facebookmetapixel
अश्लील AI कंटेंट पर सरकार सख्त: Grok की व्यापक समीक्षा करें X, 72 घंटे में रिपोर्ट पेश करने का आदेशमहिंद्रा समूह के CEO अनिश शाह का जरूरी संदेश: बड़ा सोचो, कम करो लेकिन उसे अच्छे से क्रियान्वित करोAdani Total ने घटाई CNG और PNG की कीमतें, आम उपभोक्ताओं को मिलेगी सीधी राहतछोटे निर्यातकों को बड़ी राहत: सरकार ने ₹7,295 करोड़ का निर्यात सहायता पैकेज और ऋण गारंटी योजना का किया ऐलानदेवयानी-सफायर के विलय को मिली मंजूरी, भारत में केएफसी-पिज्जा हट के नेटवर्क को करेगा मजबूतसुप्रिया लाइफ साइंसेज ने अंबरनाथ में नई इकाई से विनियमित वैश्विक बाजारों में दांव बढ़ायाECMS के तहत 22 और प्रस्ताव मंजूर, इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग में ₹41,863 करोड़ का निवेश!2026 में भारतीय विमानन कंपनियां बेड़े में 55 नए विमान शामिल करेंगी, बेड़ा बढ़कर 900 के करीब पहुंचेगाIndia manufacturing PMI: नए ऑर्डर घटे, भारत का विनिर्माण दो साल के निचले स्तर पर फिसलाभारत में ऑटो पार्ट्स उद्योग ने बढ़ाया कदम, EV और प्रीमियम वाहनों के लिए क्षमता विस्तार तेज

नए डिप्टी गवर्नर के लिए बहस हुई तेज

Last Updated- December 08, 2022 | 12:04 AM IST

ऐसे समय में जब भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के डिप्टी गवर्नर के उत्तराधिकारी के चयन की प्रक्रिया अपने अंतिम दौर में पहुंच रही है, यह बहस जोर पकड़ रही है कि क्या किसी बैंकर को ही इस पद के लिए चुनने की चली आ रही प्रथा उचित है। 


इस पूरे मामले में करीब से जुड़े सूत्रों ने बताया कि इस बहस ने कुछ बैंक यूनियनों के वित्त मंत्रालय जाने के बाद जोर पकड़ा है। उन्होंने तर्क दिया कि किसी व्यवसायिक बैंकर को डिप्टी गवर्नर बनने से हितों में टकराव बढ़ जाता है।  सूत्रों ने बताया कि पीएमओ आरबीआई और वित्त मंत्रालय के सहयोग से लीलाधार का उत्तराधिकारी खोजने के लिए एक पैनल बनाएगा जो दिसंबर 2008 को यह पद छोड़ रहे हैं।

First Published - October 15, 2008 | 10:47 PM IST

संबंधित पोस्ट