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Paytm बैंक पर RBI की कार्रवाई पर राजीव चंद्रशेखर ने दिया बयान, बोले- ‘Fintech कंपनियां लें सीख’

पेटीएम पेमेंट्स बैंक संकट के बीच मंत्री ने कहा कि कोई भी कंपनी, चाहे वह भारत की हो या विदेश की, बड़ी हो या छोटी, उसे देश के कानून का पालन करना होगा।

Last Updated- February 18, 2024 | 2:23 PM IST
rajeev chandrasekhar
Union Minister Rajeev Chandrasekhar (File Photo)

Paytm Crisis: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने पेटीएम पेमेंट बैंक के खिलाफ जो कार्रवाई की है उसके बाद से यह मुद्दा सभी के लिए चर्चा का विषय है। हाल ही में केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी राज्यमंत्री राजीव चंद्रशेखर (Union Minister of State for Electronics and Information Technology Rajeev Chandrasekhar) ने पेटीएम पेमेंट्स बैंक को लेकर अपना पक्ष रखा है।

जानें चंद्रशेखर ने PPBL को लेकर क्या कहा-

चंद्रशेखर ने पीटीआई-भाषा के साथ साक्षात्कार में कहा है कि पेटीएम पेमेंट्स बैंक लि. (पीपीबीएल) पर भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की नियामकीय कार्रवाई ने फिनटेक कंपनियों (Fintech Companies) का ध्यान कानून के अनुपालन के महत्व की ओर खींचा है।

चंद्रशेखर ने इस बात पर जोर दिया कि नियामकीय अनुपालन कंपनियों के लिए ‘वैकल्पिक’ नहीं हो सकता, बल्कि यह एक ऐसा पहलू है जिसपर प्रत्येक उद्यमी को पूरा ध्यान देना चाहिए।

यह भी पढ़ें: Paytm पेमेंट्स बैंक पर प्रतिबंध के बाद FASTags की मांग में उछाल, बैंक दे रहे नए ऑर्डर

चंद्रशेखर ने कहा, ‘‘पेटीएम पेमेंट्स बैंक का मुद्दा एक ऐसा मामला है जहां एक आक्रामक उद्यमी नियामकीय अनुपालन की जरूरत को महसूस करने में विफल रहा है, और कोई भी कंपनी अनुपालन से बच नहीं सकती है।’’

पेटीएम पेमेंट्स बैंक संकट के बीच मंत्री ने कहा कि कोई भी कंपनी, चाहे वह भारत की हो या विदेश की, बड़ी हो या छोटी, उसे देश के कानून का पालन करना होगा।

चंद्रशेखर ने पीटीआई-भाषा के साथ साक्षात्कार में कहा कि यह धारणा कि PPBL पर आरबीआई की कार्रवाई ने फिनटेक क्षेत्र को परेशान कर दिया है, इसका सही चित्रण नहीं है। राजनीतिज्ञों, उद्यमियों और प्रौद्योगिकी दिग्गज इस बात से सहमत नहीं है कि पेटीएम बैंक मुद्दे ने पूरे फिनटेक उद्योग के लिए चिंता बढ़ा दी है।

चंद्रशेखर ने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि इसने फिनटेक उद्यमियों का ध्यान इस तथ्य की ओर खींचा है कि आपको यह भी जानना होगा कि कानून का अनुपालन कैसे करना है। नियामकीय अनुपालन दुनिया के किसी भी देश के लिए ‘वैकल्पिक’ नहीं है। निश्चित रूप से भारत में ऐसा नहीं है और उद्यमियों को इसपर अधिक ध्यान देने की जरूरत है।’’

चन्द्रशेखर ने आगे कहा कि उद्यमी आमतौर पर जो कुछ भी बना रहे हैं, उसपर इतना ध्यान केंद्रित करने लगते हैं कि कभी-कभी वे नियामकों द्वारा निर्धारित नियमों की अनदेखी कर देते हैं।

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RBI ने जारी किए FAQs

Paytm के ग्राहकों के मन में चल रही पेटीएम पेमेंट्स बैंक को लेकर कंफ्यूजन को दूर करने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने 30 प्वॉइंट्स की FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न) की लिस्ट जारी की है। पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

RBI ने बढ़ाई मोहलत

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने ग्राहकों और कारोबारियों की सुविधा का ध्यान रखते हुए पेटीएम पेमेंट्स बैंक को जमा एवं निकासी से जुड़े लेनदेन समेत अपने ज्यादातर कामकाज बंद करने के लिए 15 मार्च तक की मोहलत दे दी है।

पीपीबीएल वन97 कम्युनिकेशंस लिमिटेड का सहयोगी इकाई है। वन97 कम्युनिकेशंस के पास पीपीबीएल की चुकता शेयर पूंजी (सीधे और अपनी अनुषंगी कंपनी के माध्यम से) का 49 प्रतिशत हिस्सा है।

पेटीएम के संस्थापक और मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) विजय शेखर शर्मा की बैंक में 51 प्रतिशत हिस्सेदारी है। रिजर्व बैंक ने पीपीबीएल के ग्राहकों और दुकानदारों को अपने खाते 15 मार्च तक अन्य बैंकों में स्थानांतरित करने को कहा है। इसके साथ केंद्रीय बैंक ने संकट में फंसी कंपनी को अपने ज्यादातर परिचालन को बद करने के लिए 15 दिन का और समय दे दिया है।

First Published - February 18, 2024 | 2:22 PM IST

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