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डेट रिटर्न के चार्ट पर क्रेडिट रिस्क फंड ऊपर

Last Updated- December 12, 2022 | 4:13 AM IST

क्रेडिट रिस्क फंडों ने पिछले साल में घरेलू म्युचुअल फंडों (एमएफ) के लिए डेट श्रेणी में शानदार प्रतिफल दिया है।
ऐसी योजनाएं ज्यादा प्रतिफल हासिल करने के लिए जोखिमपूर्ण पत्रों में निवेश करती हैं। वैल्यू रिसर्च द्वारा मुहैया कराए गए आंकड़े से पता चलता है कि इन योजनाओं ने पिछले एक साल में 9 प्रतिशत से ज्यादा का औसत प्रतिफल दिया है।
दूसरी तरफ, डायनेमिक बॉन्ड फंड, गिल्ट, और मनी मार्केट जैसी अन्य श्रेणियों ने 3-5 प्रतिशत का औसत प्रतिफल दिया है।
बाजार कारोबारियाों का कहना है कि पिछले एक साल में कुछ क्रेडिट रिस्क योजनाओं के प्रतिफल का अंतर समान अवधि वाले बॉन्ड फंडों के मुकाबले करीब 150-200 आधार अंक था, जिससे इन फंडों को अच्छा प्रदर्शन करने में मदद मिली।बड़ौदा क्रेडिट रिस्क फंड, बीओआई अक्सा क्रेडिट रिस्क फंड, और एचडीएफसी क्रेडिट रिस्क फंड जैसी योजनाएं एक साल में 12-17 प्रतिशत का प्रतिफल देने में कामयाब रहीं। 16 में से 9 योजनाओं ने 10 प्रतिशत से ज्यादा का प्रतिफल दिया। क्रेडिट रिस्क फंड ऐसी डेट योजनाएं हैं जो ऊंचा प्रतिफल हासिल करने के मसकद के साथ कम ऊंची रेटिंग वाली कंपनियों (एए और इससे नीचे) के लिए ज्यादा निवेश (कम से कम 65 प्रतिशत) करती हैं।
प्राइमइन्वेस्टर डॉ इन की सह-संस्थापक विद्या बाला ने कहा, सामान्य स्थिति में, जब बॉन्ड खराब प्रदर्शन नहीं करते हैं, आप क्रेडिट फंडों से अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद कर सकते हैं। हालांकि निवेशकों को इसे लेकर जागरूक रहने की रूरत होगी कि ये योजनाएं ज्यादा जोखिम वाली हैं। ब्याज चुकाने के लिए जारीकर्ता की क्षमता का यह मतलब नहीं है कि वह सुरक्षित है।’
उद्योग के अधिकारियों का कहना है कि कोरोनावायरस के प्रसार के बाद से सरकार और भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा उठाए गए कदमों से गैर-एएए रेटिंग कंपनियों को अपनी वित्तीय स्थिति सुधारने में मदद मिली है। एक डेट फंड प्रबंधक ने कहा, केंद्रीय बैंक के वृद्घि समर्थित अनुमान और आने वाले वर्षों में आर्थिक सुधार की संभावना से ऋण परिवेश में मजबूती देखी जा सकती है।’ वर्ष 2018 में आईएलऐंडएफएस संकट के बाद से, क्रेडिट रिस्क फंडों पर ध्यान बढ़ा है। कई मौकों पर कई क्रेडिट रिस्क फंडों ने ऋण पत्रों पर चूक की वजह से पूंजी में कमीी दर्ज की है। लेकिन कुछ हद तक कम प्रतिफल के जोखिम पर गुणवत्तायुक्त पत्रों में निवेश के लिए उद्योग की कोशिश से पिछले वर्ष के दौरान चूक को रोकने में मदद मिली। बाला ने कहा, क्रेडिट रिस्क श्रेणी में, बुरा समय पिछले कुछ वर्षों के दौरान देखने को मिला था। इसके परिणामस्वरूप, फंड प्रबंधक जमीनी आधार पर ज्यादा कार्य कर रहे हैं और अपने निवेश को लेकर ज्यादा सतर्कता बरत रहे हैं।’
हालांकि इस श्रेणी ने अच्छा प्रतिफल दिया है, लेकिन पिछले साल फ्रैंकलिन टेम्पलटन घटनाक्रम के बाद निवेशकों ने ऐसी योजनाओं को लेकर सतर्कता बरती है।
म्युचुअल फंड उद्योग के  संगठन एम्फी के आंकड़े से पता चलता है कि अप्रैल 2020 से क्रेडिट रिस्क फंडों ने 29,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की शुद्घ निकासी दर्ज की है। क्रेडिट रिस्क फंडों की औसत प्रबंधन अधीन परिसंपत्तियां (एयूएम) मार्च 2020 के अंत के 58,362 करोड़ृ रुपये से घटकर पिछले महीने के अंत में 25,351 करोड़ रुपये रह गईं।
फ्रैंकलिन टेम्पलटन म्युचुअल फंड द्वारा अप्रैल 2020 में अपनी 6 डेट योजनाओं को बंद किए जाने से पूरे उद्योग में चिंता व्याप्त हो गई थी। फंड हाउस ने बिकवाली दबाव और कोविड-19 महामारी की वजह से नकदी के अभाव का हवाला देते हुए इन योजनाओं को बंद करने का निर्णय लिया था। क्रेडिट रिस्क फंडों ने अप्रैल और अक्टूबर 2020 के बीच भारी बिकवाली दर्ज की।
सुंदरम ऐसेट मैनेजमेंट के सीआईओ (डेट) द्विजेंद्र श्रीवास्तव ने कहा, यह डेट फंडों में मुख्य श्रेणियों में से एक है जिस पर अस्थिरता का प्रभाव ज्यादा देखा जाता है। निवेशकों को ऐसे फंडों से जुड़े जोखिम को अच्छी तरह से समझ लेना चाहिए और उसके बाद ही निवेश करना चाहिए।’
ये योजनाएं लगातार ऊंचा प्रतिफल दे सकती हैं, क्योंकि इनमें महामारी, खासकर दूसरी लहर की वजह से बड़े स्तर पर डाउनग्रेड या चूक नहीं देखी गई है।

First Published - May 30, 2021 | 8:40 PM IST

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