facebookmetapixel
2025 में ध्वस्त हुईं भविष्यवाणियां: अर्थशास्त्री, रणनीतिकार और विदेश नीति के ‘एक्सपर्ट्स’ कैसे चूक गए? ऑफर लेटर के बाद भी नौकरी नहीं! विप्रो में 250 ग्रेजुएट्स की भर्ती लटकी, नाइट्स का गंभीर आरोपकमजोर ग्रोथ गाइडेंस से Wipro के शेयर 8% लुढ़के, ब्रोकरेज ने घटाए टारगेट प्राइसटाइगर ग्लोबल पर अदालती फैसले से ​विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों पर दबाव के आसार नहींकमजोर तिमाही नतीजों से बाजार दबाव में, सेंसेक्स-निफ्टी 10 हफ्ते के निचले स्तर पर बंदपहले दिन 77% उछला भारत कोकिंग कोल, IPO निवेशकों की हुई जबरदस्त कमाईअमेरिकी यील्ड का असर: सरकारी बॉन्ड यील्ड 10 महीने के हाई पर, रुपया भी दबाव मेंअब एक ही स्टेटमेंट में दिखेगी कमाई से निवेश तक की पूरी तस्वीर!Stock Market: बिकवाली के दबाव में बाजार, सेंसेक्स-निफ्टी फिसलेBudget 2026: क्यों टैक्स एक्सपर्ट न्यू टैक्स रिजीम में अभी और सुधार की मांग कर रहे हैं?

बैंकिंग सिस्टम में नकदी बढ़ी, सरकारी खर्च और स्वैप नीलामी का असर

शुद्ध नकदी 40,788 करोड़ रुपये तक पहुंची, विशेषज्ञों ने बताया मार्च तक और सुधार की उम्मीद

Last Updated- March 27, 2025 | 11:09 PM IST
Banks

बैंकिंग प्रणाली में शुद्ध नकदी बुधवार को 40,788 करोड़ रुपये हो गई। विशेषज्ञों के मुताबिक सरकारी खर्च और 10 अरब डॉलर की स्वैप नीलामी किए जाने का असर शुद्ध नकदी पर पड़ा है। भारतीय रिजर्व बैंक के आंकड़ों के अनुसार बैंकिंग प्रणाली में शुद्ध नकदी में मंगलवार को 1.57 लाख करोड़ रुपये की कमी थी। दरअसल, बैंकिंग प्रणाली में दिसंबर मध्य के बाद से शुद्ध नकदी में कमी जारी है और यह कमी जनवरी में बढ़कर 3.2 लाख करोड़ रुपये हो गई थी।

आईडीएफसी फर्स्ट बैंक की मुख्य अर्थशास्त्री गौरा सेन गुप्ता के अनुसार, ‘नीलामी के बुधवार के निपटान आंकड़ों के अनुसार सरकारी व्यय और स्वैप नीलामी के कारण नकदी की स्थिति बेहतर हुई। करीब 90,000 करोड़ रुपये की राशि स्वैप के जरिये आई।’

उन्होंने बताया कि मार्च के अंत तक नकदी कुछ अतिरिक्त हो जाएगी। सरकारी खर्च का कुछ असर नजर आने लगा है।

First Published - March 27, 2025 | 11:09 PM IST

संबंधित पोस्ट