facebookmetapixel
Advertisement
RBI के ‘वेट एंड वॉच’ रुख के बाद Bank Stocks में मौका? एक्सपर्ट ने चुने टॉप पिक्सFY26 में 7.7% की रफ्तार से बढ़ी देश की अर्थव्यवस्था, पिछली तिमाही में 7.8% रही GDP ग्रोथ रेटसिर्फ निवेश करना काफी नहीं! जानिए इन्वेस्टमेंट की शुरुआत करने से पहले क्यों जरूरी है हेल्थ इंश्योरेंसबढ़ते दामों के बीच अल्ट्राटेक, जेके सीमेंट पर भरोसा बरकरार, लेकिन सेक्टर को लेकर सतर्क ब्रोकरेजNPS में शामिल होना और आसान! क्या है नया StAR NPS प्लेटफॉर्म, जो आपको पेंशन फंड बनाने में करेगा मददRBI MPC June Meeting 2026: रीपो दर यथावत रखने से रियल एस्टेट क्षेत्र को मिला स्थिरता का सहाराSBI Credit Card यूजर्स को झटका! 1 जुलाई से इन खर्चों पर नहीं मिलेंगे रिवॉर्ड पॉइंट्सPower Demand: मई में टूटा बिजली मांग का रिकॉर्ड! 271 GW पर पहुंचा भारत, आगे क्या होगा?अमेरिका से TCS, Infosys और Wipro के लिए राहत की खबर, लेकिन एक बड़ा खतरा बरकरारNRI-OCI को बड़ी राहत, RBI के नए नियमों से शेयर बाजार को क्या फायदा होगा?

बॉन्ड प्रतिफल नवंबर के बाद शीर्ष स्तर पर

Advertisement
Last Updated- January 27, 2023 | 11:47 PM IST
Bonds

सरकारी बॉन्ड का प्रतिफल शुक्रवार को तेजी से बढ़ा और सॉवरिन बॉन्ड की तय प्राथमिक नीलामी में मांग सुस्त रही क्योंकि बाजार के भागीदारों को डर है कि अगले साल के लिए केंद्र सरकार रिकॉर्ड उधारी कार्यक्रम का ऐलान कर सकती है।

10 वर्षीय बेंचमार्क बॉन्ड का प्रतिफल शुक्रवार को 7.39 फीसदी पर बंद हुआ, जो पिछले बंद स्तर से चार आधार अंक ज्यादा है। बॉन्ड की कीमतें और प्रतिफल एक दूसरे के विपरीत दिशा में चलते हैं। 10 वर्षीय प्रतिभूति के प्रतिफल में एक आधार अंक की बढ़ोतरी से कीमत में करीब 7 पैसे की गिरावट आती है।

10 वर्षीय बेंचमार्क बॉन्ड का शुक्रवार का बंद स्तर 7 नवंबर के बाद का सबसे ऊंचा प्रतिफल है। कारोबारी सत्र के दौरान 10 वर्षीय बेंचमार्क बॉन्ड का प्रतिफल 7.40 फीसदी के मनोवैज्ञानिक स्तर तक चढ़ गया था।

शुक्रवार को 30,000 करोड़ रुपये के सरकारी बॉन्ड की नीलामी हुई और इन पर कटऑफ प्रतिफल बाजार के अनुमानों से ज्यादा थे, जो बॉन्ड की कमजोर मांग का संकेत देता है। डीलरों ने यह जानकारी दी। 14 वर्षीय बॉन्ड का प्रतिफल (सरकार ने 11,000 करोड़ रुपये के ये बॉन्ड बेचे) खास तौर से कमजोर थे, जो अगले वित्त वर्ष में लंबी अवधि की प्रतिभूतियों की बड़ी आपूर्ति को लेकर असहजता को प्रतिबिंबित करता है।

यह भी पढ़ें: ऊर्जा मंत्रालय का टैक्स पेड ग्रीन बॉन्ड जारी करने का प्रस्ताव

अर्थशास्त्रियों व ट्रेजरी अधिकारियों के मुताबिक, 1 फरवरी को आम बजट में सरकार 15 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की सकल उधारी का ऐलान कर सकती है। ये आंकड़े बॉन्ड की आपूर्ति का प्रतिनिधित्व करते हैं और यह साप्ताहिक आधार पर बाजार में उतारे जाएंगे। लेकिन यह मौजूदा वर्ष की रिकॉर्ड सकल उधारी 14.3 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा होगी।

आईडीएफसी फर्स्ट बैंक की अर्थशास्त्री गौरा सेन गुप्ता ने कहा, वित्त वर्ष 24 में सरकारी प्रतिभूति शुद्ध‍ रूप से 11.8 लाख करोड़ रुपये की जारी हो सकती है।

Advertisement
First Published - January 27, 2023 | 11:47 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement