facebookmetapixel
Advertisement
Adani Power Q4FY26 results: मुनाफा 64% उछलकर ₹4,271 करोड़ पर, रेवेन्यू लगभग स्थिरVedanta Q4 Results: वेदांत ने तोड़े रिकॉर्ड, मुनाफा 92% उछला; निवेशकों को 1100% डिविडेंड का तोहफाQuant MF ने उतारा नया SIF, सेक्टर रोटेशन स्ट्रैटेजी पर फोकस; किसे करना चाहिए निवेश?कच्चा तेल $120 हुआ तो भारत की GDP ग्रोथ 6% तक गिरने का खतरा, महंगाई भी बढ़ सकती है₹60 टच करेगा ये Auto Stock! नतीजों के बाद ब्रोकरेज ने बताया- क्यों BUY का अच्छा मौकावेयरहाउसिंग सेक्टर ने 2025 की सुस्ती के बाद इस साल की वापसी, पहली तिमाही में मांग 8 फीसदी बढ़ी1 महीने में 50% उछला टेलीकॉम शेयर, ब्रोकरेज बुलिश; 6 महीने में 40% और बढ़त का अनुमानUP में विकास को नई रफ्तार: 594 km गंगा एक्सप्रेसवे शुरू, मेरठ से प्रयागराज अब और करीबMaruti Suzuki Share: ₹19,000 तक जाएगा? Q4 के बाद 5% उछला, बाजार हिस्सेदारी की चिंताओं के बावजूद ब्रोकरेज पॉजिटिवPM Kisan Yojana: ₹2000 की 23वीं किस्त पर बड़ा अपडेट, इस महीने आ सकता है पैसा; जानें पूरी डिटेल

HDFC बैंक ने लोन दरों में किया बदलाव, 5 bps की बढ़ोतरी से EMI पर क्या होगा असर?

Advertisement

नई दरें 7 नवंबर 2024 से लागू होंगी, जिसके बाद MCLR दरें 9.15% से 9.50% के बीच होंगी।

Last Updated- November 08, 2024 | 8:22 PM IST
सेंसेक्स की टॉप 10 में से छह कंपनियों का MCap 1.73 लाख करोड़ रुपये घटा, HDFC बैंक और LIC को हुआ सबसे ज्यादा घाटा , Mcap of 6 of top-10 most valued firms declines by Rs 1.73 trn; HDFC lags

HDFC बैंक ने अपनी शॉर्ट-टर्म MCLR में 5 बेसिस पॉइंट तक की बढ़त की है। नई दरें 7 नवंबर 2024 से लागू होंगी, जिसके बाद MCLR दरें 9.15% से 9.50% के बीच होंगी।

क्या बदलाव हुए हैं?

  • ओवरनाइट MCLR: अब 9.15% (पहले 9.10%)
  • 1 माह MCLR: अब 9.20% (पहले 9.15%)
  • 3 साल की MCLR: 5 बेसिस पॉइंट बढ़कर 9.50% हो गई है

बिना बदलाव की दरें:

  • 3 माह: 9.30%
  • 6 माह: 9.45%
  • 1 साल: 9.45%
  • 2 साल: 9.45%

MCLR का महत्व

MCLR दरें अप्रैल 2016 से सितंबर 2019 तक दिए गए फ्लोटिंग रेट लोन (जैसे होम लोन) के लिए बेंचमार्क थीं। बैंकबाज़ार के सीईओ अधिल शेट्टी के अनुसार, अगर आपने इस अवधि में लोन लिया है, तो आपका लोन बैंक की MCLR से जुड़ा हो सकता है। अक्टूबर 2019 के बाद, RBI ने रेपो रेट को नए लोन के लिए बेंचमार्क बना दिया, लेकिन पुराने लोन अभी भी MCLR से लिंक रह सकते हैं।

MCLR दरें अवधि के अनुसार बदलती हैं, जैसे ओवरनाइट से तीन साल तक। कई बैंक एक साल की MCLR को अपने लोन के लिए बेंचमार्क मानते हैं। शेट्टी ने बताया कि अगर कोई बैंक अपनी MCLR दरों को अपडेट करता है, तो उससे जुड़े लोन की दरें भी अपडेट हो सकती हैं, लेकिन यह अपडेट हर छह महीने या साल में एक बार होता है। हालांकि, इस बार एक साल की MCLR में कोई बदलाव नहीं किया गया है।

शेट्टी की सलाह: लोन कॉन्ट्रैक्ट को रिव्यू करें

अधिल शेट्टी ने उधारकर्ताओं को सलाह दी है कि वे अपने लोन कॉन्ट्रैक्ट को रिव्यू करें ताकि यह समझ सकें कि उनकी ब्याज दर कब और कैसे बदल सकती है। जिनका लोन बैलेंस अधिक है या अवधि लंबी है, उन्हें रेपो-लिंक्ड लोन पर विचार करना चाहिए, जहां दरों में बदलाव पारदर्शी होता है और कई बार कम ब्याज मिल सकता है।

HDFC बैंक के बेस और प्राइम लेंडिंग रेट

HDFC बैंक का बेंचमार्क प्राइम लेंडिंग रेट 17.95% पर स्थिर है, जो 9 सितंबर 2024 से लागू है। बैंक का बेस रेट भी 9.45% पर स्थिर बना हुआ है।

सैलरीड और स्वरोजगार वालों के लिए होम लोन दरें

HDFC बैंक सैलरीड और स्वरोजगार करने वालों के लिए अलग-अलग होम लोन दरें ऑफर करता है, जो पॉलिसी रेपो रेट पर आधारित हैं:

स्पेशल रेट्स: रेपो रेट + 2.25% से 3.15%, जो 8.75% से 9.65% तक है
स्टैंडर्ड रेट्स: रेपो रेट + 2.90% से 3.45%, जो 9.40% से 9.95% तक है

बैंक की वेबसाइट के अनुसार, ये दरें एडजस्टेबल रेट होम लोन स्कीम के तहत लागू हैं और फ्लोटिंग दरें हैं, जो बाजार की स्थिति के अनुसार बदल सकती हैं। दरें HDFC बैंक की रेपो रेट से जुड़ी हैं, जिससे लोन अवधि के दौरान ब्याज दरों में बदलाव का असर ग्राहकों पर पड़ता है।

Advertisement
First Published - November 8, 2024 | 8:22 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement