गया। मालूम हो कि कंपनी ने वित्त वर्ष 2008 में 10.6 करोड़ के लाभ पर अपने ब्रांड सील के तहत आनेवाले फूड बिजनेस को स्केंडिक फूड इंडिया को बेच दिया जो कि गुड फुड की भारतीय शाखा है।

पश्चिम एशिया में कंपनी द्वारा पैराशूट क्रीम केकारोबार को तवज्जो देने का बेहतर परिणाम मिला है और उसका मार्केट शेयर वित्त वर्ष 2007 के19 प्रतिशत की अपेक्षा 2008 में बढ़कर 22 प्रतिशत हो गया है। संयुक्त अरब अमीरात में तो इस ब्रांड ने नंबर वन पोजीशन हासिल कर ली है और खाड़ी सहयोग परिषद के देशों में यह पोजीशन हासिल करने के करीब है।

वित्त वर्ष 2009 में टॉपलाइन ग्रोथ के18.8 प्रतिशत के बेहतर दर से बढ़ने करने केआसार हैं वहीं इनपुट और मार्केट खर्च बढ़ने के कारण कंपनी की बॉटमलाइन ग्रोथ के 9.9 प्रतिशत की साधारण दर पर बढ़ोतरी के साथ 185.8 करोड़ रुपये तक पहुंचने की संभावना है। शेयर का कारोबार 50 रु. के मूल्य पर 16.2 मल्टीपल वित्त वर्ष 2009 की कमाई पर हो रहा है।

पटेल इंजीनियरिंग
सिफारिश : 343 रुपये
मौजूदा मूल्य: 367.80 रुपये
लक्ष्य: 447 रुपये
बढ़त : 21.5 प्रतिशत
ब्रोकरेज: मोतीलाल ओसवाल सेक्योरिटीज

पटेल इंजीनियरिंग भारत की सबसे पुरानी और बड़ी कंस्ट्रक्शन कंपनियों में से एक है जिसकी हाइड्रोपावर सेक्टर में 22 प्रतिशत मार्केट शेयर केसाथ अच्छी पैठ है। कंपनी के पास विशेष टेक्नोलॉजी जैसे आरसीसी डेम कं स्ट्रक्शन और माइक्रो टनलिंग, लेक वाटर टैपिंग है। हाल में कंपनी ने माइक्रो टनलिंग में कार्यकुशलता में और अधिक पैनापन लाने केलिए मिशिगन इंजीनियर्स का अधिग्रहण किया है जिससे शहरी विनिर्माण परियोजनाओं को गति मिलेगी।

कंपनी ने वित्त वर्ष 2009 की पहली तिमाही में साल-दर-साल के हिसाब से 34.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 558.4 करोड़ रुपये का कंसॉलिडेट राजस्व दर्ज किया है जबकि ईबीआईटीडीए पर 69.9 प्रतिशत के साथ साल-साल-दर साल के हिसाब से 78.6 करोड रुपये दर्ज किया है और जहां तक शुध्द मुनाफे की बात है तो यह साल-दर-साल के हिसाब से 34.7 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 35 करोड रुपये रहा।

मिशिगन इंजीनियरिंग का राजस्व 40 करोड़ रुपये(चार प्रतिशत का एनपीएम ), अमेरिकी सब्सिडियरी का राजस्व 76 प्रतिशत (चार प्रतिशत का एपीएम) जबकि संयुक्त उपक्रम के जरिए 46.2 करोड़ रुपये का राजस्व दर्ज किया गया। कंपनी की आर्डर बुक जून 2008 की समाप्ति पर 3.2 मल्टिपल वित्त वर्ष 2008 के अर्निंग्स के आधार पर 6,000 करोड़ रुपया रही। कंपनी के शेयर का कारोबार 16.1 मल्टिपल वित्त वर्ष 2008 की कमाई और 13.2 मल्टिपल वित्त वर्ष 2010 पर  हो रहा है।

