facebookmetapixel
Advertisement
बांग्लादेश में नई सरकार का आगाज: तारिक रहमान के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होंगे ओम बिरलाBudget 2026 पर PM का भरोसा: ‘अभी नहीं तो कभी नहीं’ वाली मजबूरी खत्म, यह ‘हम तैयार हैं’ वाला क्षण9 मार्च को लोक सभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर होगी चर्चाIndia AI Impact Summit 2026: दिल्ली में जुटेगा दुनिया का दिग्गज टेक नेतृत्व, $100 अरब के निवेश की उम्मीदAI इम्पैक्ट समिट 2026: नगाड़ों की गूंज व भारतीय परंपरा के साथ 35,000 मेहमानों का होगा भव्य स्वागतदिल्ली में AI का महाकुंभ: भारत मंडपम में AI इम्पैक्ट समिट सोमवार से, जुटेंगे 45 देशों के प्रतिनिधिकॉरपोरेट इंडिया की रिकॉर्ड छलांग: Q3 में लिस्टेड कंपनियों का मुनाफा 14.7% बढ़ा, 2 साल में सबसे तेजएशियाई विकास बैंक का सुझाव: केवल जरूरतमंदों को मिले सब्सिडी, भ्रष्टाचार रोकने के लिए ऑडिट जरूरीRBI की सख्ती से बढ़ेगी NBFC की लागत, कर्ज वसूली के नए नियमों से रिकवरी एजेंसियों पर पड़ेगा बोझनिवेशकों की पहली पसंद बना CD: कमर्शियल पेपर छोड़ सर्टिफिकेट ऑफ डिपॉजिट की ओर मुड़ा रुख

बॉन्ड प्रतिफल नवंबर के बाद शीर्ष स्तर पर

Advertisement
Last Updated- January 27, 2023 | 11:47 PM IST
Bonds

सरकारी बॉन्ड का प्रतिफल शुक्रवार को तेजी से बढ़ा और सॉवरिन बॉन्ड की तय प्राथमिक नीलामी में मांग सुस्त रही क्योंकि बाजार के भागीदारों को डर है कि अगले साल के लिए केंद्र सरकार रिकॉर्ड उधारी कार्यक्रम का ऐलान कर सकती है।

10 वर्षीय बेंचमार्क बॉन्ड का प्रतिफल शुक्रवार को 7.39 फीसदी पर बंद हुआ, जो पिछले बंद स्तर से चार आधार अंक ज्यादा है। बॉन्ड की कीमतें और प्रतिफल एक दूसरे के विपरीत दिशा में चलते हैं। 10 वर्षीय प्रतिभूति के प्रतिफल में एक आधार अंक की बढ़ोतरी से कीमत में करीब 7 पैसे की गिरावट आती है।

10 वर्षीय बेंचमार्क बॉन्ड का शुक्रवार का बंद स्तर 7 नवंबर के बाद का सबसे ऊंचा प्रतिफल है। कारोबारी सत्र के दौरान 10 वर्षीय बेंचमार्क बॉन्ड का प्रतिफल 7.40 फीसदी के मनोवैज्ञानिक स्तर तक चढ़ गया था।

शुक्रवार को 30,000 करोड़ रुपये के सरकारी बॉन्ड की नीलामी हुई और इन पर कटऑफ प्रतिफल बाजार के अनुमानों से ज्यादा थे, जो बॉन्ड की कमजोर मांग का संकेत देता है। डीलरों ने यह जानकारी दी। 14 वर्षीय बॉन्ड का प्रतिफल (सरकार ने 11,000 करोड़ रुपये के ये बॉन्ड बेचे) खास तौर से कमजोर थे, जो अगले वित्त वर्ष में लंबी अवधि की प्रतिभूतियों की बड़ी आपूर्ति को लेकर असहजता को प्रतिबिंबित करता है।

यह भी पढ़ें: ऊर्जा मंत्रालय का टैक्स पेड ग्रीन बॉन्ड जारी करने का प्रस्ताव

अर्थशास्त्रियों व ट्रेजरी अधिकारियों के मुताबिक, 1 फरवरी को आम बजट में सरकार 15 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की सकल उधारी का ऐलान कर सकती है। ये आंकड़े बॉन्ड की आपूर्ति का प्रतिनिधित्व करते हैं और यह साप्ताहिक आधार पर बाजार में उतारे जाएंगे। लेकिन यह मौजूदा वर्ष की रिकॉर्ड सकल उधारी 14.3 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा होगी।

आईडीएफसी फर्स्ट बैंक की अर्थशास्त्री गौरा सेन गुप्ता ने कहा, वित्त वर्ष 24 में सरकारी प्रतिभूति शुद्ध‍ रूप से 11.8 लाख करोड़ रुपये की जारी हो सकती है।

Advertisement
First Published - January 27, 2023 | 11:47 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement