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एक तिमाही में एचडीएफसी बैंक ने जमा किए 1.5 लाख करोड़ रुपये

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Last Updated- April 05, 2023 | 11:42 PM IST
HDFC Bank

एचडीएफसी बैंक ने पिछले साल अप्रैल महीने में एचडीएफसी लिमिटेड में विलय की घोषणा के बाद पहली बार एक तिमाही में 1 लाख करोड़ रुपये जमा करने का अपना लक्ष्य पार किया है।

विलय की घोषणा के वक्त बैंक ने हर तिमाही 1 लाख करोड़ रुपये जमा करने का लक्ष्य रखा था। वित्त वर्ष 23 की जनवरी-मार्च तिमाही में देश के सबसे बड़े निजी क्षेत्र के बैंक ने जमा से 1.5 लाख करोड़ रुपये जुटाए हैं, जो बैंक के लिए रिकॉर्ड उच्च स्तर है। इसके साथ ही बैंक में कुल जमा 18.88 लाख करोड़ रुपये हो गया है।

बैंक की ओर से एक्सचेंज में किए गए खुलासे के मुताबिक वित्त वर्ष 23 की चौथी तिमाही में पिछले साल की समान अवधि की तुलना में बैंक का जमा 21 प्रतिशत बढ़ा है, जो कई तिमाहियों का उच्च स्तर है। एचडीएफसी बैंक के जमा में वृद्धि बैंकिंग उद्योग में जमा में वृद्धि की तुलना में बहुत ज्यादा है, जो करीब 10 प्रतिशत बढ़ा है।

हालांकि बैंक अपने सालाना लक्ष्य से पीछे है। बैंक ने पूरे वित्त वर्ष में 4 लाख करोड़ रुपये जमा कराने का लक्ष्य रखा था। वित्त वर्ष 23 में बैंक में जमा 3.24 लाख करोड़ रुपये था, जो पिछले वित्त वर्ष 2022 की तुलना में 45 प्रतिशत अधिक था। इसके पहले 2015 के बाद से सिर्फ एक बार बैंक में तिमाही जमा का आंकड़ा 1 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंचा था। वित्त वर्ष 22 की चौथी तिमाही में जमा बढ़कर 1.13 लाख करोड़ रुपये हुआ था।

मैक्वैरी कैपिटल के एसोसिएट डायरेक्टर सुरेश गणपति ने एक नोट में कहा है, ‘तिमाही आधार पर जमा 1.5 लाख करोड़ रुपये और पूरे साल का जमा 3.2 लाख करोड़ रुपये रहा, जो हमारे विचार से उत्साहजनक है। 10 मार्च 2023 को सिस्टम जमा वृद्धि दर 10.3 प्रतिशत थी। हमारे पास 31 मार्च 2023 तक के सिस्टम जमा वृद्धि के आंकड़े नहीं हैं, लेकिन 9 शुरुआती महीनों पर विचार करें एचडीएफसी बैंक की वृद्धि दर वित्त वर्ष 23 के अंत तक 19 प्रतिशत रह सकती है। हमारे विचार से बढ़े बाजार में 20 प्रतिशत हिस्सेदारी उत्साहजनक है।’

बैंक ने हर तिमाही 1 लाख करोड़ रुपये आकर्षित करने का लक्ष्य रखा है, जिससे वित्त वर्ष में कुल जमा का लक्ष्य 4 लाख करोड़ रुपये है। बैंक को 18-20 प्रतिशत वृद्धि बरकरार रखने के लिए 3.5 लाख करोड़ रुपये जमा की जरूरत होगी। एचडीएफसी लिमिटेड का विलय होने पर उसकी 5-6 लाख करोड़ रुपये संपत्ति भी बैंक की मौजूदा संपत्तियों में जोड़ी जाएगी।

इस मामले के जानकार एक सूत्र ने कहा, ‘पिछले कई साल से बैंक 18-20 प्रतिशत की दर से बढ़ रहा है। इस समय बैंक ने करीब 14 लाख रुपये कर्ज बांटे हैं।

वहीं एचडीएफसी लिमिटेड द्वारा बांटा गया कर्ज करीब 5-6 लाख करोड़ रुपये होगा। अगर बैंक 18-20 प्रतिशत की दर से वृद्धि बनाए रखता है तो बैलेंस शीट स्वतः दोगुनी हो जाएगी। मान लीजिए कि विलय के समय बैंक के पास 19 लाख करोड़ रुपये हैं और यह 18 प्रतिशत की दर से बढ़ता है तो करीब 3.5 लाख करोड़ रुपये (हर साल) जमा की जरूरत होगी।’

उपरोक्त उल्लिखित सूत्र ने कहा कि अगर बैंक विलय के पहले हर तिमाही 1 लाख करोड़ रुपये जमा करने में सक्षम रहता है तो वह वित्तपोषण वृद्धि के हिसाब से विलय के अनुरूप आसानी से हो जाएगा।

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First Published - April 5, 2023 | 11:42 PM IST

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