ब्रोकरेज ने कोर बिजनेस के लिए अपना टारगेट मल्टिपल 14 मल्टीपल वित्त वर्ष 2010 से घटाकर 12 मल्टिपल वित्त वर्ष 2010 कर दिया है। एसओटीपी मैथोडोलॉजी के आधार पर ब्रोकरेज ने 447 रुपये का लक्ष्य रखा है।

जी इंटरटेनमेंट इंटरप्राइजेज
सिफारिश : 189 रुपये
मौजूदा मूल्य: 185 रुपये
लक्ष्य: 216 रुपये
बढ़त:16.4 प्रतिशत
ब्रोकरेज: इंडिया इंफोलाइन

जी एंटरटेनमेंट इंटरप्राइजेज हिन्दी जेनरल एंटरटेनमेंट चैनल (जीइसी) स्पेस में दूसरे स्थान पर है। कंपनी ने इस क्षेत्र में अग्रणी स्टार प्लस और अपने बीच के ग्रॉस रेटिंग प्वाइंट्स(जीआरपी) के अंतर को घटाकर 100 कर दिया है जो कि दो साल पहले तक 400 था। दूसरी तरफ जी और तीसरे नंबर के चैनल के बीच जीआरपी 70 से बढ़कर 120 के स्तर तक पहुंच गया है।

नए चैनलों का कोई असर जी की विज्ञापन दरों पर पड़ता नहीं दिख रहा है।  जी केवित्त वर्ष 2008 से 11 के बीच सीएजीआर पर 17 प्रतिशत अर्निंग्स की संभावना है। इससे कंपनी की कमाई में वित्त वर्ष 2120 में 10 प्रतिशत केबढ़ोतरी की संभावना है। शेयर का कारोबार 18.9 पीई मल्टीपल पर वित्त वर्ष 2009 और वित्त वर्ष 2010 के लिए 15.7 मल्टिपल पर कारोबार कर रहा है।

एक्साइड इंडस्ट्रीज
सिफारिश : 60 रुपये
मौजूदा मूल्य: 64.75 रुपये
लक्ष्य: 88 रुपये
अपसाइड: 35.9 प्रतिशत
ब्रोकरेज: एमके ग्लोबल फाइनेंशियल सर्विसेस

एक्साइड इंडस्ट्रीज भारत की सबसे बड़ी ऑटोमोटिव बैट्री निर्माता कंपनी है जिसका ओरिजिनल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर्स में 72 प्रतिशत का मार्केट शेयर है जबकि पैसेंजर व्हीकल में इसका मार्केट शेयर 80 प्रतिशत है। हाई मार्जिन सेगमेंट इंडस्ट्रियल बैट्री सेगमेंट में जबरदस्त ग्रोथ के कारण कंपनी का प्रदर्शन निरंतर बढिया होता जा रहा है।

जबरदस्त मांग और टेलीकॉम, पावर में अधिक निवेश के कारण एक्साइड बैट्री के इंडस्ट्रीयल सेगमेंट का वित्त वर्ष 2007 से 10 तक में सीएजीआर पर 22.1 प्रतिशत की दर से विकास करने की संभावना है। बेहतर डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क और विश्वसनीय ब्रांड होने के कारण कंपनी अपने मार्केट शेयर को बरकरार रखन में सफल रहेगी।

वित्त वर्ष 2007 से 10 तक के दौरान एक्साइड के राजस्व और अर्निंग्स में सीएजीआर पर क्रमश: 27 प्रतिशत और 35 प्रतिशत बढ़ोतरी होने की संभावना है। फिलहाल कंपनी के शेयर का कारोबार 16.2 मल्टीपल वित्त वर्ष 2009 के अर्निंग्स और 9.4 मल्टीपल वित्त वर्ष 2009 के स्टेंड एलोन बेसिस पर कारोबार कर रहा है। स्टॉक का एसओटीपी पर 88 रुपये के लक्ष्य मूल्य के लिए खरीद की सलाह है।

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First Published - July 20, 2008 | 11:19 PM IST

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